माँ से मिली नसीहत, अब जिले में अभियान चलाकर छात्र कर रहा जल संरक्षण 

माँ से मिली नसीहत, अब जिले में  अभियान चलाकर छात्र कर रहा जल संरक्षण छात्र रामबाबू तिवारी को सम्मानित करते पदाधिकारी।

ओपी सिंह परिहार, स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

इलाहाबाद। घर में पानी भरने के लिए माँ की मेहनत देखकर एक युवा को ऐसी नसीहत मिली की उसने जल संरक्षण का अभियान ही छेड़ दिया है। प्रदेश के बाँदा निवासी रामबाबू तिवारी जो इलाहाबाद शिक्षा ग्रहण करने के लिए आए, लेकिन शहर में पानी की उपलब्धता व उसके दुरुपयोग को देखकर जल संरक्षण अभियान की ही शुरुआत कर दी। अब वे अभियान शुरू कर लोगों को जल बचाव के लिए जागरूक करने में जुट गए हैं। इसके लिए उन्होंने अपने सहपाठियों के साथ वरिष्ठों की मदद भी ली। खास बात ये कि सभी ने खुलकर इनकी मदद भी की।

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रामबाबू ने बताया,“लोग घरों के सामने पानी का छिड़काव और कार की धुलाई में बड़े स्तर पर नुकसान करते थे। उस वक्त कुछ लोगों को ये समझाने का प्रयास भी किया पर किसी ने सुझाव पर गौर नही किया। मन में जल सरंक्षण की बात चलती रही। इंटर तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए इलाहाबाद विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। ”

छात्रावास से शुरू किया अभियान

बाँदा जिले के बबेरू अंतर्गत अंघाव गाँव के निवासी रामबाबू ने 9वीं की पढ़ाई के लिए इलाहाबाद के कर्नलगंज इंटर कालेज में दाखिला लिया। शहर में रहने की शुरुआत में ही पानी की सुगम उपलब्धता पर इनकी नज़र गयी। जिसके बाद इन्होंने देखा की शहरवासी उपलब्ध पानी का कैसे दुरूपयोग करते हैं। सन 2012 में विश्व विद्यालय में दाखिले के बाद रामबाबू तिवारी को सर पीसीबी छात्रावास में कमरा एलाट हुआ। जहां बड़े स्तर पर पानी का दुरूपयोग चल रहा था। कई बाथरूम में टोंटियां ही नहीं थी। छात्र नल खोलकर सीधे स्नान करते थे।

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रामबाबू तिवारी ने सभी छात्रों को अपने क्षेत्र में पानी की समस्या और उसके लिए होने वाली मेहनत को बताते हुए सबको पानी के दुरूपयोग को बंद करने के लिए तैयार किया। रामबाबू की बात समझ में आने के बाद छात्रावास के सभी विद्यार्थी आखिरकार जल दुरुपयोग रोकने के लिए तैयार हो गए। छात्रावास के नलों में टोटी लगवाने के लिए सभी विद्यार्थी अधीक्षक डॉ. विनोद पांडेय और छात्रावास संरक्षक बीपी सिंह से मिले। छात्रावास के नलों को दुरुस्त कराने के बाद सभी छात्रों ने पानी कम उपयोग करने की शपथ ली। इससे रामबाबू का हौसला अफजाई हुआ। उसके बाद ये निरन्तर जल संरक्षण अभियान में आगे बढ़ने लगे।

गाँव की समस्या बताकर लोगों को करते हैं जागरूक

रामबाबू अपने गाँव में मौजूद पानी की समस्या और पानी की एक बूंद के लिए ग्रामीणों की तरफ से किये जाने वाले प्रयास को बताकर जल के प्राकृतिक स्रोत को बचाने के लिए जागरूक करते हैं। घर में पानी लाने के लिए अपनी माता जी के प्रयासों को याद करते हुए वे भावुक हो उठते हैं। भावुक होते हुए वे बताते हैं,“ सुबह उठकर सबसे पहले मेरी माँ घर से करीब डेढ़ किलोमीटर स्थित गॉंव के एकमात्र कुएं से पानी लाने जाती थी। हर दिन इनकी दिनचर्या की शुरुआत इसी कार्य से होती थी। यह हाल गाँव के हर घर की महिलाओं की है जिसे देखकर मैं बचपन में ही सोच लिया था की जल के प्राकृतिक स्रोत बचाने के लिए अभियान शुरू करेंगे।”

समगरा कैनाल पम्प शुरू करा क्षेत्र के किसानों को दिया तोहफा

गाँव के पास वर्षों से बंद पड़ा समगरा कैनाल पम्प को शुरू कराने का बीड़ा रामबाबू ने उठाया। इसके लिए उन्होंने क्षेत्रवासियों से मदद की अपील की। क्षेत्रवासियों के साथ पम्प कैनाल पर नियुक्त अभियंता से मिले जिसने तमाम वजह बताते हुए कैनाल पम्प को शुरू करने से मना कर दिया। तब वे तत्कालीन मुरलीधर दुबे से मुलाकात की।

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जहां समस्या के समाधान के लिए आश्वासन मिला और 15 दिन के अंदर समगरा कैनाल पम्प शुरू हो गया। रामबाबू तिवारी के मुताबिक क्षेत्र के तकरीबन 22 गाँवो के किसान अपने फसल की सिंचाई करते हैं।

पर्यावरण दिवस पर 21 गाँवो को करेंगे जागरूक

इलाहाबाद के यमुनापार स्थित गाँव जहां पानी की बड़े स्तर पर समस्या है वहा पर्यावरण दिवस के दिन लोगों को जागरूक करने का काम करेंगे। 5 जून को इस कार्य की शुरुआत जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर स्थित पथरदाल गाँव से करेंगे।

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