मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं से कहा, तकनीकी का इस्तेमाल करें और स्वरोजगार की तरफ बढ़ें

मुख्यमंत्री योगी ने युवाओं से कहा, तकनीकी का इस्तेमाल करें और स्वरोजगार की तरफ बढ़ेंयुवाओं को रोजगार, दिलाने और यूपी को आगे बढ़ाने के लिए स्टार्टअप यात्रा शुरू की जा रही है (फोटो : साभार ट्विटर)

लखनऊ। “भीड़ का हिस्सा मत बनिए, तकनीकी का सहयोग लीजिए और कुछ नया कीजिए। स्टार्टअप का एक नया इनोवेशन एक गाँव की किस्मत बदल सकता है। स्टार्टअप्स इस दिशा में आपकी हर संभव मदद करेंगे। यूपी सरकार ने इसके लिए 1000 करोड़ का कॉपर्स फंड स्थापित किया है।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्टार्टअप यात्रा का शुभारंभ करते हुए यह बात कही।

लखनऊ में बुधवार को स्टार्टअप यात्रा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “युवाओं को रोजगार, दिलाने और यूपी को आगे बढ़ाने के लिए स्टार्टअप यात्रा शुरू की जा रही है।” इस दौरान मुख्यमंत्री ने कई कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं में जोश भरते हुए कहा, “उन्हें तकनीकी का सहारा लेकर स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाले काम करने चाहिए।’’ एक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि यूपी सरकार युवाओं को रोजगार शुरू करने और उन्हें आगे बढ़ाने में भरपूर मदद करेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “युवाओं के लिए स्टार्टअप, स्टैंडअप डिजिटल इंडिया, मुद्रा समेत कई योजनाएं हैं, लेकिन मूल समस्या पैसे की होती है,इसलिए सरकार ने 1000 करोड़ रुपए का कॉपर्स फंड स्थापित किया है। इसके लिए 15 सितंबर तक सिडबी से एमओयू हो जाएगा जिसके तहत स्टार्टअप को 10 लाख रुपए की एक मुश्त या 17 हजार रुपए की मासिक मदद की जाएगी। कॉल सेंटर के माध्यम से स्टार्टअप की समस्याएं सुलझाएगी, एक मोबाइल एप लॉन्च करेंगे।”

ये भी पढ़ें- आईटी सेक्टर की नौकरियों पर संकट, दूसरे सेक्टर भी बेहाल, जानिए क्या है वजह

उन्होंने आगे कहा, “किसानों को खेती से अगर अच्छी पैदावार होगी, उत्पादन का अच्छा मूल्य मिलेगा तो किसानों की आमदनी बढ़ेगी। यूपीके हर जिले की अपनी खासियत है इसलिए हमने वन डिस्ट्रक्ट, वन प्रॉडक्ट की योजना शुरू की है। आप युवा भी इसमें जुड़ सकते हैं। सरकार उन्हें हर सुविधा मुहैया कराएगी। पहले चरण में सरकार की तरफ से 75 लोगों को उत्तर प्रदेश के हर जिले में नियुक्त करेंगे। ये नौजवान उनजिलों में काम करेंगे, जानेंगे कि परंपरागत कामों को नई तकनीक से कैसे किया जा सकता है और अपनी रिपोर्ट सरकार को देंगे।”

युवाओं में जोश भरते हुए सीएम ने कहा कि आपके लिए कई योजनाएं बनाई गई हैं, बस आपको थोड़े प्रयास करने की आवश्कता है, समस्या ये हैकि हम लोगों ने शिक्षा को सिर्फ अक्षर ज्ञान तक सीमित कर दिया है, उसके व्यवसायिक पक्ष को भूल गए हैं, स्टार्टअप इंडिया समेत जो कार्यक्रमहैं, उनका लक्ष्य है वो हिचक और जहां अपने आप को अपने अंदर की हिचक को दूर सकें, संकोच को दूर कर सकें, आत्मनिर्भर बनने में बड़ी बाधाहै।

उन्होंने कहा कि 22 करोड़ की आबादी वाला यूपी देश का सबसे बड़ा और युवाओं वाला राज्य है। इसलिए हमारी कोशिश है कि यहां भारत का सबसेबड़ा इन्क्यूबेटर स्थापित हो सके। स्टैंडअप यूपी और स्टैंडअप यूपी यानि जब यूपी जब खड़ा होगा तो भारत खड़ा होगा, क्योंकि ये देश का सबसेयुवा राज्य है। स्टार्टअप के लिए http://www.itpolicyup.gov.in वेबसाइट है।

ये भी पढ़ें- सत्यदेव पचौरी ने कहा, गाँव में ही लोगों को मिले रोजगार

सीएम योगी ने कहा कि भ्रष्टाचार को खत्म करने और पारदर्शिता के लिए तकनीनी अपनानी होगी। इसमें युवा अहम किरदार निभा सकते हैं। 4 साल में हम 27000 गांवों को ऑप्टिकल फायबर से जोड़ने जा रहे हैं। तब ये सभी सरकारी योजनाओं से सीधे जुड़ जाएंगे। वहां रोजगार के अवसरपैदा होंगे और सारी योजनाएं सीधे गांव तक पहुंच जाएंगी। ये कार्यक्रम यूथ इंटीग्रेटेड डेवेलपमेंट सोसाइटी द्वारा आयोजित किया गया था।

गाँव की किस्मत पलट सकता है एक इनोवेशन

कृषि को बहुत बड़ा और असीम संभावनाओं वाला क्षेत्र बताते हुए मुख्यमंत्री ने गोरखपुर के एक बीटेक पास युवक का उदाहरण दिया, जिसनेनौकरी छोड़ खेती में नई तकनीकी का इस्तेमाल किया और पूरे गाँव का हुलिया बदल दिया। सीएम ने कहा, “स्टार्टअप का एक इनोवेशन गाँव कीकिस्मत बदल सकता है। यूपी में 60 हजार गाँव हैं और अगर 60 हजार युवा एक-एक गाँव को पकड़कर काम करना शुरू कर दें तो गाँव कीतकदीर बदल सकती है। गाँव के किसानों को लोगों को नई तकनीकी सिखाएं, उनके उत्पादों के लिए मार्केट की व्यवस्था करें।”

किराए पे डॉट कॉम के बारे में बतातीं अनुषा अग्रवाल

किराए पे डॉट कॉम पर मिलती हैं पुरानी किताबें, हेडफोन और कैमरा सबकुछ

कार्यक्रम के दौरान कई युवाओं ने अपने स्टार्टअप की प्रदर्शनी भी लगाई। किराए पर पुरानी किताबें, हेडफोन, गिटार, कैमरा तक किराए पर देने काकाम शुरू किया है ... डॉट काम ने। चार युवाओं ने मिलकर ये काम शुरू किया है, फिलहाल ये लोग अपने कॉलेज के छात्र-छात्राओं को ही चीजें किराए पर देते हैं। स्टार्टअप टीम से जुड़ी अनुषा अग्रवाल बताती हैं, “छात्रों के पास पैसे की दिक्कत होती है और जरूरतें कई सारी। सिर्फ इतना ही नहीं बहुत से वरिष्ठ छात्रों की किताबें काम नहीं आती। हम लोगों ने उसी को रोजगार बनाने की कोशिश की है। मैं एमबीए के सेकेंड सेमेस्टर पर हूं तो पिछले सेमेस्टर की किताबें किराए पर दे दी। यहां तक पिछले दिनों में मैंने अपना हेडफोन किराए पर दिया और 70 रुपए एक दिन के लिए। इससे कई लोगों को सहूलियत हो रही है।”

लखनऊ में सीतापुर रोड स्थित आईईटी की छात्रा अनुषा अग्रवाल ने अपने सीनियर साथी सौरभ सिंह और अन्य तीन लोगों के साथ मिलकर ये साइट शुरू की। उनका कहना है अभी वो सिर्फ अपने कॉलेज के छात्रों पर बुक और जरूरी चीजें जैसे किताबें, नोट्स, कैमरा, मोबाइल, हेडफोन, गिटार और यहां तक ज्वैलरी तक किराए पर देते हैं। आने वाले दिनों में आसपास के कॉलेजों को जोड़ेंगे।

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top