कानून-व्यवस्था संभालने में योगी सरकार विफल: कांग्रेस

कानून-व्यवस्था संभालने में योगी सरकार विफल: कांग्रेसमुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

लखनऊ। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्टेट गेस्ट हाउस जैसे सुरक्षित एवं संवेदनशील स्थान पर कर्नाटक में तैनात आईएएस की मौत प्रदेश सरकार की कानून-व्यवस्था पर कई सवाल खड़ी करती है। अब प्रदेश में आईएएस अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं। यह दिखाता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था का बुरा हाल है।

कांग्रेस पार्टी ने इस मामले को लेकर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता अमरनाथ अग्रवाल ने गुरूवार को एक बयान जारी करके कहा कि एक तरफ मुख्यमंत्री प्रदेश में कानून व्यवस्था सुचारू रूप से लागू करने के लिए एक वर्ष का समय चाहिए की बात करते हैं वहीं दूसरी तरफ सरकार का दावा कि कानून व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में है, प्रदेश की योगी सरकार के इस तरह के बयान यह साबित करते हैं कि प्रदेश सरकार कानून व्यवस्था के मुद्दे पर किंकर्तव्यविमूढ़ की स्थिति में आ चुकी है और कानून व्यवस्था प्रदेश सरकार के बस के बाहर हो गई है।

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उन्होंने कहा कि कि बेहतर कानून व्यवस्था के नारे के नाम पर यूपी में बनी योगी सरकार के दो माह भी नहीं बीते हैं कि कानून व्यवस्था पर समय मांगे जाने के मुख्यमंत्री का बयान उनकी घबराहट और नाकामी दर्शाता है।

प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश में योगी सरकार के बनने के बाद अपराधों में बाढ़ सी आई हुई है और सरकार कानून व्यवस्था बहाल करने में पूरी तरह से विफल है। इलाहाबाद में जिस प्रकार निर्भया काण्ड से भी वीभत्स सामूहिक बलात्कार और हत्या की घटना हुई।

प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ज्वैलर्स के यहां हुई करोड़ों की डकैती का खुलासा पुलिस नहीं कर पाई कि मथुरा में संकरी गलियों में स्वर्ण व्यवसायी की दुकान में करोड़ों की डकैती कर दो व्यापारियों की गोली मारकर हत्या करने की घटना हो, सहारनपुर में सरकार और प्रशासन की अकर्मण्यता के चलते कई दिनों तक दलितों का दमन और हत्याएं हों जहां जातीय संघर्ष को रोकने में प्रदेश सरकार विफल रही। यह तमाम घटनाएं दर्शाती है कि कानून व्यवस्था को लागू करने वाले अधिकारी भी फेल हो चुके हैं, क्योंकि इन सबके पीछे सत्ताधारी दल समर्थक गोरक्षकों एवं हिन्दू युवा वाहिनी और भाजपा के कार्यकर्ताओं के अराजक समूहों की ओर से कानून व्यवस्था हाथ में लेना और पुलिस का मनोबल तोड़ना ही मुख्य कारण है। चाहे वह सहारनपुर में एसएसपी के घर पर हमला हो, गोरखपुर में महिला आईपीएस के साथ भाजपा विधायक की तरफ से बदसलूकी हो। लगभग पूरे प्रदेश में भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस की पिटाई एक आम घटना हो चुकी है। आज प्रदेश की जनता भय के माहौल में जीने को मजबूर है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने मांग की है कि स्टेट गेस्ट हाउस में आईएएस अधिकारी की मृत्यु की उच्च स्तरीय जांच करायी जाय। इसके साथ ही एसएसपी सहारनपुर के घर में घुसकर हुए हमले, गोरखपुर में महिला आईपीएस के साथ हुए र्दुव्यवहार सहित तमाम पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार की भी जांच कराई जाए। दोषियों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराकर कड़ी कार्यवाही की जाए।

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