कैसे करें प्याज की खेती और बढाएं अपनी आमदनी 

Vinod SharmaVinod Sharma   9 Nov 2017 3:39 PM GMT

कैसे करें प्याज की खेती और बढाएं अपनी आमदनी प्याज़

स्वयं प्रोजेक्ट डेस्क

वाराणसी। प्याज की खेती से महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात व आंध्र प्रदेश के किसानों की सम्पन्नता किसी के छिपी नहीं है। प्याज की खेती किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उसमें भी रबी की प्याज की खेती उत्तम और भरोसेमंद मानी जाती है।

वर्तमान में प्याज की कीमतों में आई उछाल ने सरकार तक को हिला दिया है। ऐसी स्थिति में पूर्वांचल के किसान भी कृषि वैज्ञानिकों की सलाह लेकर प्याज की अच्छी पैदावार कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं।

वाराणसी जनपद के कई ब्लाकों में रबी की खेती में किसान जुट गए हैं। वे अपने अपने हिसाब से खेतों में बीज डालने लगे हैं, जिससे समय पर पैदावार हो सके। प्याज की अच्छी पैदावार देने वाली प्रजाति एग्रीफाउंड लाइट रेड, अर्का कल्याण, अर्का प्रगति पूर्वांचल के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

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इसका औसत उत्पादन 250 से 300 कुंतल प्रति हेक्टेयर है। प्याज की नर्सरी डालने के बारे में एनएचआरडीएफ के सेवानिवृत्त तकनीकी सहायक बीके सिंह ने बताया कि एक हेक्टेयर प्याज रोपने के लिए आठ से 10 किलो प्याज के बीज की नर्सरी डालनी चाहिए। बीज उठी हुई क्यारियों में ही डालें। प्याल की फसल 140 से 145 दिन में तैयार हो जाती है। तैयार फसल की खुदाई से 15 दिन पहले सिंचाई बंद कर देनी चाहिए।

अमरपट्टी गाँव के किसान नवीन यादव बताते हैं कि वह करीब एक हेक्टेयर खेत में प्याज की खेती करते हैं।खेत में एक माह पहले नर्सरी पड़ गयी है। दिसम्बर में रोपाई होगी। मार्च और अप्रैल फसल तैयार हो जाएगी। हर साल एक हेक्टेयर खेत में 200 कुंतल प्याज की खेती करते हैं, जिससे कम लागत में अच्छी आदमी होती है। प्याज की खेती करते समय मिट्टी की जांच जरूर करा लें, जिससे सही मात्रा में उर्वरक डालते हैं।

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रोगों से बचाव

रोगों से बचाव के लिए बीज और पौधशाला की मिट्टी को कवक नाशी या थीरम आदि से उपचारित कर लेना चाहिए। बीज और पौधशाला को ट्राइकोडर्मा से भी उपचारित किया जा सकता है। उसके बाद बीज की नर्सरी डालकर पुवाल आदि से ढक देना चाहिए। जमाव के बाद पुवाल हटाकर हल्की सिंचाई करनी चाहिए। रबी में प्याज की नर्सरी आठ से नौ सप्ताह में रोपाई करने की स्थिति में हो जाती है। रोपाई से पूर्व पौधों की जड़ों को कार्बेंडाजिम, नौ प्रतिशत के घोल में डूबा देना चाहिए।

प्याज लगाने से पूर्व मिट्टी की जांच करा लेनी चाहिए। एक हेक्टेयर खेत में 20 से 25 तक गोबर की खाद रोपाई से एक माह पूर्व ही खेत में मिला देना चाहिए। अच्छे उत्पाद के लिए प्रति हेक्टेयर 100 किलोग्राम नाइट्रोजन, 50 किलोग्राम फास्फोरस और ६0 किग्रा पोटाश की आवश्यकता पड़ती है। गंधक और जिंक की कमी होने पर ही उपयोग करें।

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