यूपी के पाठ्यक्रम में शामिल होगी जीरो बजट कृषि : योगी आदित्यनाथ

यूपी के पाठ्यक्रम में शामिल होगी जीरो बजट कृषि : योगी आदित्यनाथयोगी अादित्यनाथ

लखनऊ। किसान बिना किसी लागत के प्राकृतिक रूप से खेती करके अपनी आय बढ़ा सकें इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार जीरो लागत प्राकृतिक कृषि को बढ़ावा देने के साथ ही इसे कृषि विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में भी शामिल करेगी। सरकार का कहना है कि गाय आधारित खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आमदनी बढ़ाई जा सकती है। यूपी में कृषि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी जीरो बजट प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग लेंगे।

लोक भारती संस्थान की तरफ से बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय लखनऊ में 20 से लेकर 25 दिसंबर तक शून्य लागत प्राकृतिक कृषि शिविर के उदघाटन अवसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने की। इस अवसर पर जीरो लागत यानि शून्य लागत कृषि के जन्मदाता पद्मश्री सुभाष पालेकर भी किसानों को संबोधित किया।

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कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा '' उत्तर प्रदेश के कृषि वैज्ञानिक और कृषि की पढ़ाई करने वाले छात्र जीरो लागत प्राकृतिक कृषि को सीख सकें इसके लिए उत्तर प्रदेश के चार कृषि विश्वविद्यालयों में अगले सत्र से इसको पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। '' उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों और कृषि वैज्ञानिकों को भी जीरो बजट प्राकृतिक कृषि का प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ की आबादी में से ज्यादातर संख्या कृषि पर आधारित है। कृषि से सबसे ज्यादा रोजगार मिलता है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता है। किसानों को इससे लाभ मिलेगा।

योगी ने कहा कि आधुनिक खेती का प्रचलन पंजाब से हुआ लेकिन स्थिति यह है कि वहां अब कैंसर ट्रेन चलाई जा रही है। रासायनिक खेती से वहां के लोग कैंसर के मरीज बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार देसी गोवंश को बढ़ावा देने की लिए काम कर रही है क्योंकि गाय के गुणों के कारण ही गाय को माता माना गया है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बुंदेलखंड में पशुओं से किसान परेशान हैं, खेतों को पशु नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐेस में अवारा पशुओं के लिए गो-अभ्यारण्य बनाने की योजना पर उनकी सरकार काम कर रही है।

इस अवसरपर मुख्यमंत्री ने किसानों से विशुद्ध भारतीय परंपरा के अनुसार खेती करने की अपील की। उन्होंने कहा कि देसी गायों का पालन और उनके गोबर के इस्तेमाल से बेहतर खेती की जा सकती है औ 90 प्रतिशत पानी बचाया जा सकता है।

जीरो लागत प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविर में उत्तर प्रदेश के 921 ब्लाक से कम से कम एक किसान और पूरे देश से 1500 किसान भाग ले रहे हैं। इस प्रशिक्षण शिविर में शून्य लागत कृषि से प्राकृतिक खेती कैसे किसान करें यह जानकारी सुभाष पालेकर दे रहे हैं।

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