विकास के लिए तरस रहा सांसद आदर्श ग्राम

विकास के लिए तरस रहा सांसद आदर्श ग्रामगाँव कनेक्शन

प्रतापगढ़। "सांसद जी ने जब गाँव को गोद लिया तो हम लोग बहुत खुश थें, लेकिन गाँव को गोद लिए एक वर्ष से भी ज्यादा हो गया है, यहां विकास के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ, बस नाम हो गया की गाँव आदर्श गाँव है।" शाहबरी गाँव के रामबख्श सिंह (50 वर्ष) ने बताया।

जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी पश्चिम दिशा में सांगीपुर ब्लॉक में लालगंज-अमेठी मुख्यमार्ग से सटा है सांसद का आदर्श गाँव शाहबरी।

प्रतापगढ़ के सांसद कुंवर हरिवंश सिंह अपने गोद लिए गाँव में अभी तक सिर्फ़ दो बार ही आए हैं, वो भी सिर्फ कार्यक्रम स्थल तक। एक बार जिस दिन गाँव के बारे जानना था और एक बार जब गाँव को गोद लिया गया। शाहबरी गाँव के पूर्व प्रधान वासूदेव कन्नौजिया बताते हैं, "सांसद जी अभी तक दो ही बार आए, पहली बार आए तो कार्यक्रम में अपने खाते से निकाल कर 90 हज़ार

खर्च हुए जिसमें हजारों लोग आए फिर दूसरी बार आए तब भी 40.50 हज़ार रुपये खर्च हो गए। हम लोगों को उम्मीद जगी की अब गाँव का विकास होगा, लेकिन एक साल से ज्यादा बीत गया है, अभी तक कुछ नहीं हुआ है।" वो आगे बताते हैं, "अब तो सांसद जी फ़ोन भी नहीं उठाते हैं। मेरी प्रधानी तो खत्म हो गयी अब नए प्रधान देखो क्या कराते हैं।"

शाहबरी ग्राम पंचायत में 12 पुरवे और आते हैं, यहां की जनसंख्या लगभग 5000 के करीब है। पंचायत में पिछड़ी और अनुसूचित जाति की जनसंख्या ज्यादा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2014 को सांसद आदर्श ग्राम की योजना की शुरू की थी, इस योजना में सभी सांसदों को अपने संसदीय क्षेत्र में एक गाँव को गोद लेना था। सभी सांसद 2016 तक एक गाँव का विकास कर उसे आदर्श गाँव बनाये और 2019 तक दो और गाँवों को गोद लेकर उसे आदर्श गाँव बनाए।

लालगंज-अमेठी मार्ग पर किराना की दुकान चलाने वाले नरसिंह बहादुर सिंह (65 वर्ष) आदर्श गाँव के बारे में पूछने पर गुस्से से कहते हैं, "लोगों को लगता है की सांसद ने गाँव को गोद ले लिया तो गाँव में बदलाव होगा और गाँव का विकास हो जाएगा। बस नाम का आदर्श गाँव है अब तक कुछ भी नहीं हुआ।" वो आगे कहते हैं, "गाँव में उन्हीं के पास शौचालय है जिन्होंने खुद से बनाया है और सब बाहर ही जाते हैं।"

शाहबरी गाँव के निवासी मोतीराम वर्मा (45 वर्ष) दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। मोतीराम अपने गिरे हुए घर को दिखाते हुए कहते हैं, "जब पता चला की गाँव को सांसद जी ने गोद लिया है तो बहुत ख़ुशी हुई की मुझे भी घर मिल जाएगा, लेकिन अब तक कुछ भी न हुआ।" शाहबरी ग्राम पंचायत की नयी प्रधान कंचन सिंह बताती हैं, "हमारी यही कोशिश रहेगी की सांसद जी बात करके गाँव का विकास करवाए, पिछले प्रधान ने कुछ भी नहीं कराया था।"

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