Virendra Singh

Virendra Singh

Swayam Desk स्वयं कम्यूनिटी जर्नलिस्ट, बाराबंकी


  • मेंथा के साथ खस की खेती : एक खर्चे में दोहरा लाभ

    बाराबंकी। पारंपरिक खेती के दायरे से बाहर निकलकर यहां के किसानों ने इस बार मेंथा की खेती के साथ खस की खेती करनी शुरू कर दी और यह सहफसली खेती इन किसानों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है। बाराबंकी जिला मुख्यालय से 38 किलोमीटर उत्तर दिशा में सूरतगंज ब्लॉक के अकमबा गाँव के किसान राम मनोरथ वर्मा...

  • खीरे की अगेती फसल, तीन महीने में एक एकड़ से दो लाख की कमाई

    बाराबंकी(उत्तर प्रदेश)। जहां कभी धान गेहूं और मोटे अनाज भी पैदा नहीं होते थे वहां एक युवा किसान के अथक प्रयास से अगेती खीरे जैसी फसल लहरा रही है और क्षेत्र के तमाम किसान उनसे प्रेरित होकर खीरे, खरबूजा, तोरई और तरबूज जैसे नगदी फसलें पैदा करने लगे हैं बाराबंकी जिला मुख्यालय से 38 किलोमीटर उत्तर...

  • मनरेगा मजदूरों से भी बुरी हालत में चौकीदार

    मोहम्मदपुर खाला (बाराबंकी)। अचानक से एक शब्द 'चौकीदार' की चर्चा हर जगह हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने खुद को देश का चौकीदार बताया तो कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चौकीदार चोर है। इस तमाम चिल्लाहट के बीच असल में इन चौकीदारों की सुध लेने वाला कोई नहीं। गाँवों में रात-रात जागकर लोगों...

  • यूपी के इस किसान ने खरबूज-तरबूज की खेती को बनाया कमाई का जरिया

    बाराबंकी (उत्तर प्रदेश)। पिछले कुछ वर्षों में खेती का स्वरूप तेजी से बदला है। किसान धान-गेहूं और गन्ने की जगह ऐसी फसलें उगाने लगे हैं जिनमें लागत ज्यादा लगती है तो मुनाफा भी ज्यादा होता है। खरबूत और तरबूजा ऐसी ही ऐक फसल है। 60-90 दिन की इन फसलों को किसानों को एक एकड़ में 50 हजार से एक लाख तक का...

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