वर्षों पुराने दो विवादों का हुआ मौके पर समाधान

वर्षों पुराने दो विवादों का हुआ मौके पर समाधानगाँव कनेक्शन

बदायूं। तहसील बिल्सी के लोहिया ग्राम बादशाह पुर में वर्षों पुराने कृषि से सम्बंधित दो विवादों का जिलाधिकारी शम्भू नाथ तथा मुख्य विकास अधिकारी प्रताप सिंह भदौरिया के हस्तक्षेप से मौके पर ही समाधान होने से ग्राम वासियों ने जिला प्रशासन की सराहना की।

बुधवार को डीएम, सीडीओ ने अन्य जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वर्ष 2014-15 में चयनित लोहिया ग्राम बादशाह पुर पहुंच कर कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय प्रांगण में विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन किया।

गाँव के पूर्व प्रधान जगपाल सिंह से धनवीर सिंह के पिता द्वारा कई वर्षों पूर्व लिए गए उधार की धनराशि वापस करने के बाद भी पूर्व प्रधान उसके खेत से अपना कब्जा नहीं छोड़ रहा था। जिलाधिकारी, सीडीओ के समक्ष मामला आने पर उन्होंने गाँव वालों से उधार वापसी की तस्दीक की और निर्देश दिए कि जब पूरी रकम ब्याज सहित अदा कर दी गई है तो उसका खेत तत्काल कब्जा मुक्त किया जाए और उसमें खड़ी गेहूं की फसल का मालिक धनवीर ही होगा। 

दूसरे मामले में सरकारी गूल टूटी होने के कारण कई लोग राघवेन्द्र सिंह के खेत की सिंचाई के लिए पानी नहीं निकलने दे रहे थे जिससे उसकी गेहूं की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई थी।

जिलाधिकारी ने तुरन्त नक्शा तलब कर देखा तो वहां सरकारी गूल दर्ज होने पर उन्होंने एसडीएम और लेखपाल को निर्देश दिए कि छह जनवरी को पैमाइश कर गूल की जगह खाली कराई जाए जिससे राघवेन्द्र अपनी फसल की सिंचाई कर सके। दोनों फैसलों को गाँव वालों की भारी भीड़ के बीच किया जिससे गाँव वालों ने इसकी खूब सराहना की।

गाँव में 192 स्वच्छ शौचालय बनवाए गए थे जिनमें से मात्र दस प्रतिशत ही शौचालयों को पूर्ण किया गया था शेष शौचालय अभी भी अपूर्ण पड़े हैं।

जिलाधिकारी ने प्रेरक से जांच कराने के निर्देश देते हुए गाँव वालों से कहा, ''वह खुले में शौच को न जाएं यदि सरकारी सहायता न भी मिले तो भी साफ सफाई का ध्यान रखते हुए गाँव में ऐसे तमाम लोग होंगे जो अपना शौचालय स्वंय बनवा सकते हैं। खुले में शौच को जाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सभी गांव वासी शौचालयों का प्रयोग अवश्य करें।''

जिलाधिकारी ने कस्तूरबा स्कूल का भी निरीक्षण किया छात्राओं से वार्ता कर स्थिति का जायजा लिया। बादशाह पुर में अब तक किसी भी व्यक्ति को लोहिया तथा इन्दिरा आवास नहीं मिला है। गत सर्वे में दस बच्चे अतिकुपोषित पाए गए थे जिनमें से दो बच्चे तो सामान्य श्रेणी में आ गए लेकिन दो और नए बच्चे अति कुपोषित पाए जाने पर संख्या जैसी की तैसी है।

जिलाधिकारी ने आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों से वार्ता करते हुए बच्चों को दो गुना पुष्टाहार दिए जाने के निर्देश देते हुए बच्चों के माता पिता से कहा, ''बच्चों को गुड़, मूगफली तथा पौष्टिक आहार अवश्य दिया जाए।''

First Published: 2016-09-16 16:04:11.0

Tags:    India 
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