वर्षों से चिकित्सक के इंतजार में पशु सेवा केंद्र

वर्षों से चिकित्सक के इंतजार में पशु सेवा केंद्रgaoconnection

इलाहाबाद। जनपद का यमुनापार का इलाका सूखे की चपेट में है, किसानों को भारी समस्या झेलनी पड़ रही है। ऐसा ही कुछ हाल सिरहिर गाँव के किसानों का भी है, लेकिन इन किसानों की समस्या पानी उतना नहीं जितना इनके दुधारू पशुओं का इलाज है। सिरहिर गाँव के किसानों के पास लगभग दो हजार से अधिक दुधारू पशु हैं और अगर आस-पास के गाँवों को मिला दिया जाये तो ये संख्या और अधिक हो जाएगी, जहां पर पशुओं के इलाज के लिए प्रशासन द्वारा कोई इन्तजाम नहीं है। 

जनपद मुख्याल से 45 किलोमीटर दूर मेजा ब्लॉक के सिरहिर गाँव में 1960 में एक पशु सेवा केंद्र बनया गया था जिसमे शुरुआता में तो डॉक्टर आया करते थे, लेकिन समय के साथ सिरहिर गाँव का यह केंद्र खंडहर के रूप में बदल गया और अब किसानों को अपने पशुओं के इलाज के लिए गाँव से दस किलोमीटर दूर जाना पड़ता है। 

2008 के बाद से तो इस में कोई डॉक्टर ही नहीं आया है और कुछ लोग इस पशु सेवा केंद्र का इस्तेमाल भूसा रखने में करते हैं। सिरहिर गाँव के आदर्श मिश्र (26 वर्ष) बताते हैं, “हमारे गाँव में बहुत से पशु है पर इनके टीकाकरण की कोई व्यवस्था नहीं है, ऐसे में बहुत से पशु बीमार हो जाते है जिनके कारण वह मर भी जाते हैं। आज कल दूसरे गाँव के पशुओं को तरह-तरह की बीमारियों से बचने के लिए टिका लग रहा है, लेकिन हमारे यहां कुछ नहीं हो रहा है और साथ में आस-पास के 25 गाँव का भी यही हाल है क्योंकि दस किलोमीटर के इलाके में सिर्फ यहीं एक पशु सेवा केंद्र है। ऐसे में यहां के लोगो को बड़ी परेशानी हो रही है।” 

पशु चिकित्सालय कोंहड़र के चिकित्साधिकारी डॉ राम सिंह बताते हैं, “सिरहिर गाँव में जिनकी पोस्टिंग थी वो 2008 में रिटायर हो गए थे उसके बाद से वहां पर कोई नियुक्ति नहीं की गयी है जिसके कारण पशु सेवा केंद्र की हालत ख़राब है।” राम सिंह आगे बताते हैं, “सरकार ने अभी कुछ नयी नियुक्तियां की हैं जो अभी ट्रेनिंग में है। एक साल बाद जब उनकी ट्रेनिंग पूरी हो जाएगी तो शायद सिरहिर में कोई नियुक्त किया जाये, लेकिन हम लोग पूरी कोशिश करते हैं कि गाँव के हर पशु का टीकाकरण हो सके और सफल इलाज भी। हमरी टीम अक्सर गाँव का दौरा करती है।”

देश के किसान तो पानी की मार पहले से झेल रहे है और अब अगर पशुओं का इलाज सही से नहीं होगा तो किसानों को दोहरी मार लगेगी। भारत दुनिया में सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वालो देशों में आता है और यहां के किसानों के लिए दूध उत्पादन आय का एक अच्छा जरिया भी है, लेकिन प्रशासन की लापरवाही से इसमें भरी असर पड़ रहा है।

 रिपोर्टर - आकाश द्विवेदी

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