Top

वसूली के लिए किसानों को न करें परेशान: आलोक रंजन

वसूली के लिए किसानों को न करें परेशान: आलोक रंजनगाँव कनेक्शन

लखनऊ। मुख्य सचिव आलोक रंजन ने निर्देश दिये हैं कि आपदा प्रभावित किसानों को भू-राजस्व की वसूली एवं कृषि यंत्रों के विरुद्ध उत्पीड़ात्मक कार्रवाई न किये जाने के आदेशों का पालन सितम्बर महीने तक हर दशा में सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिये हैं कि सूखे से प्रभावित बुन्देलखण्ड के जनपदों को उपलब्ध करायी जा रही समाजवादी राहत सामग्री की भांति प्रभावित फतेहपुर, इलाहाबाद, मिर्जापुर एवं सोनभद्र में भी सूखे से प्रभावित लोगों को राहत सामग्री उपलब्ध करायी जाए। 

मुख्य सचिव शास्त्री भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में दैवीय आपदा राहत समिति की बैठक कर निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 50 जनपदों में कम समय में अधिक उत्पादन देने वाली खरीफ मौसम में लता वर्गीय सब्जियों एवं रबी मौसम हेतु संकर टमाटर, संकर फूलगोभी, संकर पातगोभी एवं प्याज की प्रोडक्शन ऑफ हाईवैल्यू वेजीटेबल एण्ड स्पाईसेस परियोजना हेतु 1278 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत करते हुये निर्देश दिए हैं कि निर्गत धनराशि का उपयोग पारदर्शिता के साथ कराकर पात्र लाभार्थियों को लाभान्वित कराया जाए। 

उन्होंने बुन्देलखण्ड के अंत्योदय परिवारों में से सूखा प्रभावित परिवारों को 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, पांच किलो चने की दाल, 25 किलो आलू, पांच लीटर सरसो का तेल, एक किलो शुद्ध देशी घी, बच्चों के लिये प्रति परिवार एक किलो मिल्क पाउडर, एक किलो चीनी, एक किलो आयोडीनयुक्त नमक तथा 200 ग्राम हल्दी राहत सामग्री के रूप में दिये जाने की अवधि 30 दिन को बढ़ाते हुये 90 दिन किये जाने के निर्देश दिये हैं। 

कई डीएम से मांगा स्पष्टीकरण

रंजन ने सूखा-2015 के मद में शासन द्वारा स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष में जनपद उन्नाव एवं देवरिया में वितरण 50 प्रतिशत से कम होने तथा ओलावृष्टि-2016 के मद में शासन द्वारा स्वीकृत धनराशि के सापेक्ष कुछ जनपदों द्वारा वितरण प्रारम्भ न करने की स्थिति पर नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देश दिये कि सम्बन्धित डीएम से एक सप्ताह के अन्दर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए।

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.