Jan 8, 2026
मशरूम सेहत के लिए बेहतरीन होते हैं, लेकिन प्रकृति में हर मशरूम खाने योग्य नहीं होता। कुछ प्रजातियाँ बेहद ज़हरीली होती हैं, जो मौत तक का कारण बन सकती हैं।
Credit: Gaon Connection Network
ग्रामीण इलाकों में, जंगल से तोड़े गए मशरूम अक्सर गलत पहचान के कारण ज़हर बन जाते हैं।
Credit: Gaon Connection Network
सावधान रहें अगर मशरूम- बहुत चमकीला लाल/पीला/सफेद हो, कैप पर धब्बे हों, छूते ही काला पड़ जाए। ये ख़तरे के संकेत हो सकते हैं। खाने योग्य मशरूम, हल्की, प्राकृतिक खुशबू वाले जबकि ज़हरीले मशरूम अमोनिया, सड़े अंडे या सल्फ़र जैसी गंध बदबू वाले होते हैं।
Credit: Gaon Connection Network
मशरूम को लेकर मिथक है कि जिन्हें जानवर खाते हैं तो सुरक्षित, चांदी काली हो जाए तो ज़हरीला और पकाने से ज़हर खत्म हो जाता है, ये सब ग़लत है, असल में कई ज़हर पकाने पर भी नष्ट नहीं होते।
Credit: Gaon Connection Network
6–12 घंटे में उल्टी, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी और ज़्यादा गंभीर स्थिति में लिवर–किडनी फेल, बेहोशी, यहाँ तक मौत भी।
Credit: Gaon Connection Network
Death Cap, Destroying Angel, Fly Agaric जैसे प्रजातियाँ, ख़तरनाक हो सकती हैं, जिनका छोटा सा टुकड़ा भी जान ले सकता है।
Credit: Gaon Connection Network
केवल प्रमाणित दुकानों से मशरूम लें, शक हो तो बिल्कुल न खाएँ, विशेषज्ञ/वैज्ञानिक सलाह लें, सोशल मीडिया या देसी अंदाज़े से इस्तेमाल न करें। मशरूम से दोस्ती अच्छी है, लेकिन बिना ज्ञान के नहीं, एक गलत पहचान हो बन सकता है जान का जोखिम, इसलिए सावधानी ही असली सुरक्षा है।
Credit: Gaon Connection Network
Thanks For Reading!