Feb 4, 2026
लैंटाना ने जंगलों में स्थानीय पौधों को दबाया, चारे की कमी बढ़ाई और आग का खतरा बढ़ाया।
Credit: Gaon Connection Network
Mudumalai Tiger Reserve में लगभग 44% क्षेत्र पर लैंटाना का कब्ज़ा, वन्यजीवों के लिए बड़ा संकट। मसीनगुडी की यूनिट में हर महीने करीब 125 हेक्टेयर जंगल से लैंटाना हटाया जा रहा है।
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लैंटाना को सुखाकर बिना केमिकल बाइंडर के बस दबाव और ताप तकनीक से क्लीन फ्यूल ब्रिकेट्स में बदला जाता है।
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स्थानीय आदिवासी समुदाय लैंटाना हटाने से लेकर ब्रिकेट बनाने तक पूरी प्रक्रिया का हिस्सा हैं स्थिर रोज़गार, सम्मान और कौशल।
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आक्रामक घास हटती है, मूल वनस्पतियाँ लौटती हैं, हाथी, हिरण, बाघ जैसे जंगली जानवरों को बेहतर आवास मिलते हैं।
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ये पहली बार नहीं हैं जब यहाँ पर लैंटाना के पौधों का सही तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है, यहाँ इससे पहले लैंटाना की टहनियों से हाथी बनाने का काम भी चल रहा है।
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