मेघालय के गाँव में देसी स्वाद बचाने की ज़िद

Gaon Connection Desk

Jan 17, 2026

शुरू हुआ Mei-Ramew Café

मेघालय के रिभोई ज़िले में खेतों से घिरा Mei-Ramew Café, जहाँ खाना सिर्फ़ परोसा नहीं जाता, उसकी कहानी भी सुनाई जाती है।

Credit: Gaon Connection Network

एक छोटी सी शुरूआत

क्वेन्ग गाँव की प्लांटिना मुजाई, उन्होंने सिर्फ़ अफ़सोस नहीं किया, बल्कि अपने स्वादों को ज़िंदा रखने का रास्ता चुना।

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खोने लगा था रिश्ता

शहरों में लोग कहते हैं- “दादी के हाथ का स्वाद अब कहीं नहीं मिलता।” डर यही था कि ये स्वाद सिर्फ़ याद न बन जाएँ।

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माँ धरती

Mei-Ramew का मतलब है “माँ धरती।” यह कैफे बांस से बना है, सादा, प्राकृतिक और ज़मीन से जुड़ा हुआ

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खेत से थाली तक

सब्ज़ियाँ पास के खेतों से आती हैं और खाना खासी परंपरा से बनता है। प्लांटिना मानती हैं, खाना तभी सच्चा होता है जब उसकी जड़ें मिट्टी में हों।

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गाँव की ताक़त

आज यह कैफे सिर्फ़ एक व्यवसाय नहीं। यह रोज़गार है, स्थानीय किसानों का सहारा है और गाँव की अर्थव्यवस्था।

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बनाए रखिए गाँव से रिश्ता

अगर स्वाद खो गए, तो जड़ें भी कमजोर होंगी। Mei-Ramew याद दिलाता है, कभी-कभी सबसे मज़बूत रिश्ता खाने से बनता है।

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