न्यूट्रीशियन क्षेत्र में ऐसे बनाएं अपना करियर

न्यूट्रीशियन क्षेत्र में ऐसे बनाएं अपना करियरकितना पोषण हमारे शरीर के लिए जरूरी है इसके बारे में हमें डाइटीशियन ही बता सकता है। जागरूकता के चलते इस क्षेत्र में करियर बना आसान है।

लखनऊ। अक्सर कई लोग अपने मोटापे से परेशान रहते हैं और कई दुबले होने से । वजन कम करने की चाह में लोग डाइटिंग करना शुरु कर देते हैं। ऐसे में जरूरी है कि हम किसी डाइटीशियन से सलाह लेकर ही डाइटिंग करनी चाहिए।

कितना पोषण हमारे शरीर के लिए जरूरी है इसके बारे में हमें डाइटीशियन ही बता सकता है। जागरूकता के चलते इस क्षेत्र में करियर बना आसान है। इसके जुड़ी जानकारी दे रहे हैं करियर काउंसलर विवेक मिश्रा-

क्या करते हैं डाइटीशियन

डाइटिशियन विज्ञान का एक हिस्सा है, जहां इस बात का ख्याल रखा जाता है कि आपका आहार आपके स्वास्थ्य के अनुकूल हो। डाइटिशियन आपकी उम्र, बीमारी आदि के मद्देनजर इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि किस तरह का आहार आपको तंदुरुस्त रख सकता है।

शैक्षणिक योग्यता

डाइटीशियन बनने के लिए 10+2 होना जरूरी है। बारहवीं की प्राथमिक शिक्षा के बाद आप दो वर्ष का न्यूट्रीशियन डिग्री कोर्स कर सकती हैं।

इसके लिए अगर आपके पास बारहवीं में होमसाइंस या विज्ञान हो, तो आपको प्राथमिकता मिलती है। इसके अलावा इसमें बीएससी (होम साइंस), एमएससी (फूड एंड न्यूट्रीशियन) एवं डाइटेटिक्स में भी डिग्रियां मिलती हैं।

फूड सर्विस

डाइटेनिस्ट के लिए फूड सर्विस सेक्टर यानी फूड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी, केटॅरिंग सर्विस और रेस्टोरेंट में काम करने का खूब अवसर होता है। आमतौर पर यहां डाइटेनिस्ट प्रोफेशनल्स मेन्यू प्लानिंग से लेकर फूड तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया में सम्मिलित होते हैं।

हेल्थ केयर सर्विस

सही मायने में डाइटेनिस्ट की सबसे अधिक मांग हेल्थ केयर सर्विस में होती है। डाइटेनिस्ट के लिए हॉस्पिटल और क्लीनिक में बेहतर संभावनाएं हैं। डाइटिशियन बड़े अस्पतालों में ट्रीटमेंट के अलावा, रिसर्च, एडमिनिस्ट्रेशन आदि में काम करने का अवसर होता है।

इंस्टीट्यूशनल केटॅरिंग

इस क्षेत्र में डाइटेटिक्स प्रोफेशनल्स के ऊपर स्कूल, कॉलेज, फैक्टरी, ऑफिस, कैंटीन आदि के लिए पौष्टिक आहार तैयार करने की जिम्मेदारी होती है।

रिसर्च और डेवलॅपमेंट

डाइटिशियन के लिए रिसर्च और डेवलॅपमेंट के फील्ड में भी कार्य करने का अवसर होता है। यहां इनका कार्य कॉमर्शियल और हेल्थ के अनुरूप फूड रिसर्च करने का होता है।

सोशल वेलफेयर

सरकार द्वारा संचालित संस्थाओं में भी डाइटेनिस्ट कार्य करते है। इस तरह के संस्थाओं में कार्य करने वाले न्यूट्रीशियनिस्ट लोगों में इटिंग हैबिट के बारे में जागरूकता पैदा करने का काम करते हैं।

न्यूट्रीशन एक उभरता हुआ क्षेत्र है, इसमें हॉस्पिटल्स, हेल्थ, कैंटीन, नर्सिंग केयर, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में टीचर के रूप में काम करने का अवसर होता है।

जॉब के अवसर

न्यूट्रीशन एक उभरता हुआ क्षेत्र है, जहां जॉब की भरपूर संभावनाएं व्याप्त है। यदि आप इस क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, तो हॉस्पिटल्स, हेल्थ, कैंटीन, नर्सिंग केयर, कॉलेज और यूनिवर्सिटी में टीचर के रूप में काम करने का अवसर होता है। इसके अलावा, आप केटरिंग डिपार्टमेंट, फाइव स्टार होटल, फूड मैन्युफैक्चरिंग रिसर्च लैब, चाइल्ड हेल्थ केयर सेंटर, एयरलाइंस, ब्यूटी क्लीनिक, फिटनेस सेंटर और गवर्नमेंट हेल्थ डिपार्टमेंट में भी कार्य कर सकते हैं। यदि आप चाहे, तो कंसल्टेंट के रूप में भी करियर की शुरुआत कर सकते हैं। डाइटेनिस्ट कई सेक्टर में कार्य कर सकते हैं।

वेतन

इस फील्ड में सैलॅरी भी काफी आकर्षक है। यदि आप ट्रेनी डाइटेनिस्ट के रूप में करियर की शुरुआत करते हैं, तो आपकी न्यूनतम सैलॅरी 10 हजार रुपये के करीब होगी। वहीं आपके पास दो से तीन साल कर वर्क एक्सपीरियंस है, तो आपकी सैलॅरी 25 हजार रुपये से अधिक हो सकती है।

इंस्टीट्यूट

यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली, दिल्ली - www.du.ac.in

इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, मैदानगढी, दिल्ली - www.ignou.ac.in

जी.बी. पंत यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर ऐंड टेक्नोलॉजी, पंतनगर, उत्तराखंड www.gbpuat.ac.in

बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी, झांसी, उत्तर प्रदेश- www.bujhansi.org

कानपुर यूनिवर्सिटी, कानपुर, उत्तर प्रदेश- www.kanpuruniversity.org

कोलकाता विश्वविद्यालय, कोलकाता- www.caluniv.ac.in

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