अगर बैंक की परीक्षा में पानी है सफलता तो जरूर पढ़ें ये

अगर बैंक की परीक्षा में पानी है सफलता तो जरूर पढ़ें येज्यादातर बैंक अब परीक्षाएं ऑनलाइन करवाते हैँं।

लखनऊ। बैंक लगातार नौकरियां निकालता रहता है और पिछले कुछ वर्षों में बैंक पीओ युवाओं के लिए एक बेहतर मौका साबित हो रहा है। अनुभव और कार्यकुशलता से युवा बैंक पीओ से आगे पदों पर भी कम समय में पहुंच सकते हैं। कई युवा बैंक पीओ के रूप में अपना करियर बनाना चाहते हैं, पर मार्गदर्शन और सही जानकारी के अभाव में वे इस परीक्षा में शामिल नहीं हो पाते।

लखनऊ की बैंक की तैयारी करा रहे महिन्द्रा कोचिंग संस्थान के प्रतीक सिंह हमें बैंक पीओ के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए, परीक्षा का प्रारूप कैसा हो और सफल होने के लिए कैसे तैयारी करें इसके बारे में बता रहे हैं---

उम्र सीमा

राष्ट्रीयकृत और सार्वजनिक बैंकों में प्रोबेशनरी ऑफिसर पद के लिए 21 से 30 वर्ष तक की आयु सीमा निर्धारित है।

शैक्षिक योग्यता

एजुकेश्नल क्वालिफिकेशन बैंक पीओ के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक डिग्री है। बीए, बीकॉम, और बीएससी के अलावा प्रबंध, कृषि और इंजीनियरिंग ग्रेजुएट भी बडी संख्या में इस परीक्षा शामिल होते हैं।

ये भी पढ़ें : बैंक पीओ की तैयारी के लिए रखें इन बातों का ख़ास ध्यान

कैसे होती है परीक्षा

परीक्षा एवं चयन प्रक्रिया का प्रारूप बैंक प्रोबेशनरी ऑफिसर परीक्षा एवं चयन प्रक्रिया दो चरणों में होती है। पहले चरण में लिखित परीक्षा होती है। अब ये परीक्षाएं ऑनलाइन होने लगी हैं। इसके प्रश्न पत्र हिन्दी और अंग्रेजी में होते हैं। इस परीक्षा में सामान्य ज्ञान और हिन्दी अंग्रेजी से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस परीक्षा को पास करने के बाद दूसरे चरण में प्रतिभागी को सामान्य ज्ञान, हिन्दी, अंग्रेजी और गणित के विषयों के 225 प्रश्न होते हैं, जिनके लिए दो घंटे, पंद्रह मिनट का समय दिया जाता है। दोनों परीक्षाओं को पास करने के बाद इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

परीक्षा में इन बातों को खास ध्यान रखें

पेपर में प्रश्न ऑब्जेक्टिव होते हैं। बीच-बीच में कई प्रश्न ऐसे दिए जाते हैं, जिनसे प्रतिभागी को दुविधा हो। पेपर हल में इस बात का ध्यान रखें कि जो प्रश्न आपको सरल लगे, उन्हें हल करें। कठिन प्रश्नों को बचे हुए समय में हल करने का प्रयास करें। गणित में दसवीं के प्रश्नों का हल होता है।

परीक्षा में सफलता के लिए ऑब्जेक्टिव एक्जाम, समूह चर्चा और इंटरव्यू के लिए समुचित तैयारी जरूरी है। विभिन्न प्रकार के प्रश्नों की तैयारी के लिए अच्छे से अच्छे संदर्भ, पिछले वर्षों के हल प्रश्नपत्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की मासिक पत्रिका की मदद लें।

सामान्य ज्ञान की तैयारी के लिए नियमित न्यूज पेपर पढें। अंग्रेजी की तैयारी के लिए ग्रामर बुक्स पढ़ें। कक्षा छठवीं से 10वीं तक की एनसीईआरटी की गणित की किताबों से तैयारी करें।

ये भी पढ़ें : अगर बैंक की तैयारी कर रहे हैं तो ये ज़रूर पढ़ें

समय प्रबंधन

किसी भी परीक्षा में समय प्रबंधन का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। प्रश्नों को हल करते समय, आपको हमेशा समय पर नज़र बनाए रखनी चाहिए कि आपने एक प्रश्न और उसी प्रकार के अन्य प्रश्नों को हल करने में कितना समय लिया।

ऑनलाइन मॉक टेस्ट

पिछले वर्षों के टेस्ट पेपर, ऑनलाइन मॉक टेस्ट और प्रैक्टिस टेस्ट सीरीज़, परीक्षा की तैयारी करने में आपकी सहायता कर सकती हैं। कुछ ऐसे ऑनलाइन टेस्ट हैं, जो परीक्षा की संरचना के समान हैं और आपकी योग्यता का परीक्षण करते हैं। यह आपको परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के प्रकार की जानकारी भी देते हैं। शुरू में, आपको अधिक से अधिक प्रश्नों को हल करने की आदत डालनी होगी।

सेल्फ स्टडी

यदि आप अपने समय को प्रबंधित और व्यवस्थित कर सकते हैं, तो आप स्वयं से अध्ययन कर सकते हैं। अपने पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकें, विभिन्न बुक स्टोर्स या ऑनलाइन साइट्स से उचित क़ीमतों में ख़रीद सकते हैं। इससे आपकी दो तरह से बचत तो तय है।

पैटर्न को समझें

परीक्षा के पैटर्न की एक विस्तृत समझ होना बहुत आवश्यक है। यह परीक्षा के महत्वपूर्ण विषयों, अंकों के वितरण, सेक्शन्स की संख्या, नेगेटिव मार्किंग और कुल मार्किंग स्कीम के विश्लेषण में आपकी सहायता करता है। जब आपके पास समय की कमी हो या आप कुछ प्रश्नों का उत्तर देने में असमर्थ हैं, तो आप हमेशा अधिकतम वेटेज के प्रश्नों का चयन कर सकते हैं और उस सेक्शन को हल कर सकते हैं जो आपको अच्छे से आता है। यह, केवल परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बजाय, एक अच्छा स्कोर प्राप्त करने के आपके अवसरों को बढ़ा सकता है।

निगेटिव मार्किंग का रखें ध्यान

आज से कुछ वर्ष पहले तक बैंक की परीक्षाओं में निगॅटिव मार्किंग नहीं थी। इस कारण युवा सभी प्रश्नों का उत्तर दे देते थे। इनमें कुछ उत्तर अनुमान पर आधारित होने के बावजूद सही हो जाते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं है। लगभग सभी बैंकों में गलत उत्तर देने पर निगॅटिव मार्किंग का प्रावधान है। इससे बचने के लिए पहले से ही इस बात को गांठ बांध लें कि जिन प्रश्नों के उत्तर आप नहीं जानते हैं या जिनके बारे में आपको दुविधा है, उन्हें कभी भी सॉल्व न करें।

Share it
Share it
Share it
Top