पब्लिक रिलेशन में ऐसे बनाएं अपना करियर

पब्लिक रिलेशन में ऐसे बनाएं अपना करियरफोटो साभार: इन्टरनेट

सही कम्यूनिकेशन स्किल के लोगों से बातचीत करना भी एक कला है। इसी कला को प्रोफेशनल लैंग्वेज में पब्लिक रिलेशन कहते हैं। इसके मजबूत होने से प्रोफेशनल फ्रंट पर आपको अधिक अवसर मिलते हैं और आप करियर की लंबी उड़ान भर पाने में सफल होते हैं।

एजुकेशन के क्षेत्र में कई तरह के प्रोफेशनल कोर्स है। पब्लिक रिलेशन भी उसमें से एक है। आज के दौर में हर एक सेक्टर में ऐसे लोगों की दरकार होती है, जो पब्लिक डीलिंग का काम करें। इसके बारे में करियर काउंसलर विवेक मिश्रा बता रहे हैं—

क्या है योग्यता

पीआर सेक्टर से जुड़े कोर्सेज में 12वीं या ग्रेजुएशन के बाद प्रवेश लिया जा सकता है। इस कोर्स के लिए चयन करते समय व्यक्ति के लिखने, बोलने के कम्यूनिकेशन स्कि ल्स की और मुश्किल स्थितियों को हैंडल करने की क्षमता की खास परख की जाती है।

कहां हैं अवसर

पीआर फील्ड में कॅरियर बनाने वाले लोगों के लिए सिर्फ प्राइवेट ही नहीं बल्कि सरकारी संस्थानों में भी नौकरियां हैं। विभिन्न सरकारी अस्पताल, विभाग, संस्थान, कंपनियां अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए पीआर पर्सन्स या पीआरओ की नियुक्तियां करते हैं। निजी कंपनियां भी पीआर प्रोफेशनल्स को अच्छा पैकेज देती हैं।

खूब है मांग

आज सरकारी काम-काज से लेकर निजी और कॉर्पोरेट सेक्टर्स में इसकी मांग बढ़ रही है। जहां पहले इसे कॉर्पोरेट पब्लिसिटी के दायरे में समेट दिया जाता था, वहीं आज के दौर में पब्लिक रिलेशन को कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन की पहचान मिली है। इसमें काम करने वाले लोगों को कंपनी का प्रतिनिधित्व हाई लेवल पर करने को मिलता है। जैसे - जैसे देश और दुनिया में तरक्की का दायरा बढ़ रहा है, टेक्नोलॉजी जिंदगी का हिस्सा बन रही है, वैसे-वैसे पब्लिक रिलेशन का दायरा भी बढ़ता जा रहा है। इसलिए इसमें करियर ग्रोथ के अच्छे अवसर हैं।

वेतन

कोर्स के बाद जॉब की बेहतर संभावनाएं हैं। शुरुआती अनुभव के बाद छात्रों को खुद का पीआर फर्म भी खोल सकते हैं। इसमें पब्लिक सेक्टर, कॉर्पोरेट ऑर्गेनाइजेशन, होटल ऐंड रिजॉर्ट में भी जॉब मिल सकती है। बतौर फ्रेशर आपकी सैलरी 10 से 15,000 हजार के बीच में हो सकती है, लेकिन तजुर्बा हासिल करने के बाद आपकी सैलरी बेहतर हो जाती है।

पीजी कोर्स करें

आप किसी भी क्षेत्र में ग्रेजुएट छात्रों इस कोर्स में पीजी कर सकते हैं। इसमें करियर को बढ़ाने के लिए उन्हें पीजी मास कम्यूनिकेशन, पब्लिक रिलेशन, मैनेजमेंट या फिर ऐडवर्टाइजिंग में करनी चाहिए।

पब्लिक रिलेशन आॅफिसर की अहमियत

एक पीआर मैनेजर कंपनी की पॉलिसी तैयार करने में अहम रोल निभाता है। वह कंपनी के लिए तमाम संस्थानों और कंपनी के बीच में एक पाइपलाइन की तरह काम करता है। यह पीआर मैनेजर के व्यक्तित्व का सबसे मजबूत हिस्सा होता है कि उसे उसे बात करने के क्रम में बोल्डनेस दिखानी होती है। उसे कंपनी के बारे में पूरी जानकारी रखनी होती है। इसके अलावा उसे क्लायंट, कर्मचारी और कंपनी से जुड़ी सभी तरह की बातों पर विस्तार से जानकारी रखनी होती है। वह बेहतर कम्यूनिकेशन और प्लानिंग से कंपनी को लाभ पहुंचाता है। इसके अलावा उसे कंपनी के लिए प्रेस रिलीज, विडियो, स्पीच को भी मैनेज करना होता है। वह कंपनी के लिए इंटरव्यू, मीटिंग, कॉन्फ्रेंस भी मैनेज करता है।

वर्क प्रोफाइल

पब्लिक रिलेशन के क्षेत्र में काम करने वाले लोग पब्लिक रिलेशन ऑफिसर (पीआरओ) कहलाते हैं। इसमें उन्हें पब्लिक के साथ इंटरेक्ट करने का काम करना होता है। इसे ऐसे समझें, तो कह सकते हैं कि उन्हें बड़े स्तर पर कंपनी का प्रतिनिधित्व करते हुए आम लोगों के साथ कंपनी को जोड़ना होता है। इसलिए कहा जा सकता है कि किसी भी कंपनी की सफलता और उसके ग्रोथ के पीछे पब्लिक रिलेशन ऑफिसर्स का अहम योगदान होता है। अपने काम के दौरान एक पब्लिक रिलेशन ऑफिसर को मीडिया रिलेशन, पब्लिक अफेयर, कॉर्पोरेट कम्यूनिकेशन के आधार पर कंपनी के लिए रिलेशन डिवेलप करता है, ताकि उसे ज्यादा से ज्यादा को लाभ मिल सके।

संस्थान

पीआर से जुड़े यूजी और पीजी स्तर के कोर्स करवाने वाले कई बड़े संस्थान भारत में हैं। ये संस्थान हैं- इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन, मुद्रा इंस्टीटयूट ऑफ क म्यूनिकेशन्स अहमदाबाद (एमआईसीए), सेंट जेवियर इंस्टीटयूट ऑफ कम्यूनिकेशन्स, सिंबायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया एंड कम्यूनिकेशन आदि।

This article has been made possible because of financial support from Independent and Public-Spirited Media Foundation (www.ipsmf.org).

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