जम्मू कश्मीर में युवाओं की उम्मीद 'वर्दी वाला मास्टर'

पंजाब के फिरोज़पुर जिले से आने वाले संदीप चौधरी 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी है और वर्तमान में जम्मू साउथ में पुलिस अधीक्षक के तौर पर तैनात है। इग्नू से ग्रेजुएशन और मास्टर्स करने की बाद, संदीप ने पंजाब यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में रेगूलर कोर्स शुरू किया।

Mohit AsthanaMohit Asthana   7 Jun 2018 3:01 AM GMT

जम्मू कश्मीर में युवाओं की उम्मीद वर्दी वाला मास्टर

लोगों को कानून का पाठ पढ़ाते तो पुलिस आम तौर पर दिख जाती है लेकिन जम्मू कश्मीर में पुलिस अधीक्षक रैंक पर तैनात आईपीएस अफसर संदीप चौधरी एक नई ही मिसाल पेश कर रहे हैं। जम्मू कश्मीर पुलिस की सब इंस्पेक्टर रैंक की परीक्षा की तैयारी करवाने की मंशा से जो क्लासेज संदीप ने 10 परीक्षार्थियों से शुरू की थी आज वह 200 के करीब पहुंच गई है। अब न सिर्फ सब इंस्पेक्टर बल्कि बैंकिंग, यूपीएससी तथा अन्य परीक्षार्थी भी इस वर्दी वाले असफर से पढने आते हैं।

अपने आफिस के 10×20 के कमरे से शुरू हुई कोचिंग क्लास अब एक बड़े हाल में पहुंच चुकी है। आईपीएस अधिकारी संदीप कहते है,'मुझे लगता है कि जम्मू में युवाओं को वह सत्र नही मिल पाता जो उन्हें मिलना चाहिए। यह मेरा एक छोटा सा प्रयास है ताकि ये युवा भी नई बुलंदिया छू सके।' पंजाब के फिरोज़पुर जिले से आने वाले संदीप चौधरी 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी है और वर्तमान में जम्मू साउथ में पुलिस अधीक्षक के तौर पर तैनात है। इग्नू से ग्रेजुएशन और मास्टर्स करने की बाद, संदीप ने पंजाब यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में रेगूलर कोर्स शुरू किया लेकिन परिस्थितियों की वजह से एक बार फिर इग्नू से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स की।

अपनी पूरी पढ़ाई दूरस्थ शिक्षा से करने वाले संदीप का मानना है कि जीवन में सफलता के लिए महंगे संस्थान नहीं बल्कि सही मार्गदर्शन की ज़रूरत होती है। जो उन्हें मिला और वह चाहते है कि वह भी इन परीक्षार्थियों की मद्दद कर पाए। अपने इस कदम पर संदीप कहते है,'उन्हें मुफ्त में पढ़ाने से, मैं न केवल उन्हें पैसे बचाने में मदद करता हूं बल्कि उनके करियर के निर्माण में उनकी मदद करता हूं लेकिन खुद के लिए एक अनोखी संतुष्टि प्राप्त करता हूं। मैंने इस तरह सीखा है और आशा है कि वह जीवन में नई ऊंचाई हासिल करने के बाद, वे भी आगे आएंगे और किसी ओर की मदद के लिए हाथ बढ़ाएंगे।'

संदीप चौधरी की विधार्थी प्रीति बताती हैं कि आईपीएस अधिकारी से पढ़ने से उन्हें वह कुछ सीखने को मिलता है जो उन्हें महंगे संस्थानों में नही मिलेगा। 23 दिन की इस कोचिंग क्लास से संदीप ने पूरे देश के सामने जम्मू कश्मीर पुलिस का एक नया चेहरा रखा है। साथ ही साथ संदीप चाहते है कि वह आने वाले समय मे भी ऐसी क्लासेज चलाते रहे।

रिपोर्ट- गुरसिमरन

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