बढ़ते व्यापार के साथ पैकेजिंग इंडस्ट्री में आएगी तेज़ी

बढ़ते व्यापार के साथ पैकेजिंग इंडस्ट्री में आएगी तेज़ीपैकेजिंग में आकर्षक डिजाइन, आकार-प्रकार, उत्पाद की सुरक्षा, टारगेट ऑडियंस जैसे पहलुओं का ध्यान रखना होता है।

लखनऊ। किसी भी प्रोडक्ट का बिज़नेस अच्छा हो उसके लिए उस प्रोडक्ट की पैकिंग पर भी अधिक ध्यान दिया जाता हैं।

अक्सर जब भी आप बाजार में कोई चीज खरीदने जाते हैं तो प्रोडक्ट की पैकेजिंग देखकर आकर्षित होते हैं। फिर चाहे वह टूथब्रश हो या टीवी और पैकिंग देखकर ही कई बार हम न चाहते हुए भी उस प्रोडक्ट को खरीदने के लिए मजबूर हो जाते हैं। अच्छी पैकिंग के लिए कम्पनियों द्वारा ‘पैकेजिंग टेक्नोलॉजी’ का यूज़ किया जाता है। इन दिनों इस सेक्टर में तेजी से डिमांड बढ़ रही है। अच्छी बात यह है कि इस क्षेत्र में किसी भी स्ट्रीम के छात्र अपना करियर बना सकते हैं। इसके कोर्स और पढ़ाई भी बहुत महंगी नहीं है।

सालाना 15 फीसदी की दर से बढ़ रही इंडस्ट्री

महाराष्ट्र के विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी राज्यमंत्री वाईएस चौधरी ने हाल ही में एक इवेंट में कहा कि पिछले पांच साल से पैकेजिंग उद्योग सालाना 15 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। देश में अभी करीब 2500 सेक्टर ऑर्गनाइज्ड हैं, जिनके द्वारा बनाए जा रहे हर उत्पाद के लिए अलग-अलग पैकेजिंग यूनिट की जरूरत होती है। जैसे-जैसे ऑर्गनाइज्ड सेक्टर में और ज्यादा इंडस्ट्री बढ़ेंगी, इस सेक्टर में और ज्यादा रोजगार पैदा होंगे। अभी देश में पैकिंग का बाजार करीब 47.3 मिलियन डॉलर करीब 312 करोड़ का है।

जीएसटी लागू होने के बाद व्यापार करना आसान हो जाएगा और टैक्स का भार भी कम होगा। व्यापार बढ़ेगा तो प्रोडक्टिविटी बढ़ेगी। इस लिहाज से इंडस्ट्री में तेजी से बूम आएगा। खास बात यह है कि इस फील्ड में किसी भी स्ट्रीम के स्टूडेंट अपना करियर बना सकते हैं। हां, पैकेजिंग के लिए रचनात्मक होना जरूरी है। आप जितनी आसान और आकर्षक पैकिंग करेंगे लोग आपका प्रोडेक्ट खरीदेंगे।
आरसी पांडेय, करियर काउंसलर

डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की समझ होना आवश्यक

पैकिंग में कई तरह के फीचर होते हैं जो इसे मल्टी रोल की कैटिगरी में शामिल करता है। इसमें आकर्षक डिजाइन, आकार-प्रकार, प्रिजर्वेशन तकनीक, उत्पाद की सुरक्षा, टारगेट ऑडियंस जैसे तमाम पहलुओं का ध्यान रखना होता है। इसके लिए साइंस और टेक्नोलॉजी की समझ होना बहुत जरूरी है। ज्यादातर कैंडिडेट इस सब्जेक्ट से सिलेक्ट किए जाते हैं। इसके अलावा डिजाइन की समझ होना फायदेमंद माना जाता है। खासकर डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की समझ। पैकिंग किस तरह की होनी चाहिए इसके लिए उत्पाद की जरूरतों को समझना जरूरी होता है। उत्पाद की जरूरतें यानी इसकी व्यवस्था, शेल्फलाइफ, ट्रांसपोर्ट का माध्यम, कितनी दूर पहुंचाना है, जैसे कई फैक्टर्स जानना जरूरी होता है। इसके बाद तय होता है कि किस तरह की पैकिंग होनी चाहिए। इन सब के अलावा उन्हें बाजार की डिमांड के हिसाब से बदलाव, प्रोडक्शन कॉस्ट और वातावरण संतुलन का भी ध्यान रखना होता है। कई ऐसी कानूनी बाधाएं हैं, जिनका काम के दौरान ध्यान रखना पड़ता है।

ज्यादातर कोर्स डिप्लोमा लेवल के

इसमें बीटेक को छोड़ दें तो ज्यादातर कोर्स डिप्लोमा या पीजी डिप्लोमा लेवल के हैं इसलिए इसमें कोर्स करने के लिए छात्र का स्नातक होना जरूरी है, जबकि बीटेक कोर्स में दाखिला 10+2 (विज्ञान विषयों के साथ उत्तीर्ण) के बाद ही मिल पाता है। यदि कोई साइंस ग्रेजुएट है तो उसे कई तरह की सहायता मिलती है। कुछ संस्थान छात्रों के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करते हैं, जबकि कई मेरिट के आधार पर दाखिला दे देते हैं। विभिन्न संस्थान अपने-अपने स्तर पर कोर्स चलाते हैं।

  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन पैकेजिंग (दो वर्षीय)
  • बीटेक इन पैकेजिंग टेक्नोलॉजी (चार वर्षीय)
  • डिप्लोमा इन पैकेजिंग टेक्नोलॉजी (तीन वर्षीय)
  • सर्टिफिकेट प्रोग्राम इन पैकेजिंग (तीन महीने)
  • डिस्टेंस एजुकेशन प्रोग्राम इन पैकेजिंग (डेढ़ वर्षीय)
  • इन्टेंसिव कोर्स इन पैकेजिंग (तीन महीने)

अवसरों की कमी नहीं

पैकेजिंग प्रोफेशनल्स को सबसे ज्यादा मौका प्रोडक्शन, मार्केटिंग, रिसर्च एवं डेवलपमेंट आदि जगहों पर मिलता है। मैन्युफेक्चरिंग यूनिट्स, मल्टीनेशनल कंपनियों, फार्मास्यूटिकल व एफएमसीजी कंपनियां प्रोफेशनल्स को अपने यहां अच्छे पैकेज पर नियुक्त करती हैं। वर्तमान समय में सभी छोटी व बड़ी कंपनियां अपने प्रोडक्ट की वैल्यू बढ़ाने के लिए प्रोफेशनल्स के कौशल को तरजीह दे रही हैं।

प्रमुख प्रशिक्षण संस्थान

  • इंडियन इंस्टीटय़ूट ऑफ पैकेजिंग, मुंबई

वेबसाइट: www.iip-in.com

( दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई व हैदराबाद में शाखाएं मौजूद)

  • गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, हिसार

वेबसाइट: www.gjust.ac.in

  • एसआईईएस स्कूल ऑफ पैकेजिंग टेक्नोलॉजी सेंटर, नवी मुंबई

वेबसाइट: ww.siessopptc.net

हाल ही में महाराष्ट्र के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री वाईएस चौधरी ने कहा किसी के साथ विदेश व्यापार महानिदेशक अजय कुमार भल्ला ने भारतीय पैकेजिंग संस्थान (आईआईपी) के दीक्षांत समारोह के दौरान कहा, ‘सफल अंतरराष्ट्रीय व्यापार में पैकेजिंग एक महत्वपूर्ण पहलू बनता जा रहा है। आज के परिप्रेक्ष्य में पैकेजिंग निश्चित रूप से राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था तथा सकल घरेलू उत्पाद में निश्चित भूमिका निभाता है।’

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