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और सरपट दौड़ी मेट्रो

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा कि लखनऊ मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एलएमआरसी) के अधिकारियों ने जितनी तेजी से काम किया है, उसके लिए वे बधाई के पात्र हैं। अखिलेश ने कहा कि समाजवादियों ने लखनऊ मेट्रो की शुरुआत कर एक उदाहरण प्रस्तुत किया है। अखिलेश यादव ने लखनऊ मेट्रो के उद्घाटन के बाद यह बातें कहीं।

उन्होंने कहा कि समाजवादियों ने इतना अच्छा काम कर देश में एक उदाहरण पेश किया है। इससे जनता के बीच एक अच्छा संदेश गया है कि समाजवादियों की कथनी करनी में अंतर नहीं है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लखनऊ के अतिरिक्त कानपुर, बनारस और इलाहाबाद में भी मेट्रो रेल की शुरुआत की जाएगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक समाजवादियों ने जो वादा किया उसे पूरा किया। चुनावी घोषणा पत्र को चुनाव से पहले ही पूरा कर दिया है।

अखिलेश ने कहा कि आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे भी समय से पहले बनकर तैयार हुआ है। इससे लोगों को बड़ी सहूलियतें मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने उन आरोपों का जवाब भी दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि लखनऊ मेट्रो के उद्घाटन के समय किसी केंद्रीय नुमाइंदे को नहीं भेजा गया। इसके जवाब में अखिलेश ने कहा, "कुछ लोग इस पर भी राजनीतिक कर रहे हैं कि इनको बुलाया और इनको नहीं बुलाया। हम कहना चाहते हैं कि हम मेट्रो में आज बैठने नहीं जा रहे हैं लेकिन जिस दिन बैठेंगे उस दिन सभी को बुलाएंगे।"

मुख्यंमत्री ने नोटबंदी को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उप्र की बैंकों में कितना पैसा पहुंचाया गया इसकी जानकारी अब तक नहीं दी गई है। अखिलेश ने मेट्रो परियोजना से जुड़े सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों को शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि सभी लोगों की मेहनत की वजह से ही आज लखनऊ को इतना बड़ा तोहफा मिला है।

ढाई साल से हो रहा मेट्रो परियोजना पर काम

लगभग ढाई साल से मेट्रो परियोजना पर काम किया जा रहा है। जिसके तहत मदर डिपो का निर्माण किया गया। ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग के बीच मेट्रो के स्टेशन, ट्रैक, वायाडक्ट, बिजली उपकेंद्र निर्माण किये गये। मवइया क्रासिंग के ऊपर 105 मीटर के स्पेशल स्पैन का निर्माण न पूरा होने के चलते ये ट्रायल चारबाग की जगह टीपी नगर से आलमबाग के ही बीच किया जाएगा।

अमौसी से मुंशीपुलिया के बीच परियोजना की कुल लागत करीब सात हजार करोड़ रुपये है। जबकि पहले आठ किलोमीटर के लिए लागत दो हजार करोड़ रुपये है। यात्री इस ट्रेन में मार्च के अंत में बैठ पाएंगे,जब सभी सुरक्षा मानकों को परख लिया जाएगा।

बहुत कम समय में मेट्रो शुरू कर के एक बड़ा काम किया। लखनऊ के लोगों को लाभ मिलेगा। बहुत बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की वजह से मिली है। 
शिवपाल यादव, प्रदेश अध्यक्ष, सपा 
ट्रायल को तैयार मेट्रो।

नोट बंदी से तरक्की रुकेगी : आजम

आज का दिन देश के इतिहास में जोड़ा जाएगा। आज सीएम के चेहरे पर ख़ुशी है। ये एक मील का पत्थर है। नेता जी की नाराजगी भी अपनी जगह है। आज नेता जी बोले ये तो ठीक है। बहुत कंजूसी बरती है पौने पांच साल तक। एक सीएम से उसके बाप पर अधिकार अलग है। गुजरे दिनों में जो कड़वाहट थी। अब वो एक ख़वाब था जो गुजर गया है। जैसे रिश्ते एक दूसरे की पहचान होते हैं वो मिट नहीं सकते वरना प्रलय होगी। अंग्रेजों से हम 150 साल पीछे हैं। जिस चीज को हम तरक्की समझ रहे हैं। नोट की लाइन में लगने से तरक्की रुकेगी।

इन स्टेशनों से गुजरेगी मेट्रो रेल

मदर डिपो से, टीपी नगर, कृष्णा नगर, आलमबाग चौराहा और अवध अस्पताल। जबकि इसके आगे बस अड्डा, दुर्गापुरी और चारबाग रेलवे स्टेशन तक बाद में मेट्रो दौड़ेगी। फिलहाल 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन का एक प्री ट्रायल सोमवार की शाम को किया जा चुका है। जो पूरी तरह से कामयाब रहा है। एलएमआरसी के सीनियर पीआरओ अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परियोजना के ट्रायल की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिसमें अब कोई कमी नहीं रह गई है।

रिकार्ड समय में हुआ काम

मेट्रो परियोजना का ट्रायल रिकार्ड समय में पूरा किया गया है। इतनी तेजी से ट्रायल शुरू करने वाली देश की पहली मेट्रो परियोजना है। केवल ढाई साल के समय में ये ट्रायल शुरू किया जा रहा है।