Jan 29, 2026
पहले किसान सीधे खेत में बोते थे और फ़सल मौसम के भरोसे रहती थी। अब आया है पहले नर्सरी और फिर ट्रांसप्लांटिंग का मॉडल।
Credit: Gaon Connection Network
पहले पौधा नर्सरी में मजबूत होता है और जब खेत में लगाया जाता है, तो उसकी जड़ें गहरी और स्वस्थ होती हैं और उत्पादन ज़्यादा मिलता है।
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पौध का अच्छा विकास, खेत में प्रतिस्पर्धा कम, कीट और मौसम का सामना बेहतर, जिसका परिणाम ज़्यादा फूल, ज़्यादा फलियाँ और ज़्यादा दाना।
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जब पौधे पहले से परिपक्व होते हैं, तो किसान खेत में कम समय खर्च करते हैं और फ़सल जल्दी तैयार होती है।
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ICRISAT ने नए शोध में पाया कि इस तकनीक से अरहर की खेती करके 20 प्रतिशत तक उत्पादन बढ़ा सकते हैं। इससे उत्पादकता प्रति हेक्टेयर लगभग 2.5 टन प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकती है।
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