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नारी डायरी

#SwayamProject मदरसे में दूर की गईं छात्राओं की माहवारी से जुड़ी भ्रांतियां

समाज में आज भी महिलाएं स्वास्थ्य और शारीरिक परिवर्तन पर खुल कर बोलने संकोच करती है लेकिन धीरे-धीरे इस परम्परा में बदलाव की आहट सुनाई पड़ने लगी है अगर इन्हें सही ढंग से समझाया जाए, तो थोड़ी हिचक के साथ ही सही महिलाएं आगे आएंगी।

ग्रामीण छात्राएं पढ़ाई के साथ सीख रही आत्मरक्षा का हुनर

यहां के गाँवों में लोग सरकारी योजनाओं के लाभ से भले ही वंचित हों, लेकिन यहां की छात्राएं पढ़ाई के साथ आत्मरक्षा के गुण बखूबी सीख चुकी हैं। छेड़खानी करने वाले लड़कों से अब ये लड़कियां अपना बचाव करने के लिए खुद तैयार हैं।

कृषि क्षेत्र में अलग करने वाली महिलाओं को मिला सम्मान 

मुन्नी देवी जब ब्याहकर ससुराल आयीं तो घूंघट के बिना घर से भी निकलना मुश्किल था, लेकिन आज वहीं मुन्नी देवी सैकड़ों महिलाओं को जैविक खाद बनाने का प्रशिक्षण दे रही हैं।

इन दादियों से सीखिए क्या होती है जिंदादिली

जिंदगी के जिस पड़ाव पर लोग जिंदगी से हार मान लेते हैं, उस उम्र से अपने कैरियर की शुरूआत करने वाली निशानेबाज दादी चंद्रो तोमर व प्रकाशो तोमर जिंदादिली की अनोखी मिसाल हैं।

महिला किसानों को नहीं मिल पाता ऋण और सिंचाई सुविधा का लाभ

कृषि क्षेत्र में अस्सी फीसदी हिस्सेदारी महिला किसानों की होती है, लेकिन फिर महिला किसानों को उनका अधिकार नहीं मिल पाता है, उन्हें ऋण और सिंचाई सुविधा जैसी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पाता है।

न्याय की आस में दर दर भटक रही है महिला  

पहले प्रेम जाल में फंसाया फिर शादी का झांसा देकर महीनों यौन शोषण किया जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया तो एक मौलवी को लाकर घर पर ही निकाह भी कर लिया लेकिन कुछ माह बाद ही उसे छोड़ कर कहीं गायब हो गया।

ग्रामीण महिलाएं नहीं जानतीं अपनी उम्र, घटनाओं से जोड़कर लगातीं हैं अंदाज़ा

अशिक्षा और जागरूकता की कमी के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को उनकी उम्र तक नहीं पता, क्याेंकि उन्हें कभी जरूरत ही नहीं पड़ती। उम्र पूछने पर वो घटना से जोड़कर अंदाजा लगाती हैं कि कितने साल की हैं। 

छात्राओं पर फब्तियां कसने वालों की अब खैर नहीं

एसएसपी मंजिल सैनी ने अपने सभी थानेदारों को आदेश दिया है कि वे चौकन्ने होकर ऐसे शोहदों पर नजर रखें और स्कूल समय पर सभी महिला विद्यालयों के पास पुलिस पिकेट मौजूद रहे और शोहदों से सख्ती से पेश आये।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: ऑफिस में यौन शोषण की शिकार महिला को मिलेगी 90 दिन की पेड लीव

यह नियम इसलिए भी जरूरी माना जा रहा है कि लंबे समय से इस तरह की शिकायत करने वाली महिलाएं यह कहती रही हैं कि उन्‍हें जांच के दौरान धमकियां मिल रही हैं।

और जब गांव की एक लड़की को मिला ‘स्ट्रांग वीमेन ऑफ नार्थ इण्डिया’ का खिताब

कभी नहीं सोचा था कि लड़कों का खेल भारोत्तोलन को खेलकर गाँव से निकलकर एक लड़की कई गोल्ड और सिल्वर मेडल कैसे जीत सकेगी।