नियमित रक्तदान करेंगे तो नहीं होंगी कई बीमारियां

Mohammad FahadMohammad Fahad   14 Jun 2019 8:37 AM GMT

जो व्यक्ति रेगुलर रक्तदान करते हैं, उनके शरीर में आयरन के बढ़ने के चांस बहुत कम हो जाते हैं इसके अलावा लोगों के ब्लड में थिकनेस बढ़ जाने से जो बीमारियां बढ़ती हैं उनमें भी कमी आ जाती है।

डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. वीके शर्मा बताते हैं, "शरीर में एक स्टेमिना बढ़ता है। ब्लड बनने की प्रक्रिया हमेशा क्रियाशील रहती है। ब्लड देने वाले व्यक्ति का कोई नुक्सान नहीं होता है यह केवल एक मिथ बना हुआ है कि ब्लड देने से शरीर को नुकसान होता है। उल्टा इसका फायदा ही होता है।"

ये भी पढ़ें : विश्व रक्तदान दिवस क्यों मनाते हैं , जरा इसके पीछे की कहानी भी जान लीजिए

हर साल 14 जून को ब्लड डोनेशन डे मनाया जाता है, एक बहुत बड़े साइंटिस्ट हुए थे कार्ल लैंडस्टीनर इन्होने 1901 में A और B ग्रुप ब्लड की खोज की थी, जिसके बाद से ही ब्लड बैंकिंग की फील्ड में इतना डेवलपमेंट हुआ और एक इन्सान का ब्लड लेकर दूसरे इन्सान पर चढ़ाने की प्रक्रिया उनकी खोज पर है।


कोई भी व्यक्ति जिसकी उम्र 18 साल से 65 साल हो जिसका हीमोग्लोबिन 12.5 से ज्यादा हो, जिसका वज़न 45 किलो से ज्यादा हो ये एक मिनिमम क्राइटेरिया है ब्लड डोनेशन का उसके बाद डोनर से बिमारियों की जानकारी लेते हैं।

ये भी पढ़ें : छह राज्यों में रक्तदान कर चुका है यह शख्स, बचाई 240 लोगों की जान

जैसे H.I.V हेपिटाइटिस आदि बीमारियां तो नहीं है या और कुछ छोटी छोटी चीज़े कहीं दांत निकलवाया हो या पियरसिंग करवाया हो ये इसलिए किया जाता है उसके शारीर में किसी तरह का कोई इन्फेक्शन ना हो। जो व्यक्ति निरंतर रूप से ब्लड डोनेट करता है पहली चीज़ उसको मानसिक रूप से शांति मिलती है और ख़ुशी मिलती है की हमने समाज के लिए किसी व्यक्ति के लिए अपने शरीर से कुछ दान किया।जिसमें

दूसरी चीज़ उसकी ब्लड देने से पहले उसकी बिमारियों की जांचें होती हैं, पांच बीमारियों की जांच जो हमारी नेशन पालिसी में अनिवार्य है। हेपाटाइटिस B हेपाटाइटिस C H.I.V मलेरिया और सीक्रेसी इन पांच बिमारियों जांच करके और कोई भी कमी आने पर उसको तत्काल सुचना देकर और बुलाकर आगे की प्रक्रिया की जाती है।1

जो रेड ब्लड कोशिकाएं होती है इनकी लाइफ़ 120 दिन की होती है, अगर कोई व्यक्ति 120 दिन के अन्दर ब्लड डोनेट नहीं करेगा तो वो कोशिकाए डेड हो जाती है इस तरह से अगर कोई आदमी ब्लड डोनेट करेगा तो उसको कोई नुकसान नहीं होगा क्योकि नयी कोशिकाए बन के आ जाती है। हर आदमी जो की स्वस्थ है उसको खून देना चाहये क्योकि इससे आप चार ज़िन्दगी बचा रहे हो और किसी की जिंदगी बचाना इससे बड़ा कोई पुण्य का काम नहीं होता है।

ये भी पढ़‍ें : राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस पर मिलिए इस शख्स से जो रक्तदान कर बचा चुका है कई जिंदगियां

More Stories


© 2019 All rights reserved.

Top