'हेलीकॉप्टर घोटाले से ध्यान हटाने के लिए दंगे करा सकती है कांग्रेस'

हेलीकॉप्टर घोटाले से ध्यान हटाने के लिए दंगे करा सकती है कांग्रेस

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पाञ्चजन्य में दावा किया गया है कि कांग्रेस जल्द देश में दंगे करा सकती है। इसमें जिक्र किया गया है कि ऑगस्टाग वेस्ट‍लैंड हेलीकॉप्टसर घोटाले से ध्यागन हटाने के लिए कांग्रेस दंगे करा सकती है। 

ऑगस्टाै वेस्ट‍लैंड हेलीकाप्टर सौदे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ समर्थक एक साप्ताहिक ने सवाल किया है कि इस मामले में रिश्वत देने वाले जेल में है तो रिश्वत लेने वाले कौन हैं? यह सिग्नोरा है कौन? एक अजब का झीना परदा पड़ा है जिसके पार जनता सब देख रही है, इसलिए सिग्नोरा तुम्हे आना होगा, गांधी से अपना रिश्ता बताना होगा।

ऑगस्टा वेस्टलैंड हेलीकाप्टर सौदे को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुखपत्र पांचजन्य ने कांग्रेस को निशाना बनाया है। मुखपत्र ने कांग्रेस से इटली की अदालत के दस्तावेज में लिखे सिग्नोरा गांधी के बारे में बताने को कहा है।

पाञ्चजन्य के संपादकीय में लिखा गया है कि हजारों लोग इस बात से भयभीत हैं कि भ्रष्टांचार में लिप्तह कुछ राजनीतिक दल अपने नेताओं से देश का ध्यान हटाने के लिए दंगा शुरू करा सकते हैं। इसमें नाम लिए बगैर कांग्रेस अध्येक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधा गया है। संपादकीय में कहा गया है कि किसी ने नहीं सोचा था कि एक घोटाले का भूत सिग्नोीरा की तलाश में इटली से पहुंचेगा। सबसे पुरानी पार्टी के लोग जोर दे रहे हैं कि सिग्नोकरा को किसी खास नाम से नहीं जोड़ा जाए। लेकिन किसी ने देश के साथ धोखा किया है, वह कौन है? रिश्व।त देने वाले जेल में हैं तो लेने वाला कौन है?

पांचजन्य के संपादकीय में कहा गया है, ‘इटली की अदालत से भारत को ठगने वालों की खबरें, राज्यसभा में कुछ अच्छे चेहरों की दस्तक देश की मुख्य विपक्षी पार्टी के घर को थर्रा रही है।’ इसमें कहा गया है कि वक्त बदल चुका है, आज भारी भरकम सौदों में संदिग्ध लेनेदेन के लिए दलालों के कूटनाम से ज्यादा जटिल बच्चों के स्मार्टफोन के पासवर्ड और पैटर्न हो गए हैं। संपादकीय में कहा गया है कि वैसे इतालवी में सिग्नोरा हिन्दी में श्रीमती सरीखा संबोधन है। लेकिन सिग्नोरा को घेरने घोटाले का भूत इटली से भारत चला आयेगा, यह किसी ने सोचा था क्या? देश की सबसे बुजुर्ग पार्टी के लोगों का आग्रह है कि इसे किसी खास नाम से जोड़ने की भूल नहीं की जाए लेकिन भूल तो हल्ला की धूल उठने से पहले ही कोई कर चुका है।

पांचजन्य के अनुसार, ‘घूस देने वाला जेल में है तो घूस लेने वाला कौन है। अदालत जो जब करे, तब करे, जनता के सामने सिग्नोरा की यह पहेली पार्टी को समझानी है जिसके माथे इटली की यह आफत पड़ी है। सिग्नोरा के साथ भारतीय राजनीति के उस पुरखे का उपनाम भी विदेशी अदालत में उछला जिसके लिए भारतीय समाज की भावनाओं को भुनाया जाता रहा।’ इसमें दावा किया गया कि सात दशक के लोकतांत्रिक सफर में कुछ राजनीतिक दलों ने यह साबित कर दिया कि उनके लिए गांधी सिर्फ वोट हैं। लेकिन इटली की अदालत से पता चला कि सिग्नोरा के लिए गांधी सिर्फ नोट है।

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