By Gaon Connection
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों की स्थिति बेहद दयनीय है। सिलीगुड़ी एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जो अपने चाय बागानों और घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब स्थित है। जब ‘गाँव कनेक्शन’ की टीम सिलीगुड़ी के चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों से बातचीत करने पहुंची, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। मजदूरों को प्रतिदिन 10 से 11 घंटे कड़ी मेहनत करने के बावजूद केवल 250 रुपये की मजदूरी मिलती है। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच चाय बागान मजदूरों की यह स्थिति एक अहम मुद्दे के रूप में उभर रही है।
पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों की स्थिति बेहद दयनीय है। सिलीगुड़ी एक प्रमुख पर्यटन केंद्र है, जो अपने चाय बागानों और घने जंगलों के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब स्थित है। जब ‘गाँव कनेक्शन’ की टीम सिलीगुड़ी के चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों से बातचीत करने पहुंची, तो कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। मजदूरों को प्रतिदिन 10 से 11 घंटे कड़ी मेहनत करने के बावजूद केवल 250 रुपये की मजदूरी मिलती है। पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के बीच चाय बागान मजदूरों की यह स्थिति एक अहम मुद्दे के रूप में उभर रही है।
By Gaon Connection
पश्चिम बंगाल में जल्द ही वोटिंग होने वाली है। 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी। इस बीच ‘गाँव कनेक्शन’ की टीम ग्राउंड पर पहुंची और आम जनता का मन टटोला। जानिए, बंगाल की महिलाएं किसे और किन मुद्दों के आधार पर वोट देंगी। क्या एक बार फिर ममता बनर्जी की अगुवाई में TMC बाजी मार पाएगी? जानिए पूरी रिपोर्ट।
पश्चिम बंगाल में जल्द ही वोटिंग होने वाली है। 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई 2026 को होगी। इस बीच ‘गाँव कनेक्शन’ की टीम ग्राउंड पर पहुंची और आम जनता का मन टटोला। जानिए, बंगाल की महिलाएं किसे और किन मुद्दों के आधार पर वोट देंगी। क्या एक बार फिर ममता बनर्जी की अगुवाई में TMC बाजी मार पाएगी? जानिए पूरी रिपोर्ट।
कभी देश राजनैतिक और आर्थिक राजधानी रहा बंगाल कैसे समय के साथ-साथ अपना वैभव खोता रहा। अंग्रेजों के जमाने से ये व्यापार का केंद्र था, लेकिन धीरे-धीरे यहां की इंडस्ट्री खत्म होती रहीं। इसकी शुरुआत हुई बंगाल के विभाजन से। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष सरकार ने सुनाई पूरी कहानी। बंगाल को कैसे यहां की राजनीति से नुकसान हुआ?
कभी देश राजनैतिक और आर्थिक राजधानी रहा बंगाल कैसे समय के साथ-साथ अपना वैभव खोता रहा। अंग्रेजों के जमाने से ये व्यापार का केंद्र था, लेकिन धीरे-धीरे यहां की इंडस्ट्री खत्म होती रहीं। इसकी शुरुआत हुई बंगाल के विभाजन से। पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ पत्रकार देबाशीष सरकार ने सुनाई पूरी कहानी। बंगाल को कैसे यहां की राजनीति से नुकसान हुआ?
By Gaon Connection
पश्चिम बंगाल में जल्द ही वोटिंग होने वाली है और चुनावी माहौल एकदम गरमाया हुआ है। ऐसे में गाँव कनेक्शन की टीम भारत और नेपाल के बॉर्डर पर पहुंची और ज़मीनी हकीकत देखी, कितना आसान है बॉर्डर के इस पार से उस पार जाना। भारत में घुसपैठ को लेकर भी लोगों का क्या कहना है? इस वीडियो में जानिए पूरा मामला।
पश्चिम बंगाल में जल्द ही वोटिंग होने वाली है और चुनावी माहौल एकदम गरमाया हुआ है। ऐसे में गाँव कनेक्शन की टीम भारत और नेपाल के बॉर्डर पर पहुंची और ज़मीनी हकीकत देखी, कितना आसान है बॉर्डर के इस पार से उस पार जाना। भारत में घुसपैठ को लेकर भी लोगों का क्या कहना है? इस वीडियो में जानिए पूरा मामला।
By Gaon Connection
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 34 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का मुद्दा West Bengal चुनावों से पहले बड़ा सवाल बन गया है। इसका ज़मीनी असर क्या है? लोगों की जिंदगी पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए Manish Mishra पहुंचे हैं बंगाल के गाँवों में। गाँव कनेक्शन की इस खास ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए, चुनाव से पहले बदलते हालात, लोगों की आवाज़ और जमीनी सच्चाई। जुड़े रहें हमारे साथ, जहाँ हम आपको सीधे गाँवों से जुड़ी अहम खबरें दिखाते रहेंगे।#bengalelection #mamatabanerjee #westbengalnews #assemblyelection #gaonconnection #sir #voterlist
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद 34 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाने का मुद्दा West Bengal चुनावों से पहले बड़ा सवाल बन गया है। इसका ज़मीनी असर क्या है? लोगों की जिंदगी पर इसका क्या प्रभाव पड़ा है? इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए Manish Mishra पहुंचे हैं बंगाल के गाँवों में। गाँव कनेक्शन की इस खास ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए, चुनाव से पहले बदलते हालात, लोगों की आवाज़ और जमीनी सच्चाई। जुड़े रहें हमारे साथ, जहाँ हम आपको सीधे गाँवों से जुड़ी अहम खबरें दिखाते रहेंगे।#bengalelection #mamatabanerjee #westbengalnews #assemblyelection #gaonconnection #sir #voterlist
भारत में किसानों को क्या-क्या बदलाव करने की ज़रूरत है? क्यों किसान अपनी उत्पादन बढ़ने के बावजूद भी आमदनी नहीं बढ़ा पा रहे हैं। किसानों के लिए यह वीडियो समझने में मदद करेगी कि क्यों अब दौर हरित क्रांति का नहीं बल्कि नई क्रांति का है । खेती और किसानी से जुड़ी यह वीडियो किसानों के हर सवाल का देगी जवाब। किसान भाई लोग समझिए कि वो कहां गलती कर रहे हैं।
भारत में किसानों को क्या-क्या बदलाव करने की ज़रूरत है? क्यों किसान अपनी उत्पादन बढ़ने के बावजूद भी आमदनी नहीं बढ़ा पा रहे हैं। किसानों के लिए यह वीडियो समझने में मदद करेगी कि क्यों अब दौर हरित क्रांति का नहीं बल्कि नई क्रांति का है । खेती और किसानी से जुड़ी यह वीडियो किसानों के हर सवाल का देगी जवाब। किसान भाई लोग समझिए कि वो कहां गलती कर रहे हैं।
By Preeti Nahar
आज के 'Baat Pate Ki' में जानिए खेती से जुड़ी एक ऐसी कमाई के बारे में, जो आने वाले समय में गेम चेंजर बन सकती है— कार्बन क्रेडिट। बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के बीच अब किसानों के लिए एक नया मौका है, जहां वो पर्यावरण बचाते हुए एक्स्ट्रा इनकम भी कमा सकते हैं। इस वीडियो में आसान भाषा में समझिए कि कार्बन क्रेडिट क्या है, किसान इसे कैसे बना सकते हैं और इससे कमाई कैसे होती है। अगर आप खेती में नई तकनीक अपना रहे हैं या बदलाव की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। ऐसी ही खेती-किसानी से जुड़ी जरूरी जानकारी के लिए जुड़े रहें Gaon Connection के साथ।
आज के 'Baat Pate Ki' में जानिए खेती से जुड़ी एक ऐसी कमाई के बारे में, जो आने वाले समय में गेम चेंजर बन सकती है— कार्बन क्रेडिट। बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के बीच अब किसानों के लिए एक नया मौका है, जहां वो पर्यावरण बचाते हुए एक्स्ट्रा इनकम भी कमा सकते हैं। इस वीडियो में आसान भाषा में समझिए कि कार्बन क्रेडिट क्या है, किसान इसे कैसे बना सकते हैं और इससे कमाई कैसे होती है। अगर आप खेती में नई तकनीक अपना रहे हैं या बदलाव की सोच रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है। ऐसी ही खेती-किसानी से जुड़ी जरूरी जानकारी के लिए जुड़े रहें Gaon Connection के साथ।
By Gaon Connection
इस वीडियो में हम आम की फसल पर पड़ रहे मौजूदा संकट और किसानों के सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं। इस समय लगभग 60% क्षेत्र में फसल को भारी नुकसान हुआ है, जबकि केवल 40% क्षेत्र में ही अच्छी फ्रूटिंग देखने को मिल रही है। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव, बेमौसम बारिश, कोहरा और तापमान में अचानक बदलाव ने फसल पर गहरा असर डाला है। इसके अलावा कीटों का प्रकोप भी किसानों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। भुनगा (हॉपर) जैसे कीट ‘हनी ड्यू’ छोड़कर पत्तियों पर काली फफूंद पैदा कर रहे हैं, वहीं बारिश के कारण फलों पर काले धब्बे पड़ रहे हैं और छोटे फल सूखकर गिर रहे हैं। इस वीडियो में हम आम की फसल को बोर (मंजर) आने से लेकर पकने तक नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख कीटों—मिज कीट, भुनगा, थ्रिप्स, फल भेदक, सूड़ियां और फल मक्खी—के बारे में भी जानकारी देंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि किस समय कौन सा कीट सक्रिय होता है और उससे कैसे बचाव किया जा सकता है। हम किसानों को यह भी सलाह देंगे कि वे कृषि संस्थानों की साप्ताहिक परामर्श सेवाओं का लाभ उठाएं और बिना जरूरत के कीटनाशकों का प्रयोग न करें। केवल कीटों का प्रकोप दिखने पर ही विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार छिड़काव करें। झुलसा रोग से बचाव के लिए खराब मौसम की चेतावनी मिलते ही फफूंदी नाशक का उपयोग करना भी बेहद जरूरी है। अगर आप आम की खेती करते हैं या कृषि से जुड़े हैं, तो यह वीडियो आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। पूरी जानकारी के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।
इस वीडियो में हम आम की फसल पर पड़ रहे मौजूदा संकट और किसानों के सामने आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा कर रहे हैं। इस समय लगभग 60% क्षेत्र में फसल को भारी नुकसान हुआ है, जबकि केवल 40% क्षेत्र में ही अच्छी फ्रूटिंग देखने को मिल रही है। मौसम में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव, बेमौसम बारिश, कोहरा और तापमान में अचानक बदलाव ने फसल पर गहरा असर डाला है। इसके अलावा कीटों का प्रकोप भी किसानों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। भुनगा (हॉपर) जैसे कीट ‘हनी ड्यू’ छोड़कर पत्तियों पर काली फफूंद पैदा कर रहे हैं, वहीं बारिश के कारण फलों पर काले धब्बे पड़ रहे हैं और छोटे फल सूखकर गिर रहे हैं। इस वीडियो में हम आम की फसल को बोर (मंजर) आने से लेकर पकने तक नुकसान पहुंचाने वाले प्रमुख कीटों—मिज कीट, भुनगा, थ्रिप्स, फल भेदक, सूड़ियां और फल मक्खी—के बारे में भी जानकारी देंगे। साथ ही यह भी बताएंगे कि किस समय कौन सा कीट सक्रिय होता है और उससे कैसे बचाव किया जा सकता है। हम किसानों को यह भी सलाह देंगे कि वे कृषि संस्थानों की साप्ताहिक परामर्श सेवाओं का लाभ उठाएं और बिना जरूरत के कीटनाशकों का प्रयोग न करें। केवल कीटों का प्रकोप दिखने पर ही विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार छिड़काव करें। झुलसा रोग से बचाव के लिए खराब मौसम की चेतावनी मिलते ही फफूंदी नाशक का उपयोग करना भी बेहद जरूरी है। अगर आप आम की खेती करते हैं या कृषि से जुड़े हैं, तो यह वीडियो आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। पूरी जानकारी के लिए वीडियो को अंत तक जरूर देखें।
By Gaon Connection
एक किसान मशरूम की खेती करके आखिर कितनी कमाई कर सकता है, यह जानने के लिए मिलिए बाराबंकी के दिलीप वर्मा से, जिन्होंने मशरूम उत्पादन के जरिए करोड़ों का कारोबार खड़ा किया और अब अपनी सफलता की कहानी से अन्य किसानों को भी इस खेती को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
एक किसान मशरूम की खेती करके आखिर कितनी कमाई कर सकता है, यह जानने के लिए मिलिए बाराबंकी के दिलीप वर्मा से, जिन्होंने मशरूम उत्पादन के जरिए करोड़ों का कारोबार खड़ा किया और अब अपनी सफलता की कहानी से अन्य किसानों को भी इस खेती को अपनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
किसान का बेटा खेती अपने पिता से सीखता है, ऐसे ही एक 13 साल के किसान हैं शंकर नारायण। कक्षा 6 में पढ़ते हैं, और मशरूम की पूरी जानकारी रखते हैं। यही नहीं, वो एसी मशरूम प्लांट की पूरी जानकारी रखते हैं। रोज पढ़ने जाते हैं और वापस आकर अपने इस व्यापार को संभालते हैं। आज वह लगभग 25 लाख की कमाई कर रहे हैं। किसान से मशरूम की जानकारी के लिए उनके 9695678630 पर संपर्क कर सकते हैं।
किसान का बेटा खेती अपने पिता से सीखता है, ऐसे ही एक 13 साल के किसान हैं शंकर नारायण। कक्षा 6 में पढ़ते हैं, और मशरूम की पूरी जानकारी रखते हैं। यही नहीं, वो एसी मशरूम प्लांट की पूरी जानकारी रखते हैं। रोज पढ़ने जाते हैं और वापस आकर अपने इस व्यापार को संभालते हैं। आज वह लगभग 25 लाख की कमाई कर रहे हैं। किसान से मशरूम की जानकारी के लिए उनके 9695678630 पर संपर्क कर सकते हैं।
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