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देश
लोकसभा चुनाव 2019: मायावती का ऐलान- नहीं लडूंगी चुनाव
20 March 2019 7:21 AM GMT

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले ही मायावती ने ऐलान किया है कि वो चुनाव नहीं लड़ेंगी। उन्‍होंने कहा कि ''पार्टी जनहित को देखते हुए मैंने चुनाव न लड़ने का फैसला लिया है।'' मायवती ने कहा, ''अभी मेरे...

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शाम की पाठशाला: अंगूठाछाप महिलाएं अब अंग्रेजी में बताती हैं नाम

शाम की पाठशाला: अंगूठाछाप महिलाएं अब अंग्रेजी में बताती हैं नाम

पूर्णिया (बिहार)। पूर्णिया के बैरगाछी में महादलित और दलित समुदाय की महिलाएं आजकल हर हाल में शाम तक चौका-बर्तन कर लेती हैं। क्योंकि शाम को उन्हें पाठशाला भी जाना होता है। वे महिलाएं जो बचपन में...

हजार बछड़ों की मां: जर्मनी की इरीना ब्रूनिंग कैसे बन गईं सुदेवी दासी

हजार बछड़ों की मां: जर्मनी की इरीना ब्रूनिंग कैसे बन गईं सुदेवी दासी

मथुरा (उत्तर प्रदेश)। बात साल 1978 की है, जब जर्मनी की एक युवती भारत घूमने आई थी, उसके पिता भारत में जर्मनी के राजदूत थे। युवती का नाम फ्रेडरिक इरीना ब्रूनिंग था जो देश के कई हिस्सों को घूमते हुए...

गिरींद्र नाथ झा : एक किसान जो खेत में साहित्य लिखता है

गिरींद्र नाथ झा : एक किसान जो खेत में साहित्य लिखता है

चनका (पूर्णिया-बिहार)। 'जय जवान जय किसान के नारे ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। ये बेमतलब का है। दूसरी बात किसानों को धरती को अपनी मां नहीं, प्रेमिका मानना चाहिए। मेरे लिए मेरी जमीन मेरी गर्लफ्रेंड...

डीजे वाले युग में शादियां ऐसी भी होती हैं...

डीजे वाले युग में शादियां ऐसी भी होती हैं...

नारायणपुर (छत्तीसगढ़)। अभी तक आपने शादियों में बैंड और डीजे की धुनों पर नाचते-गाते लोगों को देखा होगा, लेकिन ये शादी बिल्कुल अलग है। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में आज भी आदिवासी परिवारों में...

ग्रामीण भारत की महिलाओं का ये हुनर देख आप भी तारीफ करेंगे

ग्रामीण भारत की महिलाओं का ये हुनर देख आप भी तारीफ करेंगे

लक्ष्मी देवी, कम्यूनिटी जर्नलिस्टसिल्ली (झारखंड)/दिल्ली। छत्तीसगढ़ की ढोकरा आर्ट, पश्चिम बंगाल और बिहार की बांस की कलाकारी, उत्तर प्रदेश का पीतल और कालीन, तमिलनाडु की लकड़ी की कलाकारी जिसने देखी वो...

एक माझी की कहानी : मेरा अगला जनम भी तेरे चरणों में हो...

एक माझी की कहानी : मेरा अगला जनम भी तेरे चरणों में हो...

नदी के किनारे घाट पर रहकर और नदी में अपनी नाव पर लोगों को घुमाना ही इनकी जि़ंदगी का सहारा है। आइए हम आपको उन नाविकों से मिलाते हैं, जिनकी ज़िन्दगी के जीने का जरिया सिर्फ और सिर्फ नाव है। कानपूर के...

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