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संवाद
पानी की बर्बादी रोकने का जिम्मा सिर्फ किसान पर ही क्यों, अमीर भी पेश करें मिसाल
2018-08-20 11:44:16.0

कुछ साल पहले की बात है मैं जल संकट और जलवायु परिवर्तन पर एक कॉन्फ्रेंस में शामिल हुआ था। भारत में पांच सितारा होटलों की चेन चलाने वाली एक बड़ी भारतीय कंपनी के उच्च अधिकारी समझा रहे थे कि उनकी कंपनी...

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छत्तीसगढ़: अब गाय के गोबर से बनी ईको फ्रेंडली लकड़ियों से होगा रायपुर में अंतिम संस्कार

छत्तीसगढ़: अब गाय के गोबर से बनी ईको फ्रेंडली लकड़ियों से होगा रायपुर में अंतिम संस्कार

अंतिम संस्कार के दौरान लकड़ियों का इस्तेमाल रोकने के लिए रायपुर नगर निगम ने एक अनोखा तरीका खोज निकाला है। यहां गाय के गोबर का इस्तेमाल करके ईको फ्रेंडली लकड़ियां बनाई जा रही हैं।लकड़ियां बनाने वाली...

My Daughter, My Identity: Tribal village in Jharkhand shows how it empower its girls

My Daughter, My Identity: Tribal village in Jharkhand shows how it empower its girls

Jamshedpur, Jharkhand. Holding her six-year-old daughter in her arms, the proud mother gazes as the nameplate on the door and smiles. The reason for her smile – the nameplate reads Roopa and Lakhimni...

सब्जी मसालों में ग्रामीण महिलाएं लगा रहीं हैं देसी तड़का...

सब्जी मसालों में ग्रामीण महिलाएं लगा रहीं हैं देसी तड़का...

गांव की चीजें शुद्ध होती हैं, इसमें कोई दो राय नहीं। खासकर जंगली और पहाड़ी इलाकों की फसलें और जड़ी बूटियां बेहद असरदार मानी गई हैं। नेपाल की तराई में उगने वाली हल्दी, धनिया और दूसरी फसलों से आदिवासी...

हर्बल घोल की गंध से खेतों के पास नहीं फटकेंगी नीलगाय , ये 10 तरीके भी आजमा सकते हैं किसान

हर्बल घोल की गंध से खेतों के पास नहीं फटकेंगी नीलगाय , ये 10 तरीके भी आजमा सकते हैं किसान

इन दिनों खेती करना छुट्टा जानवरों के चलते बहुत मुश्किल हो गया है। देखते ही देखते छुट्टा गाय और नीलगाय के झुंड़ पूरा का का पूरा खेत चर जाती हैं। तार लगवाना महंगा सौदा है, ऐसे में कुछ कृषि...

यहां के लोगों की फ्लोराइडयुक्त पानी पीना है मजबूरी, देखिए वीडियो...

यहां के लोगों की फ्लोराइडयुक्त पानी पीना है मजबूरी, देखिए वीडियो...

सोनभद्र। आप अगर पानी पीते हैं तो कई बाद देख कर पीते हैं पानी साफ हैं न, लेकिन यहां के लोगों की मजबूरी है जानकर भी इन्हें फ्लोराइड युक्त पानी पीना पड़ता है। 60 साल की यशोदा अब चार कदम भी बिना सहारे...

मिट्टी के कारीगर : आखिर क्यों थम गई कुम्हारों की चाक ?

मिट्टी के कारीगर : आखिर क्यों थम गई कुम्हारों की चाक ?

लखनऊ। जब फ्रीज नहीं हुआ करते थे, लोग घड़ों में रखा पानी पीते थे, ये न सिर्फ ठंडा होता था बल्कि इसका स्वाद भी कई गुना बेहतर होता था। लेकिन जैसे-जैसे मशीनरी हमारे घरों में आने लगी देसी फ्रीज कहे जाने...

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