डॉ. शिव बालक मिश्र

डॉ. शिव बालक मिश्र

Dr Shiva Balak Misra is an Indian geologist, writer, social worker. He is the Editor-in-chief of Gaon Connection.

Dr Misra is credited for his discovery of Fractofusus misrai - a fossil revealing mystery about beginning of life on earth some 560 mn years ago, discovered by him in June 1967 during his MS Thesis work at Mistaken Point, Newfoundland and Labrador, Canada now better knwon as Mistaken Point Ecological Reserve after his discovery.


  • ग्रामीण क्षेत्रों में 20 हजार लोगों पर एक डॉक्टर, कैसे सुधरेगा देश का स्वास्थ्य ?

    गांव के लोगों की जीवन शैली बदल रही है और उनका वैसा स्वास्थ्य नहीं रहा जैसा पहले हुआ करता था। वहां भी गम्भीर शहरी बीमारियां फैल रही हैं जिनका मुकाबला करने के लिए गांव तैयार नहीं हैं। उस दिशा में किए गए सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं। योजनाएं चलाने से काम नहीं चलेगा, गांवों और कस्बों में अस्पताल...

  • अन्न बैंक बनाइए, अमीरों की जूठन के फूड बैंक नहीं

    कुछ लोग पार्टियों का बचा हुआ भोजन इकट्ठा करके एक जगह जमा करके भूखों को मुफ्त बांटने की बात करते हैं। मुझे लगता है यह गरीबों का अपमान है। यदि भूख पर विजय पानी है तो जो अन्न खेतों में रह जाता है, घरों में चूहे खा जाते हैं, ढुलाई के समय नष्ट होता है उस पर ही नियंत्रण करके भूखे पेट भरे जा सकते हैं।देश...

  • शिक्षामित्रों की नियुक्ति एक जुगाड़ था, नहीं चला

    हम सब ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जुगाड़ से बने वाहन और ट्रैक्टर देखे हैं। कोई रजिस्ट्रेशन नहीं, चालक को प्रशिक्षण नहीं और वाहन का बीमा भी नहीं। इसी तरह अस्पतालों में डॉक्टर न आए तो नर्सें और वार्ड ब्वाय अक्सर डाॅक्टर का काम करते हैं और रखवाली के लिए बैंक, कारखाना, के सामने बिना प्रशिक्षण और बिना...

  • संसद में बहस का आखिर प्रयोजन क्या है ?

    राज्य सभा में बहस चल रही थी उसी बीच समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता नरेश अग्रवाल ने हिन्दू देवी देवताओं पर कुछ टिप्पणी कर दी, जिसे बाद में उन्होंने वापस लिया और खेद भी प्रकट किया। टिप्पणी कितनी प्रासंगिक थी यह तो नहीं पता लेकिन इसके बाद सत्ता पक्ष काफी उत्तेजित हो गया था।कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद...

  • किसान क्या खिलाए इतनी गायों को, पूछिए गोरक्षकों से 

    हमारी सरकार ने गायों को खरीदने और बेचने पर प्रतिबंध लगा दिया था तो मद्रास उच्च न्यायालय ने उस आदेश पर रोक लगाई और उच्चतम न्यायालय ने उस रोक को बरकरार रखा है। इस बात में सन्देह नहीं कि भारतीय समाज में गाय किसानों को मां की तरह पालती थी लेकिन बेचना खरीदना तो बहुत पुरानी परम्परा है। अब उसके दूध की...

  • अभिव्यक्ति की इतनी आज़ादी न मांगिए कि देश बिखर जाए 

    समाजवादी पार्टी के बड़े नेता मुहम्मद आज़म खां ने हमारी सेना पर लांछन लगाते हुए एक तरह से आतंकवादियाें द्वारा सैनिकों के शवों को क्षत-विक्षत करने का कारण समझाया है। एक प्रकार से उनके कृत्यों को न्यायोचित ठहराया है। आजम खां को भारत माता और गंगा मैया के विषय में भी कुछ भी कहने की आजादी रही है।इन्हीं की...

  • किसानों की हड़ताल को गम्भीरता से लीजिए  

    हड़ताल मजदूरों को करनी पड़ती थी लेकिन किसान तो मालिक है जमीन का मालिक। उसे क्यों जरूरत पड़ गई लाठी, डंडा और गोली खाने की। किसान का सोचना है कि संविधान सबको बराबर का हक देता है, बैंकों में सब एकसमान है इसलिए यदि उत्तर प्रदेश में कर्जामाफी हुई तो मध्य प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र में क्यों नहीं। यह...

  • ट्रंप से तलैय्या तक: जो सभ्यता प्रकृति से प्रेम करेगी, बचेगी

    अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस समझौते से अमेरिका को अलग करके साबित कर दिया है कि एक व्यक्ति में शक्तियों का केन्द्रित होना खतरनाक है। जलवायु संबंधी यह वही समझौता है जिसे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दो साल पहले स्वीकार किया था और अमेरिकी जनता आज भी उसे सही मानती है। ऐसा...

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