• बाल मजदूरी छोड़ बच्चों ने पकड़ी स्कूल की डगर

    मेरठ। जिस उम्र में बच्चे बेपरवाह रहते हैं उसी उम्र में एक लड़की ने न केवल बाल मजदूरी के खिलाफ आवाज उठायी, बल्कि अपने गाँव के बच्चों को स्कूल तक भी पहुंचाया, आज उनके गाँव के सभी बच्चे स्कूल जाते हैं।मेरठ जि़ले के जानी ब्लॉक के सिसोला गाँव की बीना पवार (19 वर्ष) खुद एक गरीब परिवार से हैं। मेरठ जिले...

  • कैराना कभी था संगीत का मशहूर घराना

    लखनऊ। शामली जिले के कैराना उपचुनाव की वजह से फिर सामने आ गया है, सबसे ये लोगों के सामने आया जब साम्प्रदायिक मसलों में उछाला गया, लेकिन कम लोग ही जानते होंगे, गीत संगीत के लिए मशहूर किराना घराने की शुरुआत इसी कैराना से हुई थी। संगीत की कई बड़ी मशहूर हस्तियां इस घराने से जुड़ी हुई हैं।भीमसेन जोशी,...

  • वो गीतकार जो आज भी दिलों पर राज करता है

    शकील बदायूंनी का नाम सुनते ही उनके लिखे गीत ज़ेहन में चलने लगते हैं, शायद ही लोगों को पता होगा कि उन्होंने अपने करियर की शुरुआत गीतकार से नहीं, दिल्ली में आपूर्ति विभाग में अधिकारी की नौकरी से की थी। 20 अप्रैल 1970 को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कहा था। लेकिन आज भी उनके गीत और शायरी दुनियाभर में...

  • तस्वीरों में देखें बदायूं के बच्चों का ‘बाल दिवस’ 

    बदायूं। बच्चों का दिवस ‘बाल दिवस’ देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में बच्चों के हक के लिए काम करने वाली विश्वस्तरीय संस्था यूनिसेफ और गाँव कनेक्शन के साझा प्रयास से छह जिलों में अलग-अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश के इन जिलों में से एक जिले बदायूं के ब्लॉक वजीरगंज...

  • अब कागज़ नहीं स्मार्ट फोन पर दस्तख़त कराएंगे डाकिए

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्कलखनऊ। कुछ साल पहले तक गाँवों में लोगों को डाकिए का बेसब्री से इंतज़ार रहता था कि डाकिया आएगा, चिट्ठी लाएगा। तब चिट्ठी ही वो माध्यम थी जिससे अपनों की खैर-ख़बर हम तक पहुंचती थी। जैसे-जैसे हम डिजिटाइज़ होते जा रहे हैं डाकियों के अस्तित्व पर ख़तरा भी बढ़ता जा रहा है। इसी ख़तरे को...

  • ऊसर खेत को उपजाऊ बनाने का ये है सही महीना

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्कलखनऊ। प्रदेश में लाखों हेक्टेयर खेत ऊसर और क्षारीय होने से किसानों के लिए किसी काम नहीं आता है। ऐसे में वे सही विधि अपनाकर ऊसर भूमि को उपजाऊ बना सकते हैं।खेती किसानी से जुड़ी सभी बड़ी खबरों के लिए यहां क्लिक करके इंस्टॉल करें गाँव कनेक्शन एपलखनऊ स्थित केन्द्रीय मृदा लवणता...

  • मात्र 20 फीसदी बने मृदा स्वास्थ्य कार्ड, लक्ष्य पूरा करने के लिये सिर्फ 13 दिन शेष

    दिवेन्द्र सिंह ,स्वयं प्रोजेक्ट डेस्कलखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटे जाने हैं। मृदा स्वास्थ्य कार्ड जारी करने का लक्ष्य पूरा होने में सिर्फ 13 दिन बचे हैं, लेकिन अभी तक अस्सी फीसदी नमूनों का...

  • कालबेलिया नृत्य को अलग पहचान दिला रहीं पद्मश्री गुलाबो सपेरा  

    स्वयं प्रोजेक्ट डेस्कलखनऊ। राजस्थान में सपेरा समुदाय में पैदा हुई गुलाबो सपेरा ने कालबेलिया डांस को ऐसी पहचान दिलायी कि आज देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी लोग कलबेलिया नृत्य को जानने लगे हैं। राजस्थान के अजमेर जिले के कोटड़ा गाँव में पैदा हुई गुलाबो की जिंदगी इतनी आसान नहीं थी। गुलाबो को पैदा होते...

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