• रामलीलाः ‘अरे क्या बक-बक करता है बकरी की तरह, चीर कर रख दूंगा, लकड़ी की तरह’

    दृश्य एक -मंच सजा था, बिजली की लड़ियों ने चकाचौंध मचा रखी थी। महागुन मेट्रो मॉल की विशाल इमारत की छत पर मैकडॉनल्ड का लाल रंग का निशान चमक रहा था। इस मॉल की आधुनिकता की चमक के ऐन पीछे मैदान में था मंच। बल्बों की नीली-पीली रौशनी के बीच भगवा रंग के कपड़ो में एक किशोर-सा अभिनेता लक्ष्मण बना हुआ था।मंच...

  • वोट बैंक का बंटवारा

    उत्तर प्रदेश में अब बस आखिरी चरण की वोटिंग आज समाप्त होनी हैं। बहुत कुछ हो गया, बहुत कुछ गुज़र गया। जुमलेबाज़ी, लफ्फाजी, वायदे, घोषणापत्र... सब कुछ हुआ। लेकिन सिर्फ भारत जैसे बड़े और अजूबे किस्म के किमियागरी वाले लोकतंत्र में ही मुमकिन है कि चुनाव घोषणा-पत्र में किए गए वादों की बजाय एक-दूसरे का खौफ...

  • नकद चुनावी चंदे पर सरकार का फंदा

    एक संस्था है एसोसिएशन ऑफ डिमोक्रेटिक राइट्स यानी एडीआर और दूसरी संस्था है, नेशनल इलेक्शन वॉच। यह दोनों ही संस्थाएं भारत में राजनीतिक दलों और नेताओं की दौलत वगैरह का ब्योरा वक्त-वक्त पर पेश करती रहती हैं और चुनावों में काले धन के इस्तेमाल और भ्रष्टाचार पर भी उनकी निगाह रहती है।इन दोनों संस्थाओं ने...

  • उज्जवल करती उज्जवला योजना

    जब हम गाँव की बात करते हैं तो जेहन में एक तस्वीर ज़रूर घूम जाती है, शाम के वक्त हवा में घुलता और हर घर से उठने वाला चौके का धुआं। एक तस्वीर और कौंधती है, वह है चूल्हा फूंकती औरतें।बात गाँव की करें और साथ में अनुसूचित जाति या जनजाति के गाँवों की करें तो स्थिति और बदतर हो सकती है। प्रधानमंत्री...

  • सिंचाई की नाकाम योजनाओं से सबक लेना जरूरी

    अभी ग्वालियर-धौलपुर-भरतपुर इलाके में घूम रहा हूं। देश में पिछले दो साल मानसून की कमी वाले साल रहे हैं और इस साल की अच्छी बारिश ने रबी फसलों की बुवाई में जोरदार बढ़ोत्तरी दिखाई है लेकिन यह मानना होगा कि देश में खेती का ज्यादातर हिस्सा अभी भी इंद्र देवता के भरोसे हैं। देश में कुल बोए रकबे का आधा से...

  • नोटबंदी का असर रबी की बुवाई पर नहीं

    आठ नवंबर को काले धन और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के वास्ते जब केन्द्र सरकार ने 500 और एक हज़ार रुपए के नोट को चलन से बाहर करने का फ़ैसला किया तो दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं, एक तो वह, जो नोटबंदी के समर्थन में थीं। दूसरी प्रतिक्रियाः आलोचनात्मक कम और निंदात्मक ज्यादा थी। इसमें सियासी तबके के...

  • थोड़ी चिंता खाद की भी कीजिए

    मंजीत ठाकुरअपने देश की खेती-बाड़ी में जो बढ़ोत्तरी हुई है, जो हरित क्रांति हुई है उसमें बड़ा योगदान रासायनिक उर्वरकों का है। हम लाख कहें कि हमें अपने खेतों में रासायनिक खाद कम डालने चाहिए-क्योंकि इसके दुष्परिणाम हमें मिलने लगे हैं—फिर भी, पिछले पचास साल में हमारी उत्पादकता को बढ़ाने में इनका योगदान...

  • टिकाऊ विकास से बचेंगी भावी पीढ़ियां

    इस वक्त जब पूरी दुनिया में पर्यावरण को लेकर खास चिंताएं हैं, और हाल ही में दुनिया भर ने दिल्ली में फैले दमघोंटू धुएं का कहर देखा, एक दफा फिर से आबो-हवा की देखभाल और उसकी चिंताएं और उससे जुड़े कारोबार पर गौर करना बेहद महत्वपूर्ण लगने लगा है।सबसे बड़ी बात कि हम लोग अपनी आने वाली पीढ़ियों के लिए क्या...

  • पानी की सियासत 

    चुनावी वक्त में पानी की तरह रुपया ज़रूर बहाया जाता है लेकिन पानी को पानी की ही तरह बहाना मुद्दा है। ताजा विवाद पंजाब बनाम हरियाणा का है, जहां मसला सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद गहरा गया। शीर्ष अदालत ने पंजाब सरकार को बड़ा झटका देते हुए सतलुज का पानी हरियाणा को देने का आदेश दिया था लेकिन, गुरुवार...

  • ज़रूरी है धुएं की लकीर पीटना 

    दिल्ली में ज़हरीला कोहरा हटने या छंटने के हफ्ते भर बाद मैं अगर इसकी बात करूं, तो आप ज़रूर सोचेंगे कि मैं सांप निकलने के बाद लकीर पीटने जैसा काम कर रहा हूं। लेकिन, यकीन मानिए, प्रदूषण एक ऐसी समस्या है, जिसमें चिड़िया के खेत चुग जाने जैसी कहावत सच भी है, लेकिन देर भी नहीं हुई है।अब जरा गौर कीजिए,...

  • चीन की चुनौती से निपटने के लिए नेपाल है ज़रूरी

    अठारह साल बाद भारत के किसी राष्ट्रपति की यह नेपाल यात्रा थी। दो से चार नवंबर तक हुई यह यात्रा इस मायने में भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन ने रणनीतिक तौर पर भारत को घेरने के लिए नेपाल की बिला शर्त मदद करनी उस पर शिकंजा कसने की तैयारियां शुरू कर दी थीं। इसके बाद, भारतीय मूल के लोगों, जिन्हें नेपाल में...

  • वह दौर शायद गुजर गया जब गेंदबाज़ धोनी के सामने गेंदबाज़ी करने से सहमते थे

    महेन्द्र सिंह धोनी जब विकेट पर बल्लेबाज़ी करने आते थे तो दुनिया के किसी भी हिस्से में हो रहे मैच में किसी भी स्कोर का पीछा करना नामुमकिन नहीं लगता था। दुनिया के सबसे बेहतरीन फिनिशर धोनी का करिश्मा शायद अब चुकने लगा है।चार महीने के आराम के बाद महेन्द्र सिंह धोनी ज़रूर वनडे मैचों के ज़रिए क्रिकेट की...

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