• ये क्या हैप्पी विमेंस डे-फे लगा रखा है?

    ये क्या हैप्पी विमेंस डे-फे लगा रखा है? मर्दों को मनाही है विमेंस डे की बधाई देने की जब तक मेरी कुछ शर्तें न पूरी हो जाएँ जब तक माँ भी पूरे परिवार के साथ खाना न खाए जब तक हिंदुस्तान के सारे पापा और भाई खाने के बाद अपने बर्तन खुद चौके में रखना न सीख जाएँ गुस्सा निकलने का तरीका माँ-बहन की...

  • हम टैक्स देते हैं ताकि शहर गाँव जैसा लगे

    प्रिय दद्दू,हमने पिछले दिनों कहीं पढ़ा था दद्दू, कि किसी बड़े ज्ञानी पुरुष ने शोध के बाद ये कहा है कि हिंदुस्तान में बीस-तीस साल बाद सिर्फ शहर ही मिलेंगे, गाँव नहीं मिलेंगे। उन्होंने कहा कि तमाम फैक्ट्री, सड़क, नौकरियां सब गाँव तक पहुंच जाएंगी और शहर गाँव को लील लेगा। हमें ये बात सुन के बड़ा डर...

  • आसमान में सुराख़: ताकि पंचायत स्तर पर चोरी ना हो सरकार का बजट

    नीलेश मिसरालखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, दोनों ने इस बार अपनी सरकारों के बजट में गाँवों को अभूतपूर्व हिस्सेदारी दी है। यह स्वागत योग्य है, गाँवों का चेहरा बदल सकता है-लेकिन स्थानीय स्तर पर भ्रष्टाचार के कारण इसमें से बहुत सा पैसा कभी गाँव पहुंचेगा ही...

  • नीलेश मिसरा के शब्दों में जानिए 'हज़रतगंज'

    ये हज़रतगंज है यारों,बड़ा कमाल है।जवान है दिल का चाहे उमर दो सौ साल है,ये हज़रतगंज है यारों।बिताए लाड़पन में यहां लम्हे कितने जाने यहां आने को पापा से किए कितने बहाने ''पापा वो बुक लेनी थी मैं यूनिवर्सल हो आऊं?''''पापा वो बाटा जाना था ज़रा छिलते हैं पांव''''पापा वो साहू में संतोषी माँ की फिल्म है...

  • सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं...

    'सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मक़सद नहीं, मेरी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए'दुष्यंत कुमार की ये कालजयी पंक्तियां हमारी कोशिशों का सार हैं। गाँव कनेक्शन इस दो दिसम्बर को तीन साल का हो रहा है।तीन साल की उम्र तक बच्चे बिना गिरे कुछ दूर तक दौडऩा सीख जाते हैं, पंजों पर उठाना सीख जाते हैं, एक सीधी रेखा...

Share it
Top