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अपना अलग ही कानून मानती है यह जनजाति

अपना अलग ही कानून मानती है यह जनजाति

धनबाद (झारखंड)। मारपीट की सजा, 2 बोतल शराब। चोरी की सजा, 5 बोतल शराब। किसी की हकमारी या उससे बड़े अपराध की सजा, 10 बोतल शराब। यहां जुर्म चाहे जैसा हो, सजा होती है ‘शराब’। हम बात कर रहे हैं झारखंड के धनबाद जिले में रहने वाले आदिम जनजाति बिरहोरों की। 210 लोगों की बस्ती है, पर उनमें से किसी पर कोई केस नहीं है। यहां चलकरी बस्ती में हर अपराध पर बतौर जुर्माना शराब पिलाने की सजा दी जाती है। अपराध छोटा हो, तो जुर्माना 1 से 6 बोतल शराब और बड़ा हो, तो 7 से 10 बोतल शराब।

वर्षों से बिरहोर समाज न्याय का यही पैमाना अपनाता रहा है। देश के कानून को यह समाज खुद पर लागू नहीं होने देता। 60 वर्षीय बड़ा सुकर बिरहोर बताते हैं कि आज तक बस्ती का कोई मामला थाने नहीं पहुंचा। 210 लोगों की बस्ती है, पर उनमें से किसी पर कोई केस नहीं है। समाज का अपना कानून है। समाज बैठकर सजा तय करता है। अपराधी को पूरे समाज को शराब पिलानी पड़ती है। यहां बाराती के समक्ष खाने के लिए दो ही चीजें परोसी जाती हैं- साग और भात (चावल)। इसके अलावा बारातियों को पीने के लिए शराब दी जाती है।

बिरहोर की परंपरा में ऐसे घुली है शराब
जन्म पर परंपरा
10 साल पहले बंद हुई दीवार तोड़ने की परंपरा:
बच्चे के जन्म के बाद मां और नवजात घर के दरवाजे से बाहर नहीं आते थे। घर की दीवार तोड़ कर उन्हें बाहर निकाला जाता था। समाज ने 10 साल पहले इस परंपरा को बंद कर दिया।

नाल जब तक ना गिरे तब तक मनता है जश्न:
यहां बच्चे के जन्म पर नाच, गाना और शराब पीने का दौर तब तक चलता रहता है, जब तक नवजात की नाल ना गिर जाए।

शादी की परंपरा
शराब के साथ ही होगी शादी की बात:
यहां शादी की बात भी शराब के साथ ही होगी। शाम में दोनों पक्षों के लोग जुटते हैं। एक साथ सब मिलकर शराब पीते हैं और उसके बाद ही शादी की बात होती है।

बाराती खाते हैं साग-चावल और पीते हैं शराब:
यहां बाराती के समक्ष खाने के लिए दो ही चीजें परोसी जाती हैं- साग और भात (चावल)। इसके अलावा बारातियों को पीने के लिए शराब दी जाती है।

कुछ जुर्म और सजा
सियार के शिकार पर देनी होगी मुर्गे की बलि:
बिरहोर समाज में अगर किसी ने सियार को मारा तो उसे एक मुर्गे की बलि देनी पड़ेगी। इसके अलावे उस पर शराब पिलाने का जुर्माना भी लगा सकता है।

तेंदुआ के शिकार पर देना पड़ेगा बकरा:
अगर किसी ने तेंदुआ को मार दिया, तो उसे बकरे की बलि देनी होगी। साथ ही समाज उस पर १० बोतल शराब का जुर्माना भी लगा सकता है।

रिपोर्ट-अम्बाती रोहित

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