अपराधियों से भरी है देश की नई सियासत

अपराधियों से भरी है देश की नई सियासतgaonconnection

मुंबई (भाषा)। पश्चिम बंगाल की नई विधान सभा में ऐसे विधायकों की संख्या (107) सबसे अधिक है जिन पर किसी प्रकार के आपराधिक आरोप हैं। इस संबंध में दूसरा स्थान केरल (87) का है। आंकड़े एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, के थिंक टैंक, द्वारा जारी किए गए हैं।

पश्चिम बंगाल में जीतने वाले ऐसे उम्मीदवारों की संख्या (93) भी सबसे अधिक है जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं।तृणमूल कांग्रेस में, जिसने पश्चिम बंगाल में चुनाव जीता है, 66 विधायक ऐसे हैं जिन पर आपराधिक मामले दर्ज है। यह आंकड़े किसी भी अन्य पार्टी के तुलना में सबसे अधिक है। 60 तृणमूल विधायकों पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। गंभीर आपराधिक आरोपों में हत्या, हत्या का प्रयास, बलात्कार , अपहरण और चोरी जैसे अपराध शामिल हैं।असम में 14 ऐसे उम्मीदवारों को निर्वाचित किया गया है जिन का आपराधिक रिकॉर्ड रहा है – कुल विधानसभा का 11 फीसदी एवं 2011 के अनुपात के बराबर।

पश्चिम बंगाल और केरल में आपराधिक मामलों के साथ विधायकों के प्रतिशत में वृद्धि हुई है। पश्चिम बंगाल में यह आंकड़े 2011 में 32 फीसदी से बढ़ कर 37 फीसदी तक पहुंचे हैं जबकि इसी अवधि के दौरान केरल में 42 फीसदी से बढ़ कर 62 फीसदी हुए हैं।पश्चिम बंगाल एवं केरल की तुलना में तमिलनाडु में थोड़ी कम वृद्धि देखी गई है। आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों की संख्या 2011 में 32 फीसदी से बढ़ कर 2016 में 34 फीसदी हुई है।असम में 72 उम्मीदवारों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं एवं 14 उम्मीदवार नए विधानसभा के लिए निर्वाचित किए गए हैं।केरल में आपराधिक रिकॉर्ड वाले 311 में से 87 उम्मीदवारों ने चुनाव में जीत पाई है।

किसी भी अन्य पार्टी की तुलना में, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) में ऐसे उम्मीदवारों की संख्या (72) सबसे अधिक है जिन पर आपराधिक आरोप हैं। इस संबंध में 42 के आंकड़े के साथ भाजपा दूसरे स्थान पर है। सीपीआई (एम) में भी , किसी भी पार्टी की तुलना में, गंभीर आपराधिक आरोप वाले उम्मीदवारों की संख्या (26) सबसे ज्यादा थी। इस संबंध में 23 के आंकड़ों के साथ दूसरा स्थान भाजपा का है। तमिलनाडु एकमात्र ऐसा राज्य था, जहां सत्तारूढ़ पार्टी में आपराधिक रिकॉर्ड वाले उम्मीदवारों की संख्या सबसे कम थी।

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 47 उम्मीदवारों का चयन किया था जिसमें से 28 उम्मीदवारों को निर्वाचित किया गया है।द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 68 उम्मीदवारों का चयन किया था जिसमें से 42 उम्मीदवार निर्वाचित  है।आपराधिक धमकी  सबसे अधिक प्रचलित अपराध रिपोर्ट किया गया है;  पश्चिम बंगाल में इस तरह के 172 मामले थे; केरल में सबसे कम, चार मामले देखे गए थे।

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