सुरक्षा के टिप्स: कस्बे में ग्रामीण सुरक्षा समिति का करें गठन
गाँव कनेक्शन 23 Jan 2017 2:58 PM GMT

गाँवों में लोगों की सुरक्षा को लेकर कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हाेते हैं। सुरक्षा के अभाव के चलते यहां किसी भी घटना को आसानी से अंजाम दिया सकता है। न तो काेई गार्ड होता है और न ही शहरों की तरह सीसीटीवी कैमरे लगे होते हैं। इसलिए ग्रामीणों को खुद ही सुरक्षा के लिए आगे आना होगा। ऐसे में ग्रामीण इन नियमों का ध्यान रख किसी भी अप्रिय घटना से बच सकते हैं...
ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों के लिए सुरक्षा संबंधी कुछ सुझाव
- किसी विवाह अथवा अन्य महत्वपूर्ण अवसर पर जब काफी रिश्तेदार विशेषकर महिलाएं एकत्रित हों, विशेष सतर्कता रखना आवश्यक है। महिलाओं को चाहिए कि सामान्य से अधिक आभूषण/जेवरात आदि का प्रदर्शन न करें तथा कम ही जेवर पहनें, जिससे अपराधी जो परिचित भी हो सकता है, अपराध के लिए प्रेरित न हो जाएं।
- रात में कार्यक्रम या विवाह वाले घरों में बारी-बारी से विश्वस्त व्यक्तियों को भी सतर्कता रखने तथा समस्या पड़ने पर सहायता करने हेतु अनुरोध करके रखें।
- अनजान छोटे बच्चों पर नजर रखें, उनके बारे में पूछताछ करें।
- प्रत्येक गाँव/कस्बे में ग्रामीण सुरक्षा समिति का गठन अवश्य करें तथा स्थानीय पुलिस की सहायता से सुरक्षा संबंधी गोष्ठी एवं विचारों का अदान-प्रदान करते रहें। युवा, उत्साही एवं कर्तव्यपिष्ठ व्यक्तियों को इस समिति का सदस्य बनने हेतु प्रोत्साहित करें।
- ग्राम चाैकीदार से संपर्क रखते हुए उससे भी महत्वपूर्ण जानकारी लेते रहें तथा उसे उसके मूल दायित्वों का बोध भी करा दें।
- स्थानीय पुलिस चौकी/थाने से निकट का संपर्क रखते हुए एनके नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर ज्ञात कर सभी को वितरित कर दें तथा उनके गश्ती दल का कार्यक्षेत्र भी मालूम कर उनसे ताल-मेल रखकर अपने व अपने क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
- सुरक्षा की भावना काे यदि हम अपनी आदत में शामिल कर लेंगे तो निश्चित रूप से हम स्वयं सुरक्षित रहते हुए अपनी, अपने परिवार व समाज एवं देश की रक्षा कर सकेंगे।
up police ग्रामीण सुरक्षा समिति Security Seminar control room
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