तुलसीदास ने की थी ऐशबाग रामलीला की स्थापना, अब मोदी बनेंगे गवाह

तुलसीदास ने की थी ऐशबाग रामलीला की स्थापना, अब मोदी बनेंगे गवाहलखनऊ के ऐशबाग रामलीला मैदान में रावण दहन का दृश्य (फाइल फोटो)

लखनऊ। नरेंद्र मोदी जहां इस बार 11 अक्तूबर को दशहरे पर रावण फूंकने के लिए आ रहे हैं, वहां कभी गोस्वामी तुलसीदास रुके थे। दावा तो यहां तक किया जाता है कि ऐशबाग की रामलीला की शुरुआत गोस्वामी जी ने ही करवाई थी। आयोजक अब दोगुने जोश से तैयारियों में जुट गये हैं। यहां आंधी की वजह से बुधवार की शाम थर्माकोल का बना स्टेज गिर गया था, मगर अब उसको सुधारना शुरू कर दिया गया है। आयोजक नरेंद्र मोदी की आवभगत के लिए पूरी तरह से तैयार हो रहे हैं।

गंगा-यमुनी के प्रतीक ऐशबाग के प्रसिद्ध रामोत्सव की तैयारियां की जा रही हैं। साल 2016 में होनेवाली इस रामलीला और उसका समापन इस बार पूरे देश के लिए खास हो गया है। आयोजन समिति के संयोजक आदित्य दिवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने से ये अवसर और भी खास हो गया है। उन्होंने कहा कि ऐशबाग रामलीला की स्थापना गोस्वामी तुलसीदास ने 15 वीं शताब्दी में की थी। लगभग 500 साल से यहां रामलीला मंचन होता रहा है। जिसमें बड़े बड़े लोग आए मगर इस बार प्रधानमंत्री का आना कुछ खास बात है।

121 फीट के रावण दहन के साक्षी होंगे मोदी

विजयदशमी (दशहरा) के विशेष अवसर पर 121 फिट का रावण बनाया जा रहा है। जिसकी साज सज्जा त्रेता युग जैसी ही की जाएगी। रावण को लंका के पारंपरिक कपड़े पहनाए जऐंगे। जिसके साथ अस्त्र-शस्त्र भी शामिल होंगे। 31 बार पुतले में नाभि का अमृतहरण किया जाएगा। साथ ही आधुनिक आतिशबाज़ी का विशेष प्रदर्शन किया जाएगा। रावण का पुतला संजू फकीरा और मुन्ना कारीगर बना रहे हैं। इसमें मुन्ना के अन्य सहयोगी मुस्लिम हैं जिनका इस उत्सव में सहयोग समाज में एक अच्छा उदाहरण दे रहा है। इस बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मौके के साक्षी होंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

हमने मुख्यमंत्री को भी आमंत्रित किया

आयोजकों में से एक डॉ दिनेश शर्मा ने बताया कि पुतला दहन के मुख्य अतिथि प्रधानमंत्री के अलावा उप्र के राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी आमंत्रित किया गया है। साथ ही खुद महापौर दिनेश शर्मा और पूर्व सांसद लाल जी टंडन मंच पर मौजूद होंगे।

मंच की सजावट रहेगी खास

श्रीरामलीला समिति के सचिव आदित्य द्विवेदी ने बताया कि मंच की सजावट आधुनिक तकनीक से सुसज्जित होगी। पूरे मंच को एलईडी स्क्रीन से कवर किया जाएगा। साथ ही लेज़र विधि तथा लाइट और साउण्ड से सभी दृश्यों को सजीव किया जाएगा जिनमें आकाशीय आकाशवाणी, राम का विराट रूप, शिला का स्त्री रूप में आना, प्रकट होनेवाले दऋशय,वास्तविक समुद्र, ब्रह्मफांस में वंदना, मायावी शक्तियां, गायब होना, दिव्यास्त्र और अन्य शामिल हैं।

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