जीत के बाद से खुफिया सूचनाओं को खास महत्व नहीं दे रहे ट्रंप: रिपोर्ट 

जीत के बाद से खुफिया सूचनाओं को खास महत्व नहीं दे रहे ट्रंप: रिपोर्ट डोनाल्ड ट्रंप

वॉशिंगटन (भाषा)। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की चकित कर देने वाली जीत को दो हफ्ते से भी ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन तब से नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को महज दो खुफिया जानकारियां दी गई है जो उनके पूर्ववर्तियो को प्राप्त होने वाली सूचनाओं के मुकाबले काफी कम है।

अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने वॉशिंगटन पोस्ट को बताया, ‘‘ट्रंप अभी बहुत व्यस्त चल रहे हैं।'' पोस्ट की रिपोर्ट में बताया गया है कि ट्रंप को दो ही खुफिया सूचनाएं दी गई हैं जो पूर्व राष्ट्रपतियों को दी जाने वाली सूचनाओं के मुकाबले काफी कम है। इसमें कहा गया है कि उप राष्ट्रपति पद के लिए निर्वाचित माइक पेंस को लगभग हर दिन इस किस्म की सूचनाएं दी जा रही हैं। ट्रंप के समर्थकों ने इस मुद्दे को सिरे से खाजिर कर दिया है।

हाउस इंटेलिजेंस कमिटी के अध्यक्ष डेविड नुन्स ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय सुरक्षा डोनाल्ड ट्रंप की सर्वप्रथम प्राथमिकता है और मुझे लगता है कि वे इसे बेहद गंभीरता से ले रहे हैं। देखिए अब तक वह कितने नेताओं से मुलाकात कर चुके हैं, कितनों से फोन पर बात कर चुके हैं, कितने पद उन्होंने भरे हैं। आलोचना करने वालों के पास कोई और काम नहीं है।'' ट्रंप के कैंपेन ने इस सवाल पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और इसे महत्वपूर्ण भी नहीं माना।खुफिया अधिकारियों का कहना है कि वे नवनिर्वाचित राष्ट्रपति को हर रोज सूचनाएं देने को तैयार हैं। फिलहाल ट्रंप अपने मंत्रिमंडल के गठन और प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण सदस्यों को चुनने में व्यस्त हैं।

जार्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन में पीडीबी ब्रीफर रह चुके पूर्व सीआईए अधिकारी डेविड प्रियेस ने कहा, ‘‘पिछले निर्वाचित राष्ट्रपतियों की तुलना में उनकी रफ्तार कुछ कम है, लेकिन इन सूचनाओं के कई दशकों तक आते रहने की संभावना को देखते हुए यह अनपेक्षित भी नहीं है।'' डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन का समर्थन करने वाले सीआईए के पूर्व उप निदेशक माइकल मॉरेल ने कहा, ‘‘पिछले तीन निर्वाचित राष्ट्रपति बदलाव के दौरान दी जाने वाली खुफिया सूचनाओं का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का अध्ययन करने के लिए करते थे। उन मुद्दों का जिनका खुद उन्हें या उन विश्व नेताओं को सामना करना पड़ सकता है, जिनसे वे बतौर राष्ट्रपति मुलाकात करेंगे।''

मॉरेल ने कहा, ‘‘नवनिर्वाचित राष्ट्रपति राष्ट्रीय सुरक्षा के समक्ष पेश खतरों और देश के सामने मौजूद चुनौतियों के बारे में सीखने और समझने का सुनहरा मौका खो रहे हैं। जब वे पद की शपथ लेंगे और सिच्युऐशन रुम में पहली बार दाखिल होंगे तब ऐसे समय में ऐसी जानकारी आपके पास होना बहुत महत्वपूर्ण होता है।''

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