इंसानी हुकूक के खिलाफ तीन तलाक

इंसानी हुकूक के खिलाफ तीन तलाकप्रतीकात्मक फोटो। साभार: गूगल

लखनऊ। एक बार में तीन तलाक के समर्थन पर आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के रूख पर अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा) ने उन्हें आड़े हाथो लिया है। एडवा, डेमोक्रेटिक वीमेन एसोसिएशन के साथ मिलकर देश के कई हिस्सों मे तीन तलाक के मुददे पर हस्ताक्षर मुहिम चला रही है। जिसमें एक तरफा तीन तलाक और बहुपत्नि प्रथा के विरोध में राजधानी में भी हस्ताक्षर अभियान शुरू करने जा रही है। यह बात डेमोक्रेटिक वीमेन एसोसिएशन की राष्ट्रीय सचीव साहबा फारूकी ने एक प्रेस वार्ता में कही।

कोई नहीं सुन रहा मुस्लिम औरतों की आवाज

साहबा फारूकी ने बताया कि दो दिवासीय कमेटी की बैठक में यह फैसला लिया गया कि राजधानी में महिलाए तीन तलाक और बहु पत्नि प्रथा के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाएगा। तीन तलाक के मुददे को राजनैतिक स्तर पर ऐसे दिखाया जा रहा है कि यहां केन्द्र सरकार और आल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की ही जंग है। इस बीच मुस्लिम औरतों की आवाज को कोई भी सुन नही रहा है।

इंसानी हुकूक की हिफाजत में

संहिता को केवल मुस्लमानो से जोड़ना भी बीजेपी की द्वि ध्रुवीकरण की नीति है, जबकि समान नागरिक संहिता सभी धर्मों से जुड़ी हुयी है, न कि सिर्फ मुस्लमानों से। एडवा की अध्यक्ष मधुगर्ग ने बताया कि बुद्ध जीवियों पर इस मुददे पर सहमति भी ली जाएगी। जब मुस्लिम देशों में तीन तलाक पर रोक लगाई जा चुकी है तो यहां भी इस पर रोक लगाने में ऑल इंडिया मुस्लिम ला बोर्ड की कोई दिक्कत नही होनी चाहिए। यह अभियान "इंसानी हूकूक की हिफाजत में" के नाम से चलाया जाएगा। और यह अभियान राजधानी के मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रो में चलाया जाएगा। इसके बाद अभियान को राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाएगा, जिससे इस कानून में बदलाव लाया जा सके।

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