बैंकरों का दावा-नोट बंद करने से नहीं पकड़ में आएगी ब्लैकमनी

बैंकरों का दावा-नोट बंद करने से नहीं पकड़ में आएगी ब्लैकमनी500 का नोट अब अमान्य। प्रतीकात्मक फोटो

चेन्नई (आईएएनएस)| अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (एआईबीईए) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा है कि 500 और 1,000 रुपये के नोट वापस लेने से काले धन पर लगाम लगाने में मदद नहीं मिलेगी, क्योंकि यह विदेशी बैंकों, विदेशी मुद्रा, सोने या अन्य संपत्ति के रूप में जमा है।

एआईबीईए के महासचिव सी. एच. वेंकटचलम ने मंगलवार रात कहा, "हर कोई जानता है कि अधिकांश काला धन नकदी के रूप में कम और विदेशी बैंकों, विदेशी मुद्रा, सोने या अन्य संपत्ति के रूप में जमा है। इसलिए केवल यह कदम काले धन को बाहर लाने में मदद नहीं करेगा।"

उन्होंने एक बयान में कहा, "दूसरा, इस कदम से नकली नोटों की समस्या भी दूर नहीं हो सकती। इसलिए जब तक हम नकली नोटों के मूल कारण पर लगाम नहीं लगाएंगे, नए नकली नोट आ जाएंगे।"

आसानी से नहीं खत्म होगी नोटों की किल्लत

वेंकटचलम के अनुसार, वाणिज्यिक बैंकों की करीब 85,000 शाखाएं और सहकारी बैंकों की करीब एक लाख शाखाएं हैं। उन्होंने कहा, "देशभर में करीब 1,02,000 एटीएम हैं। जब तब आरबीआई बैंकों की शाखाओं और एटीएम में नए नोटों की आपूर्ति नहीं करता, जो कि अगले 24/48 घंटों में किसी भी प्रकार संभव नहीं है, आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा, क्योंकि 500 और 1,000 के नोट हर व्यक्ति के द्वारा बेहद आमतौर पर प्रयोग किए जाते हैं।"

Share it
Share it
Share it
Top