लखनऊ में दिसंबर से शुरू हो जाएगा कैंसर इंस्टीट्यूट

लखनऊ में दिसंबर से शुरू हो जाएगा कैंसर इंस्टीट्यूटसीजी स्थित कैंसर इंस्टीटयूट।

लखनऊ। कैंसर पीड़ितों को अब अपने इलाज के लिए लम्बी वेंटिग का इंतजार नही करना पड़ेगा। सीजी स्थित कैंसर इंस्टीटयूट में मरीजों के लिए दिसम्बर महिने से ओपीडी शुरू हो जाएगी और ओपीडी के दस दिन बाद मरीजों की भर्ती भी शुरू हो जाएगी। कैंसर संस्थान में लगभग सभी तरह के कैंसर का इलाज किया जा सकेगा।

विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा

केजीएमयू के वीसी व कैंसर संस्थान के डायरेक्टर प्रो. रविकांत ने बताया कि संस्थान में कैंसर का विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। जिसमें अलग-अलग अंगों की सर्जरी और इलाज के लिए अलग-अलग स्पेशलिस्ट डॉक्टर होंगे। यहां पर आर्गन बेस्ड स्पेशलिस्ट और आर्गन बेस्ड ओपीडी भी चलेंगी। यानी हड्डी, सिर, गला व महिलाओं के लिए अलग- अलग ओपीडी चलेंगी। ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

आठ मंजिला होगी ओपीडी

ओपीडी को शुरू करने के लिए फिलहाल संस्थान के दो हिस्सों को तैयार कर लिया गया है। आठ हिस्सों में ओपीडी ब्लाक बनाए जाएगें। फिलहाल दो फ्लोर में ओपीडी तैयार करने का खाका तैयार कर लिया गया है। जिसको मरीजों के लिए दिसम्बर में खोल दिया जाएगा।

500 बेड का होगा अस्पताल

प्रो. रविकांत के अनुसार, कैंसर इंस्टीट्यूट 500 बेड का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होगा। फिलहाल 24 बेड के साथ शुरुआत की जाएगी। अगले एक से डेढ़ माह में 60 बेड और जुड़ जाएंगे। इसके लिए माइनर और मेजर ओटी तैयार की जा रही है। जो जल्दी ही मरीजों की सेवा के लिए उपलब्ध हो जाएगी। फिलहाल ओपीडी खुलने के बाद सर्जरी के लिए मरीजों को केजीएमयू ही आना पड़ेगा। जबतक की मेजर और माइनर ओटी पूरी तरह तैयार नही हो जाती।

21 विभाग का होगा अस्पताल

इस कैंसर संस्थान में कुल 21 विभाग होगे फिलहाल दस विभाग से ओपीडी को रन कराने का विचार है। जिसमें ब्रेस्ट कैसर, सर्वाइकल कैंसर, ओरल कैंसर, सव्रिक्स कैंसर, लंग कैँसर, यूट्रस कैंसर समेत सभी प्रकार के कैंसर का इलाज किया जाएगा।

450 करोड़ का बजट

एक सौ एक एकड़ की जमीन पर तकरीबन एक हज़ार करोड़ की लागत से इस संस्थान को पूरा किया जाएगा इसमें सभी प्रकार के कैंसर का इलाज होगा।

12 माइनर और 4 मेजर ओटी

ओटी ब्लाक में कुल 16 माइनर ओटी, ओटी काम्पलेक्स बनने तक 16 माइनर ओटी में से चार ओपीडी को मेंजर ओपीडी में अपग्रेड कर दी जाएगी। इन ओटी में मीडियम ग्रेड की सर्जरी कर सकेंगे, जिसमें आक्सीजन की जरूरत नही पड़ेगी।

कितना होगा स्टाफ

69 सीनियर रेजिडेंटस, 63 जूनियर रेजिडेंटस, 62 फैकल्टी सौ रेजिडेंट का स्टाफ होगा। फिलहाल कैंसर संस्थान को केजीएमयू के डॉक्टर ही चलाएंगे। इच्छुक डॉक्टर्स से वीसी प्रो. रविकांत ने सहमति मांगी थी, जिसके बाद 20 डॉक्टर्स ने अपनी सहमति दे दी है। जिसके बाद 16 डॉक्टर्स का ड्यूटी चार्ट तैयार कर लिया गया है। अभी इनमें और भी डॉक्टर्स के नाम बढ़ेंगे। उन्होंने बताया कि केजीएमयू के सभी डॉक्टर्स जो कैंसर संस्थान में मरीज देखेंगे, उन्हें प्रतिदिन का एक हजार रुपये का एक्स्ट्रा पेमेंट किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। साथ ही डॉक्टर्स को केजीएमयू से लाने और ले जाने के लिए अलग से वाहन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा सुल्तानपुर रोड पर शहीद पथ से कैंसर संस्थान जाने के लिए भी मरीजों को निशुल्क बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।

इन डॉक्टर्स की होगी ओपीडी

दिन डॉक्टर विभाग

सोमवार / प्रो. अरुन चतुर्वेदी और डॉ. नसीम अख्तर/ सर्जिकल आंकोलॉजी

प्रो. अर्चना कुमार/ पीडियाट्रिक आंकोलॉजी

मंगलवार/प्रो. रविकांत/सर्जिकल आंकोलॉजी

डॉ. विशाल गुप्ता/सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी

बुधवार/डॉ. निशांत वर्मा/पीडियाट्रिक आंकोलॉजी

प्रो. कीर्ति श्रीवास्तव/रेडियोथेरेपी

प्रो. उमा सिंह/गाइनीकोलॉजी आंकोलॉजी

गुरूवार/प्रो. एमएलबी भट्ट/रेडियोथेरेपी

प्रो. प्रदीप जोशी/सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी

शुक्रवार/प्रो. उमा सिंह/गाइनीकोलॉजी आंकोलॉजी

डॉ. विजय कुमार/सर्जिकल आंकोलॉजी

प्रो. सबूही कुरैशी/ गाइनीकोलॉजी आंकोलॉजी

शनिवार/ डॉ. सुधीर सिंह/रेडियोथेरेपी

डॉ. समीर गुप्ता/सर्जिकल आंकोलॉजी

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