आधे-अधूरे डेवलपमेंट के साथ हेरिटेज जोन का होगा लोकार्पण 

आधे-अधूरे डेवलपमेंट के साथ हेरिटेज जोन का होगा लोकार्पण हुसैनाबाद हेरिटेज जोन (फोटो: विनय गुप्ता)।

लखनऊ। आधी-अधूरी तैयारियों के साथ हुसैनाबाद हेरिटेज जोन का लोकार्पण मुख्यमंत्री अखिलेश यादव चार दिसंबर को करेंगे। लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से किये जाने वाले काम तो यहां पूरे हो गए हैं, मगर बाकी विभागों के काम अभी भी बाकी हैं। सिंचाई विभाग टीले वाली मस्जिद के पीछे जो सड़क बना रहा था, वह अभी भी अधूरी है। नींबू बाग बिजली उपकेंद्र को नहीं हटाया गया है। इसके अलावा हुसैनसाबाद हेरिटेज में दर्जनों की संख्या में अवैध निर्माण पर प्राधिकरण कोई काबू नहीं पा सका है।

पहले अक्टूबर में होना था लोकार्पण

पुराने लखनऊ का हुसैनाबाद हेरिटेज जोन का लोकार्पण पहले अक्टूबर में होना था, मगर कुछ देरी हो गई। इसलिए अब चार दिसंबर का दिन तय किया गया है। बड़ा इमामबाड़ा, रूमी गेट, सतखंडा और पिक्चर गैलरी जैसी इमारतों का रंगरोगन तेजी से जारी है। कोबाल्ट टाइल्स से रूमी गेट के सामने वाली सड़क का दोबारा निर्माण किया जा चुका है। शासन की ओर से 200 करोड़ रुपये में टीले वाली मस्जिद से लेकर छोटे इमामबाड़े तक जीर्णोध्दार करवाया जा रहा है।

राज्य सरकार खर्च कर रही 200 करोड़ रुपये खर्च

कुछ समय पहले तक इलाके में बदहाल सड़कों के कारण यहां नवाबी काल की इमारतें अपनी ख़ूबसूरती खोती जा रही थीं। इलाके की हालत इस तरह हो गयी थी कि बाहर से आए पर्यटकों का चलना-फिरना दूभर होता जा रहा था। मगर अब ये हालात सुधारे जा रहे हैं। टीले वाली मस्जिद से लेकर छोटे इमामबाड़े तक विकास कार्यों पर राज्य सरकार करीब 200 करोड़ रुपये खर्च कर रही है।

अलग-अलग एजेंसियों से कराए जा रहे हैं काम

  • सतखंडा और पार्क का सुंदरीकरण नगर निगम करवा रहा है।
  • घंटाघर और पिक्चर गैलरी का सुंदरीकरण एलडीए करवा रहा है।
  • सड़क चौड़ीकरण, वॉक-वे बनाने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी पर है।
  • पुराना बिजली उपकेंद्र हटाने और तारों को भूमिगत लेसा करेगा।
  • टीले वाली मस्जिद के पीछे सड़क निर्माण पीडब्ल्यूडी करवा रहा है।
  • पिक्चर गैलरी के पास कम्युनिटी सेंटर का निर्माण एलडीए।

अवध की इमारतें रहीं बेमिसाल

अवध की ऐतिहासिक सभ्यता और यहां की बेमिसाल इमारतों को हमेशा एक उच्च स्तर पर माना गया हैI हुसैनाबाद ट्रस्ट के पदाधिकारी हुसैन नासिर नक़वी ने बताया कि इस प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 200 करोड़ है। लगातार इन सब कार्यों के चलते ऐतिहासिक इमारतों का सौंदर्यीकरण नया आकार लेने लगा है। कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका हैI कार्य की प्रगति को देख कर अंदाज़ा लगाया जा सकता है रूमी गेट की ख़ूबसूरती में लगेंगे चार चाँद और घंटाघर के आस-पास का नज़ारा भी और खूबसूरत और देखने लायक होगा। सड़क को एक खूबसूरत नज़ारा देने के लिए तरह-तरह के स्टोन इस्तेमाल में लाये जा रहे है I रूमी गेट की ऊंचाईं बरक़रार रखने के लिए हर तरह की सावधानी बरती जा रही हैI घंटाघर में भी सेफ गार्ड और ग्रीनरी का कार्य इस माह तक पूरा हो जायेगाI सतखंडा भवन और पक्का पुल की भी कार्यशैली लगातार प्रगति में है, जो पत्थर हुसैनाबाद की सड़कों पर इस्तेमाल हुए हैं।

मगर ये हैं कमियां

  • नये बनाए गए कम्युनिटी सेंटर के ठीक पीछे एक ग्रुप हाउसिंग बनाई गई है। जिसका नक्शा पास नहीं है।
  • शीशमहल तालाब के चारों ओर भी अवैध निर्माण किया गया है। ये अवैध निर्माण हेरिटेज की खूबसूरती में एक दाग के समान है।
  • कोबाल्ट की सड़क जरूर बनाई गई है, मगर मोटर व्हीकल के न रोके जाने से ये दिन पर दिन चिकनी होती जा रही है। जिससे भविष्य में यहां वाहनों का आवागमन दिक्कतों भरा होगा।
  • सिंचाई विभाग ने टीले वाली मस्जिद के पीछे अब तक सड़क का निर्माण पूरा नहीं किया है, ऐसे में दिक्कतें कायम हैं।
  • लेसा का नींबू बाग उपकेंद्र यहां से हटाया नहीं जा सका है। जिसकी वजह से ये सुंदरीकरण अधूरा महसूस किया जा रहा है।
  • पार्किंग करने के लिए कोई बेहतर इंतजाम नहीं किये गये हैं।
  • टूरिस्ट के लिए फूडकोर्ट भी अब तक नहीं बनाया जा सका है।

कुछ काम जो बाकी हैं वे एलडीए से जुड़े हुए नहीं हैं। उपकेंद्र लेसा को हटाना है। टीले वाली मस्जिद के पीछे सड़क सिंचाई विभाग बनवाएगा। जबकि हमारा सारा काम पूरा हो चुका है। इसलिए लोकार्पण चार दिसंबर को होगा।
बीपी मौर्य, अधिशासी अभियंता, लविप्रा

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