घर में शौचालय होता तो तेजाब से नहीं झुलसता सीमा का चेहरा

घर में शौचालय होता तो तेजाब से नहीं झुलसता सीमा का चेहरागंभीर हालत में ट्रामा सेंटर में भर्ती है सीमा।

अश्वनी कुमार निगम/ बसंत कुमार

लखनऊ। एक दिन बाद जब पूरी दुनिया में स्वच्छता अभियान को बढ़ावा देने के लिए विश्व शौचालय दिवस मनाया जाएगा, उसके दो दिन पहले उत्तर प्रदेश की एक लड़की के साथ जो घटना हुई, वह हमारी व्यवस्था की पोल खोलती है। अम्बेडकर नगर जिले के अम्बेडकरपुर थाना के ग्राम बहाउद्दीन निवासी दसवीं में पढ़ने वाली सीमा कुमार घर में शौचालय नहीं होने के कारण अल सुबह शौच के लिए निकली और एक सिरफिरे ने उसपर तेजाब फेंक दिया। सीमा जिंदगी और मौत से जूझ रही है और उसका इलाज लखनऊ में किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

जब शादी से इंकार किया तो...

सीमा के घरवालों का कहना है कि उनके गांव में फैजाबाद जिले के बीकापुर गांव का रहने वाला अमरजीत उनके गांव मे शटरिंग काम का ठेकेदारी करता था। इसी दौरान कॉलेज जाते समय सीमा की अमरजीत से पहचान हुई। अमरजीत ने शादी का प्रस्ताव दिया, लेकिन सीमा ने जब इससे इंकार कर दिया तो उसने यह धमकी दी कि अगर तुम मेरी नहीं हो सकती तो किसी और की भी नहीं हो सकती। सीमा के भाई रामजनम ने बताया कि अमरजीत को समझाया गया था, लेकिन उनको यह नहीं पता था कि वह ऐसा करेगा। उनकी बहन बुधवार को जब सुबह शौचालय जा रही तो रास्ते में एक बोलेरा गाड़ी आई और उसमें अपने चार साथियों के साथ सवार अमरजीत ने तेजाब फेंकर फरार हो गया। बुरी तरह झुलसी उनकी बहन को पहले सरकारी अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां से स्थिति खराब होने के बाद उसे लखनऊ के ट्रामा सेंटर रेफर किया गया। जहां पर उसका इलाज चल रहा है।

गांव में चाय की दुकान चलाते हैं सीमा के पिता

सीमा के पिता सभाजीत गांव में ही चाय की दुकान चलाते हैं। उनका कहना है कि वह घर में इस साल शौचालय बनवाने की सोच रहे थे। उनके गांव के अधिकतर लोग खुले में शौच में जाते हैं, जिसमें पुलिस और महिला दोनों शामिल हैं। उन्हें नहीं पता था कि उनकी बेटी के साथ ऐसी घटना घटेगी। अगर अमरजीत उनकी बेटी से शादी करना चाहता था तो वह उनसे बात करता। वह शायद मान जाते लेकिन अब तो वह चाहते हैं कि उनकी बेटी को इस स्थिति में पहुंचाने वाले को कड़ी से कड़ी सजा मिले।

शौचालय नहीं, गांव और लड़कियों पर बना रहता है खतरा

विश्व स्थास्थ्य संगठन और यूनिसेफ की रिपोर्ट के मुताबिक, गांवों में 65 प्रतिशत से ज्यादा लोग खुले में शौच जाते हैं। इनमें गांव की महिलाएं बेहद सुबह और देर रात अंधेरा होने पर शौच के लिए जाती हैं, जो उनके लिए असुरक्षा का सबसे बड़ा कारण होता है। आपराधिक प्रवृत्ति के लोग इसी का फायदा उठाकार उनको अपना शिकार बनाते हैं।

जब तक मिलता रहेगा तेजाब तब तक...

सुप्रीम कोर्ट ने तेजाब हमले की शिकार लक्ष्मी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए तेजाब की बिक्री को लेकर निर्देश दिया था, लेकिन देशभर में उसका पालन नहीं किया जा रहा है। आज भी दुकानों में तेजाब की बिक्री हो रही हैं। एसिड अटैक कैम्पेन शुरू करके लोगों को जागरूक करने वाली लक्ष्मी के याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में तेजाब बिक्री को लेकर निर्देश दिया था।

क्या दिये निर्देश

  • सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, तेजाब बेचने के लिए पहचान पत्र अनिवार्य होगा।
  • बिना पहचान पत्र के तेजाब बेचने पर पॉइजन एक्ट 1919 के तहत मामला दर्ज होगा।
  • 18 साल से कम उम्र के लोगों को तेजाब नहीं देना है और 18 साल से ज़्यादा उम्र के लोगों को पहचान पत्र देखकर तेजाब बेचना है।

ज्यादातर मामले गाँवों और छोटे शहरों से

स्टॉप एसिड अटैक कैम्पेन से जुड़े आशीष बताते हैं कि एसिड अटैक से जुड़े ज़्यादातर मामले गाँवों और छोटे शहरों से ही आते है। इसके पीछे के कारणों का जिक्र करते हुए आशीष कहते हैं कि सबसे बड़ा कारण तेजाब की उपलब्धता है।

कारण अशिक्षा और पुरुषवादी मानसिकता

बड़े शहरों के अपेक्षा गाँवों में पुरुषवादी मानसिकता ज़्यादा हावी है। किसी लड़की का शादी या प्रेम के लिए ना कहना 'सम्मान' से जोड़ लिया जाता है और अशिक्षा के कारण ऐसे हादसे होते हैं।

एसिड अटैक मामले में यूपी अव्वल

लक्ष्मी बनाम भारत सरकार मामले के बाद 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में एसिड अटैक से जुड़े मामलों को संग्रह करना शुरू किया। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2013 में 186, 2014 में 42 और 2015 में 55 मामले दर्ज हुए।

अम्बेडकर नगर में यह पहला केस है। अब तक यहां पर तेजाब से सम्बंधित मामला नहीं आया। सुप्रीम कोर्ट ने कानून बना दिया, लेकिन उसका पालन नहीं हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, एसडीएम को तेज़ाब का डाटा रखने की जिम्मेदारी दी गई है, लेकिन ऐसा प्रदेश में नहीं हो रहा है। बिना फोटो आईडी और बिना पहचान पत्र के दुकानदार तेजाब बेच रहे हैं।
दुर्गा प्रसाद शुक्ला, सदस्य, स्टॉप एसिड अटैक कैंपेन

तेजाब पीड़िता सीमा की स्थिति नाजुक

तेजाब पीड़िता सीमा कुमारी केजीएमयू के प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट में इलाज चल रहा है। उनका इलाज करने वाले चिकत्सा अधीक्षक डाक्टर विजय कुमार का कहना है कि लड़की का 40 से 50 हिस्सा जलने की वजह है स्थिति गंभीर है। पेट और सीने को छोड़कर शरीर के अधिकतर हिस्से तेजाब से झुलस गए है। फिर भी बेहतरीन इलाज करके बचाने की कोशिश की जा रही है।

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