छह सेकेण्ड में हैक हो सकता है आपका क्रेडिट कार्ड

छह सेकेण्ड में हैक हो सकता है आपका क्रेडिट कार्डफोटो:प्रतीकात्मक

लंदन (भाषा)। ऑनलाइन भुगतान को धोखाधड़ी से बचाने के लिए किये गये सभी सुरक्षा उपायों को तोड़ने में सफलता हासिल करने वाले वैज्ञानिकों का कहना है कि महज छह सेकेंड में कोई हैकर आपके क्रेडिट और डेबिट कार्ड की संख्या, उसकी मान्यता समाप्त होने की जानकारी और सुरक्षा कोड का अनुमान लगा सकता है।

स्वचालित रूप से और प्रणाली के जरिये कार्ड की सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न तरह की जानकारी इकट्ठा करके और विभिन्न वेबसाइटों पर इन जानकारियों को डालकर कुछ सेकेण्ड के भीतर ही हैकर सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक आंकड़े जुटा सकते हैं। अनुसंधानकर्ताओं का मानना है कि अनुमान लगाकर हमला करने के इस तरीके का उपयोग हाल ही के टेस्को साइबर हमले में किया गया। न्यूकासल की टीम का मानना है कि अगर आपके पास एक लैपटॉप और इंटरनेट कनेक्शन है तो यह काम बहुत ही आसान है।

न्यूकासल विश्वविद्यालय के पीएचडी के छात्र मोहम्मद अली ने कहा, “इस तरह के हमले से दो कमजोरियों का पता लगता है जो अपने आप में बहुत गंभीर नहीं हैं लेकिन दोनों का इस्तेमाल अगर एकसाथ किया जाए तो वे पूरे भुगतान प्रणाली के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं।” अली ने कहा, “वर्तमान भुगतान प्रणाली विभिन्न वेबसाइटों के जरिये किये जाने वाले भुगतान के कई अमान्य अनुरोधों का पता नहीं लगा पाती है।” आईईईई सिक्योरिटी एंड प्राइवेसी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक चूंकि वर्तमान ऑनलाइन प्रणाली में विभिन्न वेबसाइटों के जरिये एक ही कार्ड के लिए कई अमान्य भुगतान अनुरोध को समझने की क्षमता नहीं है इसलिए कई वेबसाइटों के जरिये अनगिनत अनुरोध किये जा सकते हैं। हालांकि दल ने यह पाया कि केवल वीजा नेटवर्क ही संवेदनशील है।

भारतीय अनुसंधानकर्ता ने तोड़ा आईफोन, आईपैड का लॉक

न्यूयॉर्क (भाषा)। भारत के एक सुरक्षा अनुसंधानकर्ता ने एक बग (खामी) का पता लगाया है, जिसके जरिये आईफोन के आईओएस 10.1 वर्जन के एक्टिवेशन लॉक को तोड़ा जा सकता है।

केरल के बाहर काम करने वाले हेमंत जोसेफ ने आईओएस उपकरण की सेटअप प्रक्रिया में खामी का पता लगाया। इसके बाद उन्होंने ऑनलाइन खरीदे गये एक लॉक आईपैड पर यह प्रयोग किया।

फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक जब वाईफाई नेटवर्क चुनने के लिए कहा गया तो उन्होंने ‘अन्य नेटवर्क’ का विकल्प चुना है और इसके बाद प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए नाम और डब्ल्यूपीए 2- इंटरप्राइज की तक ले गये और हजारों कैरेक्टर डाला। उनका अनुमान था कि उस जगह पर बहुत अधिक आंकड़ा डालने से उपकरण फ्रीज हो जाएगा और ऐसा ही हुआ। आईपैड को फ्रीज करने का पता लगाने के बाद उन्होंने सेटअप प्रकिया को विफल करने की दिशा में काम किया।

खबर में कहा गया है कि गूगल ड्राइव पर उनके द्वारा अपलोड किये गये वीडियो में पूरी प्रक्रिया को दिखाया गया है जिसके जरिये उन्हाेंने सेटअप प्रक्रिया को विफल कर दिया। अमेरिका के वल्नरेबिलिटी लैब के अनुसंधानकर्ताओं ने इससे पहले आईओएस 10.1.1 में भी एक बग का पता लगाया था। खबरों के मुताबिक जोसेफ द्वारा खोजे गये बग को आईओएस के पिछले महीने के अपडेट में ठीक कर लिया गया।

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