जयललिता ने डॉक्टर से कहा था, इंचार्ज तुम नहीं मैं हूं : अपोलो अस्पताल

जयललिता ने डॉक्टर से कहा था, इंचार्ज तुम नहीं मैं हूं : अपोलो अस्पतालपिछले साल दिसंबर में जयललिता का निधन हो गया था।

चेन्नई (भाषा)। जयललिता के निधन को लेकर फैल रही अफवाहों को शांत करने के लिए अपोलो अस्पताल के डॉक्टरों ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें डॉक्टरों ने कहा कि कार्डियक अरेस्ट आने के एक हफ्ते पहले तक जयललिता इशारों से बात करने लगी थीं और अपनी बात समझाने की कोशिश भी करने लगी थीं। अंतिम हफ्तों में उन्हें देखने आए ब्रिटिश डॉक्टर रिचर्ड बेल ने कहा कि 'उनके अंगों में इन्फेक्शन हो गया था जिसकी वजह से उनका निधन हुआ।'

डॉ. बेल का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी, जिसके बाद उन्हें अस्पताल लाया गया था। शुरुआती इन्फेक्शन के बाद उनकी की हालत सुधर रही थी, वह होश में थी और इशारों में बात भी कर रही थीं। डॉ. बेल ने कहा कि उनकी हालत इतनी ठीक थी कि जब मैंने उनसे कहा कि मैं यहां का इंचार्ज हूं तो उन्होंने कहा 'नहीं, इंचार्ज मैं हूं।'

गौरतलब है कि जयललिता के अस्पताल में रहने के दौरान उनकी असल हालत को लेकर काफी कयास लगाए जा रहे थे। विरोधी पार्टियों समेत कई लोगों ने ऐसे आरोप लगाए गए कि जयललिता की असल हालत लोगों को बताई नहीं जा रही है। यह आरोप इसलिए भी लग रहे थे क्योंकि शशिकला समेत कुछ ही लोगों को जयललिता से मिलने की अनुमति थी। इसके अलावा दस्तावेज़ों पर लिए गए जयललिता के अंगूठे के निशान ने भी लोगों के मन में उनके जीवित रहने, न रहने को लेकर शक पैदा कर दिया था। डीएमके ने यह भी कहा कि जयललिता की हालत अगर ठीक है तो उनकी एक तस्वीर खींचकर क्यों न जनता को दिखाई जाए। इन सवालों का जवाब देते हुए डॉक्टरों ने ज़ोर देते हुए कहा कि जो लोग बीमार होते हैं, उनकी तस्वीर लेना उचित नहीं है, इसे दख़लअंदाज़ी कहा जाता है।

First Published: 2017-02-06 16:00:56.0

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