केजरीवाल ने नोटबंदी पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की

केजरीवाल ने नोटबंदी पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग कीदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।

नई दिल्ली (भाषा)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज नोटबंदी के मुद्दे पर ‘श्वेतपत्र' जारी करने और इसकी स्वतंत्र जांच कराने की मांग की। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि नोटबंदी सबसे बड़ा घोटाला है और दावा किया नरेन्द्र मोदी के दौरान वैश्विक स्तर पर प्रधानमंत्री कार्यालय की छवि धुमिल हुई है।

नये साल की पूर्वसंध्या पर प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन को ‘ढकोसला' करार देते हुए केजरीवाल ने मोदी और भारतीय रिजर्व बैंक से पूछा कि आठ नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के 50 दिन पूरा होने के बाद कितना धन जमा हुआ और इससे क्या फायदा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘नोटबंदी स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा घोटाला है और यह पूरी तरह से राजनीति और भ्रष्टाचार से प्रेरित है। यह सबसे बड़ा घोटाला है।''

केजरीवाल ने अपने आवास पर कहा, ‘‘हम मांग करते हैं कि इसकी स्वतंत्र जांच करायी जाए और नोटबंदी के कारण हुए फायदे और नुकसान के बारे में श्वेतपत्र जारी किया जाए।'' केजरीवाल नीत आम आदमी पार्टी को बडे नोटों को अमान्य करने के फैसले का सबसे बडा आलोचक माना जाता है।

केजरीवाल ने दावा किया कि प्रधानमंत्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हंसी के पात्र बन गए हैं। दुनिया के बड़े अर्थशास्त्री इस पूरी कवायद की कमियों के बारे में चर्चा कर रहे हैं। डॉ. मनमोहन सिंह का दुनिया में सम्मान अर्जित किया लेकिन मोदीजी ने प्रधानमंत्री पद की छवि को नष्ट कर दिया है।

31 दिसंबर के प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन के बारे में उन्होंने कहा कि यह खोखला था, क्योंकि उन्होंने नोटबंदी के कदम के फायदे और नुकसान के बारे में कुछ नहीं कहा।

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