Top

डिजिटल गाँव का तमगा पाकर आंध्र प्रदेश की शान बना मोरी

Ashish DeepAshish Deep   29 Dec 2016 8:45 PM GMT

डिजिटल गाँव का तमगा पाकर आंध्र प्रदेश की शान बना मोरीगाँव वालों को 99 रुपये प्रति महीने की किस्त पर 4000 रुपये का सेट टॉप बॉक्स दिया जा रहा है।

अमरावती (भाषा)। आंध्र प्रदेश में पूर्वी गोदावरी जिले के साखीनेतीपल्ली मंडल के तहत आने वाले छोटे से गाँव मोरी ने पूरी तरह स्मार्ट डिजिटल गाँव के रूप में भारत के डिजिटल नक्शे में जगह पक्की कर ली है।

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू द्वारा एपी फाइबरनेट परियोजना शुरू करने के साथ गाँव के सभी 1189 घर पूरी तरह डिजिटल कनेक्शन वाले हो गये हैं। इस परियोजना में 149 रुपये प्रति महीने में 15 एमबीपीएस की रफ्तार से इंटरनेट, वाई-फाई, एक टेलीफोन कनेक्शन और 250 केबल टीवी चैनल की सुविधा मिलेगी।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्राबाबू नायडू।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर घोषणा की, ‘‘हम मोरी को पूरे देश के लिए आदर्श गाँव बनाएंगे।'' अभी तक मोरी गाँव को काजू के निर्यात के लिए जाना जाता था लेकिन इसे डिजिटल स्वरूप प्रदान करने की शुरुआत इसी माटी के सपूत सोलोमन एन डार्विन ने की जो अमेरिका के बर्कले में सेंटर फॉर कॉर्पोरेशन इनोवेशन, यूसी में कार्यकारी निदेशक हैं।

मोरी को हाल ही में राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ ग्राम पुरस्कार मिला था। यहां सारे घरों में अलग अलग शौचालय बनाये गये और उसे खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया। जिला कलेक्टर एच अरुण कुमार ने बताया, ‘‘मोरी गाँव का हर बाशिंदा ई-बैंकिंग, रुपे कार्ड या एसबीआई बडी के माध्यम से डिजिटल लेनदेन करता है। गाँव की सभी दुकानों पर नकदीरहित लेनदेन के लिए पीओएस मशीने हैं।'' उन्होंने बताया कि सभी गाँव वालों को डिजिटल लेनदेन के लिए जरूरी प्रशिक्षण दिया गया है। आंध्र प्रदेश राज्य फाइबर ग्रिड निगम ने गाँव वालों को 650 एंड्रॉइड फोन बांटे ताकि वे नोटबंदी के बाद डिजिटल तरीके से लेनदेन कर सकें।

Next Story

More Stories


© 2019 All rights reserved.