देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने को मेरे दिमाग में कई परियोजनाएं : मोदी    

देश को भ्रष्टाचार मुक्त करने को मेरे दिमाग में कई परियोजनाएं : मोदी     गोवा में मोपा ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे का शिलान्यास और इलेक्ट्रॉनिक सिटी परियोजना पर कार्य का शुभारंभ करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी व रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर।

पणजी (भाषा)। काले धन पर रोक लगाने के लिए बड़े नोटों को चलन से बाहर करने के फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए उनके दिमाग में ‘कई परियोजनाएं' हैं और वह नतीजे भुगतने को तैयार हैं क्योंकि ऐसी ताकतें उनके खिलाफ हैं जिनकी 70 साल की लूट संकट में पड़ गई है।

मोपा ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे व इलेक्ट्रॉनिक सिटी परियोजना पर कार्य का शुभारंभ

मोदी ने गोवा में मोपा ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे का शिलान्यास और इलेक्ट्रॉनिक सिटी परियोजना पर कार्य का शुभारंभ करने के बाद संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह अंत नहीं है, मेरे दिमाग में भारत को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए और भी परियोजनाएं हैं, मेरे साथ सहयोग कीजिए और 50 दिन तक मेरी मदद कीजिए और मैं आपको ऐसा भारत दूंगा जैसा आप चाहते हैं।''

‘बेनामी संपत्ति' के खिलाफ करेंगे कार्रवाई

उन्होंने कहा, ‘‘हम ‘बेनामी संपत्ति' के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। यह भ्रष्टाचार और कालेधन को समाप्त करने के लिए बड़ा कदम है, अगर भारत में कोई धन लूटा गया है और देश से बाहर जा चुका है तो हमारा कर्तव्य उसके बारे में पता लगाने का है।'' मोदी अपने संबोधन के दौरान कुछ समय के लिए भावुक भी दिखाई दिए। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पता है कि कुछ ताकतें मेरे खिलाफ हैं, जो मुझे जीने नहीं देना चाहतीं, वे मुझे बर्बाद कर सकती हैं क्योंकि उनकी 70 साल की लूट संकट में है, लेकिन मैं तैयार हूं।'' उन्होंने कहा कि लोगों ने 2014 में भ्रष्टाचार के खिलाफ मतदान किया था।

मैं वही कर रहा हूं जो इस देश की जनता मुझसे करने के लिए कह रही थी और मेरी कैबिनेट की पहली बैठक से ही यह बहुत स्पष्ट हो गया, जब मैंने काले धन पर एसआईटी बनाई थी। पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने इसकी अनदेखी की, हमने भ्रष्टाचार को हराने में ईमानदार नागरिकों की मदद के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया।
नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री भारत

विपक्षी संप्रग पर सीधा निशाना साधते हुए मोदी ने कहा, ‘‘कोयला घोटाले, 2जी घोटाले और अन्य घोटालों में शामिल लोगों को अब 4000 रुपए बदलने के लिए कतारों में खड़ा रहना होगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘यह संकट केवल 50 दिन का है, एक बार स्वच्छता हो जाएगी तो एक मच्छर भी नहीं उड़ सकता। यह 70 साल पुराना रोग है और मुझे इसे 17 महीने में खत्म करना है, मुझे आजादी के बाद से चल रहे भ्रष्टाचार को उजागर करना है। अगर मुझे इसके लिए एक लाख नौजवानों की भर्ती करनी पड़ी तो मैं वो भी करंगा।''

500 और 1000 रुपए के नोटों को चलन से बाहर करने के फैसले पर विपक्षी दलों की आलोचनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने सोचा कि अगर वे मेरे बाल खींचेंगे तो मैं कुछ नहीं करंगा। लेकिन आप मुझे जिंदा भी जला दें तो भी मैं नहीं डरने वाला।'' इस फैसले के लिए किए गए प्रयासों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैंने 10 महीने पहले एक गुप्त अभियान शुरू किया था और एक छोटी टीम बनाई थी।''

उन्होंने कहा कि जाहिर है कि यह उस तरह नहीं है जिस तरह रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक की थी। हमें नई मुद्रा के नोट छापने होंगे और दूसरे कदम उठाने होंगे।

मुझे 50 दिन का साथ दें गलत होने पर सार्वजनिक रूप से फांसी पर चढ़ा दें

जनता से 30 दिसंबर तक 50 दिन के लिए साथ देने की अपील करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘अगर आपको मेरी मंशा में कुछ भी खोट नजर आता हो या मेरी कार्रवाइयों में कुछ गलत नजर आता है तो मुझे सार्वजनिक रूप से फांसी पर चढ़ा दें। मैं आपसे वादा करता हूं कि मैं आपको ऐसा भारत दूंगा जो आप चाहते हैं। अगर किसी को दिक्कत होती है तो मुझे पीड़ा होती है, मैं उनकी समस्या को समझता हूं लेकिन यह केवल 50 दिन के लिए है और 50 दिन के बाद हम सफाई में सफल होंगे।''

कुछ लोगों को छोड़कर बाकी खुश हैं

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लाख भ्रष्ट लोगों को छोड़कर पूरी आबादी इस कदम को सफल बनाने के के लिए काम कर रही है। आठ नवंबर की रात जब उन्होंने 500, 1000 रुपए के नोटों को बंद करने के फैसले की घोषणा की थी तो करोड़ों लोग शांति से सोये, लेकिन कुछ लाख लोग (भ्रष्ट) नींद की गोली खरीदने वाले हैं क्योंकि उनकी नींद उड गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज ऐसे लोग भी अपनी विधवा मां के खाते में ढाई लाख रुपए जमा कर रहे हैं, जिन्होंने कभी उनका ध्यान नहीं रखा।'' मोदी ने कहा, ‘‘मैंने ईमानदार लोगों के समर्थन की अपेक्षा के साथ यह लड़ाई शुरू की थी और मुझे उनकी शक्ति में पूरा भरोसा है, सभी कह रहे हैं कि उन्हें समस्या आ रही है लेकिन वे खुश हैं कि इससे देश को फायदा होगा।''

  1. कतारों में खड़े लोगों की मदद के लिए काम कर रहे बैंक कर्मचारियों और युवाओं की प्रशंसा करते हुए उन्होंने यह बात कही।
  2. देश में नमक की कमी की अफवाह पर उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा वो कर रहे हैं जिनका काला धन बेकार हो रहा है।''


गोवा के मोपा में ग्रीनफील्ड हवाईअड्डे का उद्घाटन और इलेक्ट्रॉनिक सिटी परियोजना पर कार्य का शुभारंभ करते हुए प्रधानमंत्री ने कई साल के बाद राज्य में राजनीतिक स्थिरता लाने के लिए पर्रिकर की तारीफ की जो राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिरता से विकास आया है, राज्य को फायदा हो रहा है। उन्होंने इन खबरों का भी उल्लेख किया कि गोवा छोटे राज्यों में नंबर एक बनकर उभरा है। यह गोवा की जनता के प्रयासों की वजह से है।

मोदी ने कहा कि उन्हें इन परियोजनाओं का शुभारंभ करते हुए खुशी हो रही है जिसका वादा तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था। उन्होंने कहा कि हवाईअड्डे से 50 लाख से ज्यादा लोग गोवा में आएंगे, जिससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि रोजगार बढ़ेगा और यहां अर्थव्यवस्था बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादन सिटी केवल एक परियोजना नहीं है, यह गोवा को भारत की प्रगति के शक्तिगृह में बदलेगा।

देश के बाहर रखे काले धन की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हमारे सत्ता में आते ही देश के बाहर रखे काले धन की जांच के लिए उच्चतम न्यायालय की निगरानी में विशेष जांच दल का गठन किया गया था। पिछली सरकारों ने इसकी अनदेखी की। क्या मैंने कुछ छिपाया?'' उन्होंने कहा, ‘‘हमने कर छूट योजना के तहत 67,000 करोड़ रुपए एकत्रित किए। पिछले दो वर्षों में छापों, सर्वे और घोषणाओं के माध्यम से सरकार ने अपने राजकोष में 1,25,00 करोड़ रुपए एकत्रित किए थे।'' मोदी ने वित्तीय समावेश के लिए जन धन योजना का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘मैं देश की आर्थिक हालत को सुधारने के लिए दवाओं की छोटी छोटी खुराक देता रहा।''

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ। मैंने देश के लिए अपना गाँव छोड़ा, परिवार छोड़ा।'' मोदी ने अपने भाषण में कहा कि सरकार देशभर में ‘बेनामी' संपत्तियों पर कार्रवाई करेगी।

मैं आजादी के बाद से हुए भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करंगा

उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने जा रहे हैं जिन्हें दूसरों के नाम पर खरीदा जाता है, यह देश की संपत्ति है, मेरी सरकार का मानना है कि गरीबों की मदद करना हमारी जिम्मेदारी है और मैं इसे करंगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘जब आम लोगों को कठिनाइयां आ रहीं है तो मुझे भी इस पर पीड़ा होती है, कृपया इस फैसले को मेरा अहंकार नहीं मानें। मैं समस्याओं को समझता हूं जो देशवासियों के सामने आ रहीं हैं लेकिन यह असुविधा और परेशानी केवल 30 दिसंबर तक की है, सफाई पूरी होने के बाद एक मच्छर भी नहीं उड़ पाएगा।''

मोदी ने कहा, ‘‘काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ इस लड़ाई में मेरे साथ गरीबों की दुआ और मांओं का आशीर्वाद है जो इसकी सफलता की संचालन शक्ति बन गयी है, मैं आजादी के बाद से भ्रष्टाचार का पर्दाफाश करंगा। अगर मुझे इस काम के लिए एक लाख नौजवानों की भर्ती करनी पड़ी तो मैं इसे करंगा।''

कई सांसद आभूषण खरीदारी में पैन अनिवार्यता के खिलाफ : मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि जब केंद्र सरकार ने कानून बनाकर ज्वेलरों के लिए दो लाख से ज्यादा का सोना बेचने पर पैन कार्ड मांगने के नियम को जरूरी बनाया था तो आधे से ज्यादा सांसदों ने मुझसे संपर्क कर इसमें राहत की मांग की।

उन्होंने कहा, ‘‘कुछ ने तो मुझे लिखित में भी यह बात कह डाली। जिस दिन मैं पत्रों को सार्वजनिक कर दूंगा, वे अपने अपने क्षेत्रों में जाने लायक नहीं रहेंगे।'' प्रधानमंत्री ने कहा कि आभूषणों पर उत्पाद शुल्क लगाने का फैसला किया गया तो हमें बहुत विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके बाद सरकार को इसके परिणामों का अध्ययन करने के लिए विशेषज्ञ समिति बनानी पड़ी।

मोदी ने कहा, ‘‘आशंका जताई गई थी कि आयकर विभाग ज्वेलरों का उत्पीड़न करेगा। मैंने उन्हें पूरा विश्वास दिलाया कि कोई आयकर अधिकारी आपको परेशान नहीं करेगा। अगर कोई करता है तो उससे बातचीत रिकॉर्ड कर लें और मुझे दें। हम उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे।''

थोड़ी परेशानी झेलें पर देश को फायदा होगा

बड़े नोटों को बंद करने के फैसले पर जनता की प्रतिक्रिया पर प्रसन्नता जताते हुए मोदी ने कहा कि लोगों को बैंकों के बाहर लंबी कतारों में खड़ा रहना होगा। हमें थोड़ी परेशानी होगी लेकिन देश को फायदा हो रहा है।

मोदी ने जमाखोरों को धमकाया, वे मुझे नहीं जानते

मोदी ने जनता से यह अपील भी की कि छिपा हुआ धन बैंकों में जमा करे और जरूरी हो तो जुर्माना अदा करके मुख्यधारा में शामिल हों। उन्होंने कहा, ‘‘अगर कुछ लोगों को अब भी लगता है कि वे इंतजार कर सकते हैं तो वे मुझे नहीं जानते।''






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