एक छड़ी ने बचाई एक परिवार के सात सदस्यों की जान

Sanjay SrivastavaSanjay Srivastava   21 Nov 2016 4:33 PM GMT

एक छड़ी ने बचाई एक परिवार के सात सदस्यों की जानप्रतीकात्मक फोटो।

पटना (भाषा)। उत्तर प्रदेश के कानपुर के समीप कल इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में एक बूढ़ी मां की छड़ी ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिला के एक परिवार के सात सदस्यों की जान बचाई।

मुजफ्फरपुर के एक व्यवसायी मनोज चौरसिया का परिवार इंदौर से इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन की बीएस-एक बोगी में सवार होकर पटना आ रहा था।

उक्त ट्रेन हादसे के बाद क्षतिग्रस्त बोगी में फंस जाने पर हमने दुर्घटना के एक घंटे बाद अपनी मां की छड़ी से बोगी की खिड़की का शीशा तोड़ा और बोगी से बाहर आ पाए। मां की छड़ी ने पूरे परिवार की जान बचा ली।
मनोज चौरसिया व्यवसायी मुजफ्फरपुर

चौरसिया की बूढ़ी मां दहशत के कारण कुछ भी नहीं बोल सकीं। वह उक्त जान बचाने वाली छड़ी की मदद से चलती रही हैं।

उक्त बोगी में उनके साथ सफर कर रही चौरसिया की पत्नी नंदनी ने बताया कि कोच के एटेंडेंट और कुछ अन्य यात्रियों की बोगी के भीतर ही मौत हो गई और बचाव दल के वहां पहुंचने से पहले वे सब खिड़की का शीशा तोड़कर बाहर निकल गए। उन्होंने कहा कि मौत उन्हें छू कर निकल गई।

इस हादसे के बाद चौरसिया का परिवार भी विशेष ट्रेन के जरिए आज प्रात: 4.05 बजे पटना जंक्शन पहुंचा। हादसा पीड़ित यात्रियों को लेकर विशेष ट्रेन जिस समय यहां पहुंची उस समय जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल स्वयं पटना जंक्शन पर मौजूद थे और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे थे।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस हादसे में पीड़ित यात्रियों के पटना जंक्शन पहुंचने पर वहां मौजूद चिकित्सकों के दल ने लोगों की जांच की और उन्हें तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भेजा। जिला प्रशासन ने हादसे में सकुशल बचे विशेष ट्रेन से पहुंचे अन्य यात्रियों को पटना जंक्शन से उनके पैतृक जिला मधुबनी, सारण, मुजफ्फरपुर और अन्य स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की।


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