‘शी टीम्स’ की कडी नजर से महिला विरोधी अपराध में आई 20 फीसद की कमी 

vineet bajpaivineet bajpai   26 Oct 2016 12:52 PM GMT

‘शी टीम्स’ की कडी नजर से महिला विरोधी अपराध में आई 20 फीसद की कमी ‘शी टीम्स’ 24 अक्तूबर 2014 को हैदराबाद में लांच की गई थी। इसका एकमात्र उद्देश्य था कि महिलाओं से छेड़छाड़ और उनके उत्पीड़न पर लगाम लगाई जाए।

हैदराबाद (भाषा)। ‘शी टीम्स' की पैनी नजर के कारण हैदराबाद में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई है। ‘शी टीम्स' में आम तौर पर महिलाएं हैं और इसका गठन वर्ष 2014 में उन लोगों पर नजर रखने के लिए किया गया है, जो महिलाओं का उत्पीड़न करते हैं।

इस साल सितंबर तक महिलाओं से छेड़छाड़ और उत्पीड़न के कुल 1,296 मामले दर्ज किए गए हैं जो पिछले साल सितंबर तक 1,521 थे। वहीं, वर्ष 2014 में सितंबर तक कुल 1,606 ऐसे मामले दर्ज हुए थे। ‘शी टीम्स' 24 अक्तूबर 2014 को हैदराबाद में लांच की गई थी। इसका एकमात्र उद्देश्य था कि महिलाओं से छेड़छाड़ और उनके उत्पीड़न पर लगाम लगाई जाए और महिलाओं के लिए हैदराबाद शहर को सुरक्षित बनाया जाए।

हैदराबाद पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘इसके लांच से लेकर अब तक ‘शी टीम्स' ने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत की है और हैदराबाद शहर को महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान बनाने के लिए निरंतर प्रयास करते रहेंगे।'' अपर आयुक्त पुलिस (अपराध एवं एसआईटी) स्वाति लाकड़ा ने बताया, ‘‘सार्वजनिक स्थानों में महिलाओं के खिलाफ उत्पीड़न में भारी कमी आई है और लड़के महिलाओं पर छेड़छाड़ करने से बच रहे हैं, क्योंकि उनमें डर की भावना बनी हुई है कि ‘शी टीम्स' उन पर नजर रख रही है। हैदराबाद में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में लगभग 20 प्रतिशत की कमी आई है।''

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