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संत समाज से मुख्यमंत्री बनने वाले देश के पहले पुरुष संत योगी आदित्यनाथ

संत समाज से मुख्यमंत्री बनने वाले देश के पहले पुरुष संत योगी आदित्यनाथउत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री को लेकर सप्ताह भर से चल रही अनिश्चितता शनिवार शाम समाप्त हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गोरखपुर से सांसद और गोरक्षनाथ पीठ के महंत योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश के नए मुख्यमंत्री के लिए चुन लिया है। केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा को उपमुख्यमंत्री चुना गया है।

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भाजपा विधायक दल की यहां हुई बैठक में अक्सर विवादों में रहने वाले तेज-तर्रार भाजपा नेता योगी आदित्यनाथ के नाम पर विधायकों ने मुहर लगा दी। आदित्यनाथ गोरखपुर से लगातार चार बार से सांसद हैं।

फटे हुए कान और उसमें पहना गया कुण्डल है योगी की पहचान

योगी आदित्यनाथ का फटे हुए कान और उसमें पहने एक बड़े कुण्डल से अपनी अलग पहचान रखते हैं लेकिन यह उनके नाथ संपद्राय की विशिष्ट पहचान है। इस संपद्राय में योगी कुछ निश्चित प्रतीकों का प्रयोग करते हैं। जो केवल व्यहारिक धार्मिक चिन्ह मात्र न होकर आध्यात्मिक अर्थ भी रखता है।

योगी आदित्यनाथ।

नाथ योगी की पहचान उनके फटे हुए कान और उसमें पहने जाना कुण्डल है। इस संपद्राय का प्रत्येक व्यक्ति संस्कार की तीन स्थितियों से गुजरता है। तीसरी और अंतिम स्थिति में गुरू उसके दोनों कानो के मध्यवर्ती कोमल भागों को फाड़ देता है। जब घाव भर जाता है तो उनमे दो बड़े छल्ले पहना दिए जाते हैं। इस कारण ही इस संपद्राय के योगी को कनफटा योगी भी कहते हैं। संस्कार का यह अंतिम रूप योगी की सच्चाई और निष्ठा की परीक्षा प्रतीत होता है।

संत समाज से मुख्यमंत्री बनने वाले देश के पहले पुरुष संत

आजादी के बाद योगी आदित्यनाथ से पहले अभी तक कोई पुरूष संत किसी भी प्रदेश का मुख्यमंत्री नहीं बना था। योगी से पहले उमा भारती मध्य प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने वाली संत समाज की पहली महिला थी। सबसे खास बात यह है कि योगी आदित्यनाथ और उमा भारती दोनों भारतीय जनता पार्टी की फायर ब्रांड नेता हैं। दोनों का विश्व हिन्दू परिषद से संबंध है। राममंदिर आंदोलन से दोनेां को जुड़ाव रहा है। योगी आदित्यनाथ नेपाल के हिन्दू राष्ट्र के समर्थक रहे हैं। नेपाल के शाही राजघराने से इनके मधुर संबंध रहे हैं। नेपाल में राजशाही के अंत और लोकतांत्रितक संविधान लागू होने का योगी ने विरोध किया था। नेपाल को लेकर योगी ने ''हिन्दू राष्ट्र नेपाल- अतीत एवं वर्तमान '' नामक किताब भी लिखी है।

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