उत्तर प्रदेश चुनावों में साधुओं के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री को करना चाहिए राम मंदिर का वादा: दास

उत्तर प्रदेश चुनावों में साधुओं के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री को करना चाहिए राम मंदिर का वादा: दासप्रमुख पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि ‘महंत’ और ‘साधु’ भगवान राम को मानते हैं और उनकी एकमात्र इच्छा अयोध्या में भव्य राम मंदिर देखने की है।

अयोध्या (भाषा)। राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवादित स्थल पर बने अस्थायी मंदिर के प्रमुख पुजारी ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के आगामी चुनाव में साधु-महंत BJP का समर्थन तभी करेंगे, जब प्रधानमंत्री मोदी अपने कार्यकाल में अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का वादा करेंगे।

प्रमुख पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि ‘महंत' और ‘साधु' भगवान राम को मानते हैं और उनकी एकमात्र इच्छा अयोध्या में भव्य राम मंदिर देखने की है। उन्होंने कहा, ‘‘मोदी सरकार द्वारा सत्ता संभाले जाने पर हमने उम्मीद की थी कि अब मंदिर बन जाएगा।''

दास ने कहा, ‘‘मोदी को अयोध्या आना चाहिए, हमें गारंटी देनी चाहिए और यह घोषणा करनी चाहिए कि वह अपने कार्यकाल में राम मंदिर का निर्माण करवा देंगे।'' उन्होंने कहा, ‘‘तब हम हिंदुओं को BJP के पक्ष में मतदान करने के लिए एकजुट कर लेंगे क्योंकि उत्तर प्रदेश में ‘महंतों' और ‘साधुओं' के अनुयायी बड़ी संख्या में हैं। यदि हम BJP का समर्थन करते हैं तो वह जरुर जीतेगी।''

दास की इस मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए अयोध्या स्थित रसिक निवास मंदिर के महंत रघुवर शरण ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर आंदोलन के दम पर राजनीतिक लाभ लेने वाली BJP ने यह मुद्दा कभी भी संसद में नहीं उठाया। उन्होंने कहा, ‘‘अयोध्या के मुद्दे पर राजनीतिक उंचाई हासिल करने वाले भाजपाई नेताओं में लाल कृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार और उमा भारती शामिल हैं और ये सभी सांसद हैं।''

शरण ने कहा, ‘‘इन लोगों ने सदन में कभी राम मंदिर का मुद्दा नहीं उठाया। न ही इन्होंने कभी यह मांग की कि प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संसद में प्रस्ताव लाएं।''

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