‘विश्व में हिंदू सबसे कम शिक्षित’

‘विश्व में हिंदू सबसे कम शिक्षित’प्रतीकात्मक फोटो।

वाशिंगटन (भाषा)। ‘प्यू' के एक ताजा अध्ययन में दावा किया गया है कि हाल के दशक में काफी शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल करने के बावजूद दुनिया के बड़े धार्मिक समुदायों में से हिंदुओं की शिक्षा प्राप्ति का स्तर सबसे कम है।

प्यू के मुताबिक हिंदुओं ने हाल के बरसों में ठोस शैक्षणिक प्रगति की है। अध्ययन में सबसे युवा पीढ़ी में हिंदू वयस्क (25 साल या उससे बड़े) लोगों का विश्लेषण किया गया है, जैसे कि पुरानी पीढ़ी के लोगों की तुलना में स्कूलिंग का औसतन 3. 4 साल अधिक होना।

हालांकि, अध्ययन में हिंदुओं की शैक्षणिक प्राप्ति का स्तर किसी भी अन्य बड़े धार्मिक समूह की तुलना में अब तक सबसे कम है, इस मामले में यहूदी शीर्ष पर हैं। वैश्विक स्तर पर औसतन 5. 6 साल की स्कूलिंग है और 41 फीसदी हिंदुओं के पास किसी तरह की औपचारिक शिक्षा नहीं है। 10 में एक के पास माध्यमिक स्तर से ऊपर की डिग्री है।

सभी पीढ़ियों में हिंदू महिलाओं के अधिक शिक्षित होने के बावजूद हिंदुओं में किसी अन्य धार्मिक समूह की तुलना में अब तक सर्वाधिक शैक्षणिक लैंगिक अंतराल है।

प्यू रिसर्च सेंटर द्वारा जारी रिपोर्ट का शीर्षक ‘रिलीजन एंड एजुकेशन अराउंड द वर्ल्ड एट लार्ज' है। यह रिपोर्ट 160 पन्नों की है। इसमें कहा गया है कि यहूदी दुनियाभर में किसी अन्य बड़े धार्मिक समूह की तुलना में अत्यधिक शिक्षित हैं जबकि मुसलमानों और हिंदुओं में औपचारिक स्कूलिंग कुछ ही साल की है। इस सिलसिले में 151 देशों से आंकड़ें जुटाए गए हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनियाभर में मुसलमान महिलाओं में स्कूलिंग का औसत 4. 9 साल है जबकि मुसलमान पुरुषों में यह 6. 4 साल है, वहीं, हिंदू महिलाओं में औपचारिक स्कूलिंग खासतौर पर कम है, जिनकी औसत स्कूलिंग 4. 2 साल है जबकि हिंदु पुरुषों की 6. 9 साल है।

प्यू ने कहा है कि भारत में हिंदुओं की स्कूलिंग का औसत 5. 5 साल, जबकि नेपाल और बांग्लादेश में क्रमश: 3. 9 और 4. 6 साल है। अमेरिका में हिंदुओं की स्कूलिंग का औसत 15. 7 साल जबकि यूरोप में 13. 9 साल है।

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