दुनिया भर के 150 नामी जासूस आ रहे भारत, जानिए क्यों ?

दुनिया भर के 150 नामी जासूस आ रहे भारत, जानिए क्यों ?प्रतीकात्मक फोटो

नई दिल्ली (आईएएनएस)। दुनिया के 50 देशों के 150 नामी जासूस नई दिल्ली में गुरुवार से दुनिया में मौजूद सुरक्षा चुनौतियों पर मंथन करेंगे। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी होगी। इसमें दुनिया के सामने सुरक्षा चुनौतियों के साथ भ्रष्टाचार निरोधक अभियान और साइबर सुरक्षा से बढ़ते खतरों जैसे विषयों पर मंथन किया जाएगा। इसके अलावा भारत से संबंधित अहम मामलों में जैसे काला धन, नकली मुद्रा (फेक करेंसी) जैसे मामलों पर भी चर्चा की जाएगी। यह आयोजन वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ डिटेक्टिवस (डब्ल्यूएडी) के बैनर तले होगा।

वैश्विक चुनौतियों पर होगी चर्चा

डब्ल्यूएडी के अध्यक्ष कुंवर विक्रम सिंह बताते हैं, “इस कार्यक्रम में 150 से ज्यादा पेशेवर वैश्विक जांचकर्ता और जासूस एक साथ इकट्ठाल होंगे और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों व समस्याओं से निपटने के उपायों पर विचार-विमर्श कर इनसे निपटने का मार्ग तय करेंगे।“

कुंवर विक्रम सिंह को चुना जाएगा पहला भारतीय चेयरमैन

कुंवर विक्रम सिंह कौशल विकास मंत्रालय के तहत सिक्यूरिटी सेक्टर स्कील डवलपमेंट काउंसिल (डब्ल्यूएडी) के भी प्रमुख हैं। कुंवर विक्रम सिंह को संगोष्ठी के समापन पर डब्ल्यूएडी के पहले भारतीय चेयरमैन के तौर पर चुना जाएगा। वह इस पद को हासिल करने वाले पहले भारतीय पेशेवर जासूस होंगे।

वैश्विक दक्ष पेशेवर साझा करेंगे विचार

इस संगोष्ठी का उद्घाटन ले. जनरल सेवानिवृत्त राजेंद्र सिंह, भूतपूर्व महानिदेशक आयुध, भारतीय सेना और संयुक्त राष्ट्र शांति सेना के पूर्व कमांडर करेंगे। यहां साइबर सिक्यूरिटी एंड द डार्क वेब, एंटी करप्शन पार्टनरशिप, थ्रेट टू द सिक्यूरिटी इंवायरमेंट एंड रोल ऑफ इंटरपोल, भारत में व्यापार-चुनौती व अवसर जैसे मसलों पर राउंड टेबल चर्चा भी होगी। इस दौरान संबंधित विषय के वैश्विक दक्ष पेशेवर अपने विचार साझा करेंगे।

प्रमुख भारतीय मंत्रियों से हो सकती है मुलाकात

इसके अलावा दुनिया भर के जासूस, निजी जांचकर्ता पेशेवर, प्रमुख भारतीय मंत्रियों और नौकरशाहों से मिलकर भारत के सामने मौजूद खतरे जैसे मानव तस्करी, आतंकवाद, भ्रष्टाचार जैसे मामलों पर चर्चा कर सकते हैं।

इससे पहले 33 साल पहले भारत में हुई थी बैठक

भारत में डब्ल्यूएडी की यह बैठक दूसरी बार हो रहीहै। इससे पहले 33 वर्ष पहले यानि वर्ष 1984 में नई दिल्ली में इसका आयोजन हुआ था। आपको बता दें कि वर्ल्ड एसोसिएशन ऑफ डिटेक्टिवस (डब्ल्यूएडी) अपनी तरह का सबसे बड़ा संस्थान है और इसमें 80 देशों के श्रमजीवी पेशेवर, निजी जासूस, निजी जांचकर्ता, सुरक्षा पेशेवर शामिल हैं।

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